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जनगणना का प्रथम चरण एक मई से, इन 34 बिंदुओं पर भरी जाएगी ऑनलाइन जानकारी

ग्वालियर जिले में भी 01 मई से शुरू होगी प्रथम चरण की जनगणना, प्रथम चरण में मकान सूचीकरण व मकानों की होगी गणना, प्रगणक घर-घर जाकर भरेंगे जानकारी, कलेक्टर एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी ने बैठक लेकर अधिकारियों को दिए दिशा-निर्देश, 34 बिंदुओं में ऑनलाइन भरी जायेगी जानकारी

ग्वालियर मध्य प्रदेश: विश्व के सबसे बड़े प्रशासनिक कार्यों में शामिल भारत की जनगणना की तैयारियां ग्वालियर जिले में भी पूर्ण हो गई हैं। ग्वालियर जिले में भी जनगणना कार्य निदेशालय द्वारा निर्धारित कार्यक्रम के तहत 01 मई से प्रथम चरण की जनगणना का काम शुरू होगा। प्रथम चरण में 01 से 30 मई तक मकान सूचीकरण एवं मकान गणना का कार्य किया जायेगा। कलेक्टर एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी श्रीमती रुचिका चौहान ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट में संबंधित अधिकारियों की बैठक लेकर जनगणना के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
कलेक्टर श्रीमती चौहान ने कहा कि देश में पहली बार डिजिटल रूप से जनगणना होने जा रही है। इसलिये जनगणना के लिये तैनात किए गए प्रगणकों की सभी संख्याओं का समाधान करें, जिससे वे सही-सही जानकारी ऑनलाइन पोर्टल पर भर सकें। उन्होंने कहा कि सभी चार्ज अधिकारी अपने-अपने प्रगणक व सुपरवाइजर के सतत संपर्क में रहें और प्रतिदिन कम से कम 10 मिनट गूगल मीट के जरिए उनसे संवाद कर शंकाओं का समाधान करें। साथ ही दिशा-निर्देशों की जानकारी दें। उन्होंने कहा एचएलबीसी पोर्टल पर किसी भी प्रकार की ओवरलेपिंग नहीं होना चाहिए तथा सभी प्रविष्टियां पूर्ण एवं सटीक भरी जाएं। एचएलबीसी पोर्टल पर दर्शायी गई सीमाओं में विसंगति होने पर वास्तविक भौगोलिक सीमाओं के आधार पर एचएलबी (हाउसलिस्टिंग ब्लॉक) का निर्धारण किया जाए।

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साथ ही देश में पहली बार स्व-गणना का अवसर भी लोगों को दिया गया है। जिसके तहत कोई भी व्यक्ति एसई वेब पोर्टल के माध्यम से निर्धारित प्रपत्र में जनगणना संबंधी 34 बिंदुओं में अपनी जानकारी स्वयं भर सकेंगे। जनगणना की तैयारियों के सिलसिले में मंगलवार को कलेक्टर एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी श्रीमती रुचिका चौहान की अध्यक्षता में बाल भवन में जिला जनगणना समन्वय समिति की बैठक आयोजित हुई। साथ ही जनगणना कार्य में संलग्न किए गए ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र के समस्त चार्ज व सहचार्ज अधिकारियों (तहसीलदार व नायब तहसीलदार इत्यादि) को प्रशिक्षित किया गया।
कलेक्टर श्रीमती चौहान ने अधिकारियों से कहा कि पूरी गंभीरता व मुस्तैदी के साथ इस संवैधानिक दायित्व का निर्वहन करें। उन्होंने कहा कि गर्मी के मौसम को ध्यान में रखकर प्रगणक गमछा, पानी व ओआरएस इत्यादि लेकर साथ में जाएं। जनगणना संबंधी जानकारी स्मार्ट फोन के जरिए अपलोड करने में प्रगणकगण, वॉलेन्टियर्स या अपने परिजन की मदद ले सकते हैं।
बैठक में नगर निगम आयुक्त एवं ग्वालियर शहर के प्रमुख जनगणना अधिकारी श्री संघ प्रिय, जिला जनगणना अधिकारी श्री अनिल बनवारिया व अपर आयुक्त नगर निगम श्री मुनीष सिकरवार सहित जनगणना के लिये तैनात किए गए चार्ज अधिकारी मौजूद थे।

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प्रथम चरण में मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना 

कलेक्टर एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी श्रीमती रुचिका चौहान ने बताया कि भारत के महारजिस्ट्रार एवं जनगणना आयुक्त कार्यालय द्वारा निर्धारित कार्यक्रम के तहत ग्वालियर जिले में भी दो चरणों में जनगणना होगी। प्रथम चरण में मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना (एचएलओ) कार्य मध्यप्रदेश में 01 मई से 30 मई 2026 तक किया जायेगा। इस चरण का उद्देश्य द्वितीय चरण अर्थात जनसंख्या गणना के लिये मास्टर फ्रेम तैयार करना है। जनगणना के द्वितीय चरण का काम फरवरी 2027 में होगा। देश के बर्फीले क्षेत्रों में सितम्बर 2026 में द्वितीय चरण की गणना होगी। 

जिलेवासियों से की अपील बेझिझक दें सही-सही जानकारी, पूरी तरह रहेगी गोपनीय

कलेक्टर एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी श्रीमती रुचिका चौहान ने जिलेवासियों से भी अपील की कि जनगणना के लिये आने वाले प्रगणकों को बेझिझक सही-सही जानकारी दें। आपके द्वारा दी गई जानकारी पूर्णत: गोपनीय रहेगी। साथ ही ऐसा स्पष्ट प्रावधान है कि आपके द्वारा दी गई जानकारी का उपयोग साक्ष्य के रूप में स्वीकार नहीं होगा। कलेक्टर ने कहा कि जनगणना के आंकड़े कल्याणकारी योजनाओं, संसाधनों के वितरण तथा निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन कार्य के लिये आधार बनते हैं। 

पूरी तरह संवैधानिक है जनगणना का कार्य

जनगणना का कार्य पूरी तरह संवैधानिक है। भारतीय संविधान में 32 बार जनगणना का उल्लेख आया है। साथ ही संविधान के अनुच्छेद-246, जनगणना अधिनियम 1948 व जनगणना नियम 1990 के तहत जनगणना का कार्य किया जा रहा है। ज्ञात हो भारत की जनगणना अपनी समृद्ध परंपरा के कारण विश्व की सर्वश्रेष्ठ जनगणनाओं में से एक मानी जाती है। भारत में प्रथम जनगणना वर्ष 1872 में देश के विभिन्न भागों में अलग-अलग हुई थी। वर्ष 1881 में पहली बार सम्पूर्ण देश में एक साथ जनगणना कराई गई। इसके बाद हर 10 वर्ष के अंतराल से वर्ष 2011 तक जनगणना होती रही। कोविड-19 महामारी के कारण वर्ष 2021 में नियमित कार्यक्रम के अनुसार नहीं हो सकी। अब भारत की जनगणना – 2027 होने जा रही है। वर्ष 1872 से अब तक की यह 16वी तथा स्वतंत्रता के बाद की 8वी जनगणना होने जा रही है। 

प्रगणक करेंगे डाटा संग्रहण व स्व-गणना का सत्यापन, डाटा की बहुस्तरीय जाँच होगी

जनगणना कार्यक्रम के तहत प्रगणक घर-घर जाकर “Census 2027-HLO” मोबाइल एप का उपयोग कर डिजिटल डाटा संग्रह करेंगे। साथ ही लोगों द्वारा पोर्टल पर स्व-गणना के तहत भरी गई जानकारी का सत्यापन भी करेंगे। दोनों तरह से प्राप्त डाटा की बहुस्तरीय जाँच होगी। पहले यह कार्य पर्यवेक्षकों द्वारा किया जायेगा। साथ ही चार्ज अधिकारी भी मैदान में जाकर पुन: सत्यापन कर त्रुटियां ठीक करायेंगे। 

जनगणना के प्रथम चरण में 34 बिंदुओं की जानकारी संकलित होगी

जनगणना के प्रथम चरण में मकान सूचीकरण एवं मकान गणना का काम किया जायेगा। जिसमें 34 बिंदुओं में जानकारी संकलित होगी। इसमें भवन व मकान नम्बर सहित मकान की स्थिति, परिवार क्रमांक, परिवार के मुखिया का नाम, लिंग, मकान किराए का है अथवा स्वयं का, कमरों की संख्या, परिवार के विवाहित दम्पत्तियों की संख्या, पेयजल के मुख्य स्त्रोत, पेयजल स्त्रोतों की उपलब्धता, प्रकाश का मुख्य स्त्रोत, शौचालय की सुगमता, शौचालय का प्रकार, गंदे पानी की निकासी की व्यवस्था, परिसर के अंदर स्नान की सुविधा, रसोई घर व एलपीजी-पीएनजी कनेक्शन, खाना पकाने के लिये प्रयुक्त मुख्य ईंधन, रेडियो/ट्रांजिस्टर व टेलीविजन की उपलब्धता, इंटरनेट सुविधा, लेपटॉप/कम्प्यूटर की उपलब्धता, टेलीफोन, मोबाइल फोन व स्मार्ट फोन इत्यादि की उपलब्धता, साइकिल, स्कूटर, मोटरसाइकिल, मोपेड, कार, जीप व वैन, परिवार द्वारा उपयोग में लाए जाने वाले अनाज, मसलन चावल, गेहूं, ज्वार, बाजरा, मक्का व अन्य खाद्यान्न एवं मोबाइल फोन इत्यादि जानकारी शामिल है। 

जिले में लगभग 6 हजार अधिकारी-कर्मचारी करेंगे जनगणना

ग्वालियर जिले में कलेक्टर एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी श्रीमती रुचिका चौहान के नेतृत्व में लगभग 6 हजार अधिकारी-कर्मचारी जनगणना-2027 के कार्य को अंजाम देंगे। इनमें लगभग 5 हजार प्रगणक व 829 पर्यवेक्षक, 41 चार्ज अधिकारी, 42 फील्ड ट्रेनर्स, 4 मास्टर ट्रेनर्स व 9 जिला स्तरीय अधिकारी शामिल हैं। शहरी क्षेत्र में नगर निगम आयुक्त प्रमुख जनगणना अधिकारी का दायित्व निभा रहे हैं। इसी तरह ग्रामीण क्षेत्र में जिला पंचायत के सीईओ यह जिम्मेदारी निभायेंगे। प्रथम चरण में प्रगणक घर-घर जाकर मकान सूचीकरण व मकानों की गणना का कार्य करेंगे। साथ ही लोगों द्वारा स्वत: ही मोबाइल एप पर 34 बिंदुओं में भरी गई जानकारी की जांच कर सत्यापन भी करेंगे। ज्ञात हो जनगणना – 2027 के लिये ग्वालियर जिले में जिन्हें प्रशासनिक इकाई माना गया है, उनमें 10 तहसील, 10 नगर व 589 गाँव शामिल हैं।

Gajendra Ingle
Gajendra Inglehttp://theinglespost.com
The author is founder Editor of this news portal. He has long experience of journalism. He has deep expertise on political and social issues.
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