डिजिटल डेस्क हैदराबाद: आंध्र प्रदेश के जिन गांवों में कुत्ते दिन रात भौंक भोगकर लोगों को परेशान करते थे और साथ ही उनको चेतावनी भी देते थे उन गांव में अब एक हैरान करने वाली घटना सामने आई है कि इन कुत्तों को जेहर देकर मार दिया गया है। आंध्र प्रदेश के छह जिलों के बारह से ज़्यादा गांव पूरी तरह से कुत्ताविहीन हो चुके हैं क्योंकि यहां पर अब तक सोलह सौ कुत्तों को मारे जाने का दावा किया जा रहा है। शुरूआत में एक हाथ गांव से इस तरह की घटना आई थी और मारे गए कुत्तों की संख्या कम थी लेकिन अब लगातार इस तरह के मामले बढ़ रहे हैं और कुत्तों से मुक्ति पाने के लिए कई गांवों में कुत्तों को मार दिया गया है।
आपको बता दें कि इस समय पूरे देश में ही कुत्तों के काटने से होने वाली घटनाओं को लेकर बहस छिड़ी हुई है। सुप्रीम कोर्ट ने भी मध्यस्थता कर के काटने के मामलों पर गंभीर टिप्पणी करते हुए निर्देशित किया है। कई जगह पर कुत्तों को रेबीज मुक्त करने के प्रयास किए जा रहे हैं तो कई जगह कुत्तों के लिए शेल्टर होम बनाए जा रहे हैं जिससे कि आवारा कुत्तों से आम जन को सुरक्षित रखा जा सके। इन सभी के बीच हैदराबाद के इन जिलों में कुत्तों से सुरक्षा के लिए कुत्तों को ही मार देने का जो तरीका अपनाया गया है वह हैरान करने वाला है और इसकी चर्चा हर तरफ हो रही है।
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गाँव में कुत्तों के काटने की घटनाएं बढ़ रही थीं। इसे देखते हुए सरपंच चुनाव में यह मुद्दा बड़े रूप में उठने लगा और कई जनप्रतिनिधियों ने कुत्ता मुक्त गाँव बनाने का वादा तक अपने मतदाताओं को कर दिया और ऐसा वादा करने के बाद कई गाँव पूरी तरह से कुत्ताविहीन हो गए। वहाँ एक भी कुत्ता देखने को नहीं मिला और बाद में गाँव के बाहर ही सामूहिक क्रब मिली और यह देखा गया कि कुत्तों को मार कर वहाँ दफना दिया गया है। आंध्र प्रदेश में सरपंच चुनाव को देखते हुए कुत्ता मुक्त बनाने का जो यह तरीका अपनाया गया उसकी चर्चाएँ सब तरफ हो रही हैं।
क्रूरता निवारण सहायक स्ट्रे एनिमल फाउंडेशन ऑफ़ इंडिया के एक पदाधिकारी मुदावत प्रीति ने यह बताया कि जहरीले इंजेक्शन का दुरुपयोग इंसानों के लिए गंभीर स्वास्थ्य संकट बन सकता है। पुलिस ने सभी कुत्तों के शव बरामद नहीं किए हैं जो बरामद किए हैं। वास्तविक संख्या से कम हैं इस संगठन ने राज्य सरकार से कुत्तों की हत्या के इस मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की है। इस घटना के बाद यह सवाल भी खड़ा हो रहा है कि नेता सरपंच का चुनाव जीतने के लिए कितने निर्दयी हो सकते हैं?
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