ग्वालियर मध्य प्रदेश : ऑनलाइन गेम का एडिक्शन किस तरह आज के युवाओं पर हावी है और कई नाबालिग बच्चे भी किस तरह इसका शिकार हो के अपराध के रास्ते पर चल पड़े हैं। इसके तमाम मामले कहीं न कहीं से सामने आते रहते हैं और ऐसा ही एक चौंकाने वाला मामला अब ग्वालियर से सामने आया है। जहां एक नाबालिग बालक ने पहले तो ऑनलाइन गेमिंग की लत के चलते लाखों रुपये गंवा दिए और फिर जब कर्ज में डूब गया तो कर्ज चुकाने के लिए खुद के ही अपहरण की साजिश रच डाली।हैरान करने वाली बात यह है कि यह नाबालिग बालक एक पुलिसकर्मी का बेटा है।
ऑनलाइन गेमिंग ने किशोर उम्र के बच्चों को जुए की ऐसी लत लगाई है कि वह अनजाने में ही लाखों के कर्जदार बन गए हैं और अपने इस कर्ज को उतारने के लिए वो टीवी और क्राइम पेट्रोल जैसे धारावाहिकों से सीख लेकर हीनियस क्राइम को गढ़ने में भी पीछे नहीं हट रहे हैं। माधौगंज थाना क्षेत्र में सामने आया है जहां पुलिस कर्मी के नाबालिग बेटे ने अपने ऊपर चढ़े आठ लाख के कर्ज को उतारने के लिए अपहरण का झूठा नाटक किया.पिता पुलिसकर्मी भिंड में पदस्थ हैं और जल्द ही रिटायर होने वाले हैं. किशोर को मालूम था कि पिता को रिटायरमेंट पर अच्छा खासा पैसा मिलने वाला है।
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नाबालिग के दिमाग में खुराफात सूझी और उसने अपने ही अपहरण का नाटक कर घर वालों को हैरत में डाल दिया. लेकिन वह नया खिलाड़ी था उसने जिस मोबाइल नंबर से अपने पिता को रैंसम कॉल करवाया था वह उसकी मां के नाम था।यही से पुलिस को शक हुआ बाद में अपनी बहन के घर यह लड़का पुलिस को दूसरे दिन सकुशल मिल गया। उसने बताया कि ब्रेजा कार में चार लोगों ने उसे अगवा किया था और उसकी मां की सिम से उसके घर वालों को फोन किया था लेकिन जब पुलिस ने मोबाइल के आईईएमआई नंबर से इस बात की तस्दीक की तो बात झूठी निकली. इसके बाद किशोर ने जहां बदमाशों द्वारा उसे घुमाए जाना बताया था वहां लगे सीसीटीवी कैमरों में भी कोई ऐसी संदिग्ध गतिविधि नजर नहीं आई. कड़ाई से पूछताछ की गई तब उसने बताया कि वह ऑनलाइन गेमिंग में लाखों रुपए हार चुका था इससे उबरने के लिए उसने अपने अपहरण का नाटक रचा था।
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