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सीवर समस्या के आगे लाचार सिस्टम और सीएम हेल्पलाइन पर समस्याओं का अंबार

केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया द्वारा ली गई समीक्षा बैठक में सीवर लाइन डैमेज की जो रिपोर्ट पेश की गई है वह चौंकाने वाली है और सा बता रही है कि शहर का सीवर सिस्टम ध्वस्त होने की कगार पर है।इस रिपोर्ट में 272 जगह पर सीवर लाइन डैमेज होना बताया गया है

ग्वालियर मध्य प्रदेश: पूरे शहर में सीवर की समस्या दिन प्रतिदिन विकराल रूप लेती जा रही है।ऐसा शायद कोई क्षेत्र होगा जहाँ सीवर उफान पर न हो और इस क्षेत्र के रहवासी सीवर की गंदगी और बदबू से परेशान न हो। जिस तरह से लगातार सीवर चौक होने की समस्याएं बढ़ रही हैं वह साफ बताती हैं कि या तो शहर का सीवर सिस्टम फेल हो चुका है या आने वाले समय में पूरी तरह फेल हो जाएगा। सीवर की समस्या कितना विकराल रूप ले चुकी है इस बात का प्रमाण है सीवर से संबंधित शिकायतें जो आमजन हर रोज करते हैं। रोज लगभग 90 शिकायतें सीवर से संबंधित ही पहुँच रही है। जिनका निदान करने के लिए जिम्मेदारों के पसीने छूट रहे हैं।

ग्वालियर नगर निगम सीमा में 66 वार्ड आते हैं। इन 66 वार्ड में एक भी वार्ड ऐसा नहीं है जो सीवर समस्या से मुक्त हो। सीवर की समस्या इतना विकराल रूप ले चुकी है कि जब जिम्मेदार इसका समाधान नहीं करते तो लोग सीएम हेल्पलाइन की मदद ले रहे हैं। सीएम हेल्पलाइन पर प्रतिदिन 90 के आस-पास शिकायतें सीवर से संबंधित प्राप्त हो रही हैं। इस समय लगभग बारह सौ से अधिक शिकायतें सीवर से संबंधित ही सीएम हेल्पलाइन पर पेंडिंग हैं। शिकायतों का यह अंबार शाह बता रहा है के शहर में सीवर बहुत बदतर हालात में हैं और कई क्षेत्रों के आमजन सीवर की समस्या से जूझ रहे हैं हालांकि जिन जगह पर सीवर संधारण का कार्य हुआ है उन्हें गिनाकर जिम्मेदार कार्य होने का दावा भी कर रहे हैं।

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अभी हाल ही में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया द्वारा ली गई समीक्षा बैठक में सीवर लाइन डैमेज की जो रिपोर्ट पेश की गई है वह चौंकाने वाली है और सा बता रही है कि शहर का सीवर सिस्टम ध्वस्त होने की कगार पर है।इस रिपोर्ट में दो सौ बहत्तर जगह पर सीवर लाइन डैमेज होना बताया गया है जिसमें चौहत्तर जगह पर तो इसे पूरी तरह से क्षतिग्रस्त बताया गया है। जब समीक्षा बैठक में पेश की गई रिपोर्ट में यह आंकड़े हैं तो जमीनी हकीकत क्या होगी इसका अंदाजा आप लगा सकते हैं। इस मामले में पीएचई के कार्यपालन यंत्री संजीव गुप्ता का कहना है कि हर महीने सीवर की एक हजार के लगभग शिकायतें आती हैं जिनके निराकरण का हर प्रयास विभाग द्वारा किया जाता है।

सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज इन शिकायतों का अंबार साफ गवाही दे रहा है कि ग्वालियर शहर के लोग सीवर सिस्टम की खस्ताहाल से परेशान हैं। सीवर की समस्या इतनी गंभीर है कि हर समीक्षा बैठक में इसको शामिल किया जाता है।इसी महीने भारत सिंह कुशवाह द्वारा ली गई बैठक में भी सीवर की समस्या को गंभीरता से लिया गया था लेकिन इसके बावजूद जमीनी स्तर पर इस समस्या में बहुत ज्यादा सुधार नहीं हुआ है। सीवर समस्या ने विभाग भी एक तकनीकी खामी बताता है क्योंकि शहर के एक बड़े क्षेत्र में मौजूद सीवर नेटवर्क को विभाग अंडरसाइज मानता है।मतलब यहां आबादी बहुत ज्यादा है और उसके अनुसार सीवर की माप बहुत कम है। अब यदि यह हकीकत है तो आप समझ सकते हैं कि आने वाले समय में आबादी और बढ़ेगी और उसका बोझ शायद वर्तमान सीवर सिस्टम न झेल पाए और पूरी तरह ध्वस्त हो जाए। 

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Gajendra Ingle
Gajendra Inglehttp://theinglespost.com
The author is founder Editor of this news portal. He has long experience of journalism. He has deep expertise on political and social issues.
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