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पीताम्बरा पीठ दतिया निर्माणाधीन मुख्य द्वार के पिलर ढह गए, एक और धर्मस्थली पर घटिया निर्माण

बुधवार रात को लगभग 8 बजे इस निर्माणाधीन मुख्य द्वार के 8 पिलर भरभराकर गिर गए जिस समय पिलर गिरे। मंदिर परिसर में संध्या आरती चल रही थी। वहाँ लोग मौजूद थे।जोर से धमाके जैसी आवाज हुई जिससे लोग डर गए

दतिया मध्य प्रदेश: दतिया के विश्वप्रसिद्ध मापीताम्बरा पीठ मंदिर परिसर में निर्माण कार्य चल रहा है। यहाँ मुख्य द्वार का निर्माण 100000000 की लागत से किया जा रहा है लेकिन निर्माण कार्य पूर्ण होने से पहले ही इसके घटिया होने के सबूत सामने आ गए हैं। बुधवार रात को लगभग 8 बजे इस निर्माणाधीन मुख्य द्वार के 8 पिलर भरभराकर गिर गए जिस समय पिलर गिरे। मंदिर परिसर में संध्या आरती चल रही थी। वहाँ लोग मौजूद थे।जोर से धमाके जैसी आवाज हुई जिससे लोग डर गए।देखा तो बारह पिलर में से आठ पूरी तरह ढह चुके थे।

यह पहला मामला नहीं है जब मध्यप्रदेश के किसी मंदिर में घटिया निर्माण की पोल खुली हो। उज्जैन स्थित महाकालेश्वर मंदिर में निर्मित महाकाल लोक की घटिया मूर्तियाँ भी थोड़ी सी हवा में टूटकर गिर गई थी। उस समय भी निर्माण में भ्रष्टाचार की पोल खुली थी हालांकि बाद में निर्माण कंपनी पर बहुत बड़ी कोई कार्रवाई नहीं हुई। दतिया में भी मुख्य प्रवेश द्वार दो हजार इक्कीस में उस समय भरभरा कर गिर गया था जब एक ट्रैक्टर ट्रॉली इस द्वार से टकरा गई थी। और अब एक बार फिर दतिया में पीतांबरा पीठ मंदिर के मुख्य द्वार के पिलर ढह जाने से निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवालिया निशान लग रहे हैं।

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आपको बता दें कि पीताम्बरा पीठ के मुख्य द्वार का निर्माण कार्य एक साल से चल रहा है। बुधवार को हुए हादसे ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता और निगरानी के अलावा पिलर में निर्माण संबंधित तकनीक खामियां और डिजाइन में त्रुटि और निर्माण सामग्री की क्वालिटी पर भी सवाल खड़े किए हैं। पिलर गिरने की इस घटना के बाद संबंधित विभाग के अधिकारी और ठेकेदार भी घटना स्थल पर पहुंचे और उन्होंने जांच की बात कही। गनीमत यह रही कि इस निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा की दृष्टि से चारों तरफ से इसे कवर किया गया है ताकि श्रद्धालुओं का आगमन इस क्षेत्र से न हो सके और यही वजह रही कि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई। 

आपको बता दें कि मंदिर के सौंदर्यीकरण के तहत दो मुख्य द्वार बनाए जा रहे हैं। और इन मुख्य द्वारों के निर्माण की लागत दस करोड़ रुपये बताई जा रही है।दस करोड़ रुपये खर्च होने के बाद भी किस तरह से घटिया और त्रुटिपूर्ण निर्माण किया जा रहा है। उसका खुलासा इस घटना से हो चुका है। अब देखना होगा कि इस घटना के बाद क्या कमी जांच एजेंसियां बताती हैं और दोषियों पर क्या कार्रवाई होती है। हालांकि पिलर गिरने की इस घटना के बाद मंदिर व्यवस्था पख चेत गए हैं और वह कार्रवाई की बात कर रहे हैं ताकि आगे कोई कमी न रह जाए और कोई दुर्घटना न हो। 

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Gajendra Ingle
Gajendra Inglehttp://theinglespost.com
The author is founder Editor of this news portal. He has long experience of journalism. He has deep expertise on political and social issues.
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