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प्रेम विवाह की तालिबानी सज़ा मौत, प्रशासन सुस्त नशा मुक्ति केन्द्र मस्त, झुलेलाल महोत्सव का समापन आज, गणेश प्रतिमाओं का नियम विरुद्ध निर्माण

Gwalior top news of 25 August 2025; ग्वालियर की आज की कुछ खास खबरें...

Gwalior top news of 25 August 2025; ग्वालियर की आज की कुछ खास खबरें…

एक प्रेमी युगल को प्रेम विवाह करना इतना भारी पड गया कि एक साल बाद जब वे अपने गाँव पहुंचे तो लड़की के घरवालों ने उसी। के सामने उसके पति की इतनी पिटाई की के पति की मौत हो गई। यह पूरी घटना 19 अगस्त के रात की है जब लाठी डंडों से दामाद को घेरकर पीटा गया। बेलगढ़ा थाना क्षेत्र के हरसी निवासी ओम प्रकाश बाथम ने एक साल पहले शिवानी झा। से घर से भाग कर प्रेम विवाह किया था और वह डबरा और शिवपुरी। में रहकर मजदूरी करके गुजारा कर रहा था। उसे लगा के एक साल बाद सब कुछ सामान्य हो गया होगा इसलिए वह गांव वापस पहुंचा लेकिन वहाँ यह घटना हो गई। ओमप्रकाश की मौत के बाद गाँव में तनाव है। उसके परिजन आक्रोशित हैं।हालांकि लड़की की शिकायत पर लड़की के ही पिता और परिजनों पर एफआईआर दर्ज हो गई है।

नशा मुक्ति केन्द्र में दो मौत होने के बाद भी जिला प्रशासन इन। केंद्रों की जांच में गंभीरता नहीं दिखा रहा है। संस्कार मुक्ति। केंद्र में बैंक अधिकारी पंकज शर्मा की मौत के मामले में दोनों आरोपी विशाल कांकर और हर्ष शिंदे अभी फरार है। सरकारी आंकड़ों की मानें तो ग्वालियर में बीस नशा मुक्ति केंद्र संचालित है जिसमें से बारह अवैध है और जो अन्य चल रहे हैं उसमें भी कितना काम नियमानुसार चल रहा है इस बारे में प्रशासन पर कोई जानकारी नहीं है। एसडीएम स्तर पर जांच टीम बनाई गई है लेकिन इसके बावजूद कोई बड़ी कार्रवाई होती नजर नहीं आ रही है। नशा मुक्ति केंद्र प्रशासनिक अनदेखी के चलते मौत के केंद्र बन चुके हैं। 

सातऊं की बेशकीमती जमीन के मामले में एक बार फिर शासन द्वारा पक्ष न रखने के चलते कोर्ट। ने पक्षकार के पक्ष में इस्तीफे दे दिया है शासकीय अधिवक्ता की ओर से पक्ष ही पेश नहीं किया गया। ग्राम सातों में पटवारी हल्का नंबर 73 राजस्व निरीक्षक मंडल 3 घाटी गाँव में एक बीघा जमीन है। इस जमीन को 2013 में क्रय किया था। यह जमीन करतार सिंह से ली थी वादी। ने अपने आवेदन में बताया है विवाद गृत भूमि पर प्रतिवादी गण। मध्य प्रदेश शासन द्वारा कलेक्टर तहसीलदार आपस में सांठगांठ करते हुए वादी। को अवैध और बल पूर्वक बेदखल करना चाहते हैं। इस मामले में प्रतिवादी गण एक पक्षीय होने से उनकी ओर से जवाब अभिलेख प्रस्तुत नहीं हुआ कोर्ट ने परिस्थितियों के आधार पर मामला वादी के पक्ष में होना पाया। 

40 दिवसीय झूले लाल महोत्सव का समापन आज 25 अगस्त को शाम को होगा। इसमें चल समारोह और प्रतिमाओं का विसर्जन होगा। यह चल समारोह माधवगंज मंदिर से तीन बजे शुरू होगा तो दूसरा चल समारोह दानावली मंदिर से शाम सात बजे निकलेगा। इस चल समारोह में सिंध से आई पवित्र ज्योति झांकी लगाई जाएगी। चल समारोह रॉक सी चिटनिस की गोट गणेश बाज़ार दाना ओली मोर। बाज़ार जीवाजी चौक दर्जी ओली लाला। का बाजार होते हुए गुजरेंगे। दोनों चल समारोह शाम को महाराज बाड़ा पहुंचेंगे। महाराज बाड़े पर आकर्षक विद्युत सजावट और आतिशबाजी की जाएगी। 

मुरहार ज़िला अस्पताल तमाम सुविधाओं के बावजूद रेफरल सेन्टर बन कर रह गया है। यहां से ज्यादातर मरीजों को जे आरोग्य अस्पताल रेफर कर दिया जाता है जिसके चलते मरीज के परिजनों और स्टाफ में विवाद भी होता है। इस विवाद से निपटने के लिए अब अस्पताल प्रबंधन पुलिस बल। की मांग कर रहा है। सिविल सर्जन आर के शर्मा ने पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह को पत्र लिखकर अस्पताल में पुलिस उपलब्ध कराने का आग्रह किया है। उनका तर्क है कि पुलिस बल तैनात रहेगा। तो डॉक्टर बिना भय के गंभीर मरीजों का इलाज आसानी से कर सकेंगे और अनावश्यक रेफरल की नौबत नहीं आएगी। पुलिस की मांग करके सिविल सर्जन ने अपनी नाकामियों को छुपाने का प्रयास किया है। क्योंकि वह अस्पताल में व्यवस्थाएं बनाए रखने के लिए पूरी तरह असफल साबित हो चुके हैं। 

थाटीपुर थाना क्षेत्र के सुरेश नगर में पूजा परिहार की संदिग्ध मौत के बाद ससुराल में पहुंचकर उसके मायके वालों ने जमकर हंगामा किया। मायके पक्ष ने ससुराल पक्ष पर हत्या का आरोप लगाया है और पोस्टमार्टम कराने से भी इनकार कर दिया। विवाद इतना बढ़ गया कि मार्केट पक्ष के लोगों ने पूजा परिहार की सास के साथ मारपीट कर दी। मामले का सीसीटीवी फुटेज भी पुलिस तक पहुंचा है जिसमें सास। मीना परिहार को घर के अंदर से घसीटते हुए और सड़क पर पटक कर मारते हुए पूजा के परिजन देखे जा रहे हैं। पुलिस की समझाइश के बाद हालांकि मामला शांत हो गया। तब जाकर पूजा के शव का पोस्टमार्टम हुआ। 

गणेश प्रतिमाओं की ऊँचाई पर प्रशासनिक तय सीमा के आदेश के बावजूद शहर में अधिक ऊंचाई की प्रतिमाएं बन चुकी हैं। जीवाजीगंज स्थित मूर्ति निर्माता ने तीन ऐसी मूर्तियां बना दी हैं जो बीस फिट के आसपास या उससे भी अधिक ऊंचाई की हैं। पिछले साल खल्लासीपुरा में स्थापित गणेशजी की प्रतिमा विसर्जन के लिए ले जाते वक्त गिर गई थी और एक बड़ा हादसा हो गया था जिसके बाद प्रशासन ने आदेश जारी किया था और मूर्तियों की ऊंचाई बारह फीट तय कर दी थी। अब मूर्ति निर्माताओं ने इतनी ज्यादा ऊंचाई की मूर्तियाँ कैसे बना लें प्रशासन? तो इसकी जानकारी क्यों नहीं मिली? यह एक बड़ा प्रश्न है। अब देखना होगा यह मूर्तियां प्रशासन के आदेश के विरुद्ध स्थापित भी होती हैं या प्रशासन इन पर कोई रोक लगाता है। 

Gajendra Ingle
Gajendra Inglehttp://theinglespost.com
The author is founder Editor of this news portal. He has long experience of journalism. He has deep expertise on political and social issues.
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