भोपाल मध्य प्रदेश: राजधानी के ईंटखेड़ी थाना क्षेत्र के जगदीशपुर की अवैध कॉलोनी के एक मकान में पकड़ी एमडी ड्रग्स की फैक्ट्री पकड़ी गयी। यह फैक्ट्री मादक पदार्थों का अंतरराष्ट्रीय तस्कर सलीम डोला चलवा रहा था। सलीम डोला पाकिस्तान में छिपे भारत के मोस्ट वांटेड आतंकी दाउद इब्राहिम का गुर्गा रह चुका है। सलीम डोला को इंटरपोल की मदद से इस साल जून महीने में ही भारत की सुरक्षा एजेंसियां दुबई से प्रत्यर्पण संधि के तहत भारत लाई हैं और उससे पूछताछ की जा रही है। वह वर्षों से दुबई में रहकर भारत में मादक पदार्थों के नेटवर्क को संचालित कर रहा था। यह हैरान करने वाली बात यह है ही अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर इतना बड़ा ड्रग माफिया भोपाल में अपनी जड़ें सालों से बनाए हुए हैं और यहां के प्रशासन को इसकी खबर तक नहीं हुई।
तीन दिन पूर्व जगदीशपुर में डीआरई ने एक अवैध कॉलोनी के मकान में छापा मारकर 92 करोड़ की 61 किलोग्राम एमडी ड्रग्स जब्त की थी। साथ ही 542 किलोग्राम कच्चा माल जब्त किया गया था, जिससे एमडी ड्रग्स बनाए जाने की अवैध फैक्ट्री चल रही थी। भोपाल में पनप रहे ड्रग के जाल के पीछे दाऊद इब्राहिम और उसके गुर्गे। का हाथ है इस बात का खुलासा तब हुआ जब कुछ माह पहले अशरफ नाम के एक व्यक्ति को रासायनिक पदार्थों का परिवहन करते हुए खुफिया एजेंसियों ने पकड़ा था। जिस रासायनिक पदार्थ को अशरफ के पास से जब्त किया गया था, उसका उपयोग एमडी ड्रग्स बनाने में किया जाता है। इसके बाद खुफिया एजेंसियां कड़ियां जोड़ती गईं और दो दिन पहले राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) की टीम ने जगदीशपुर में अवैध फैक्ट्री का खुलासा कर दिया। और फिर परत लिंक जुड़ती गई और चौंकाने वाली हकीकत सामने आती गई।
निदेशालय की जांच में अशरफ ने खुलासा किया था कि उसे यह माल ट्रांसपोर्टर अजहरूद्दीन इदरीस की मदद से मिलता है। इदरीस भिवंडी से भोपाल में कच्चे माल को पहुंचाता था। जगदीशपुर के पास मुल्ला कॉलोनी में रज्जाक खान ने मकान तीन महीने पहले ही खरीदा था। रज्जाक खान मूल रूप से विदिशा जिले का रहने वाला है। यह मकान उसने अब्दुल फैसल कुरैशी की मदद से खरीदा था। अभी तक की पूछताछ में खुलासा हुआ है कि भोपाल में एमडी ड्रग्स की जो फैक्ट्री पकड़ी गई है, उसे सलीम डोला का गिरोह ही चलवा रहा था। सलीम डोला देश के कई राज्यों में इस तरह के अवैध मादक पदार्थों को बनाने, उसकी तस्करी का नेटवर्क वर्षों से संचालित कर रहा है।

डीआरआई ने अशरफ और अजहरूद्दीन को पकड़ने के बाद पूछताछ की तो ट्रांसपोर्टर अजहरूद्दीन इदसीर ने खुलासा किया कि वह मुंबई निवासी प्रशांत थोराट से कच्चा माल और रासायनिक पदार्थ अपने दोस्त वीरन शाह की मदद से पहुंचाता था। प्रशांत थोराट और वीरन शाह अच्छे दोस्त हैं। उन्हें इसके लिए पूरा पैसा हवाला के जरिए मिलता था। हवाला का नेटवर्क अंजली राजपूत नाम की महिला सूरत से चलाती है। यही रासायनिक पदार्थों और एमडी ड्रग्स बनाने के लिए उपयोग में आने वाली मशीनों और कच्चे माल की खरीदी के लिए पैसे पहुंचाती थी। अंजली के एजेंट पैसे लेकर लोगों के पास जाते थे।
इस पूरे गिरोह को भारत में सलीम डोला संचालित कर रहा था। सलीम डोला की भारत की एजेंसियों को वर्षों से तलाशी थी। उसे केंद्रीय जांच ब्यूरो ने नवंबर 2024 में अवांछित घोषित किया था। इसके बाद उसके प्रत्यर्पण को लेकर दुबई से कई दौर की वार्ता हुई। दुबई से भारत की प्रत्यर्पण संधि होने के कारण सलीम डोला को इस साल जून में भारत लाया गया है। सलीम डोला के पकड़े जाने के बाद से उसका बेटा इस गिरोह का संचालित कर रहा है। हालांकि, बेटे के संबंध में खुफिया एजेंसियां जानकारी जुटा रही हैं। सूत्रों की मानें तो वह भी दुबई से ही मादक पदार्थों की तस्करी का नेटवर्क संभाल रहा है। डीआरआई जिन सात लोगों को गिरफ्तार कर पूछताछ कर रही है उनमें प्रशांत थोरट, अजहरुद्दीन इदरीस, रज्जाक खान, अब्दुल फैसल कुरैशी, अंजली राजपूत, वीरन शाह और अशरफ रेन शामिल हैं। सभी को डीआरआई मुंबई की विशेष अदालत में पेश कर रिमांड पर लेकर पूछताछ कर रही है।
