ग्वालियर मध्य प्रदेश: मध्यप्रदेश पुलिस का एक ऐसा ग़जब कारनामा इस स्वतंत्रता दिवस पर सामने आ रहा है जो आपको हैरान कर। देगा क्योंकि ऐसा कोई मामला आपने सुना ही नहीं होगा जहाँ बिना किसी अपराध के मध्यप्रदेश। की पुलिस दूसरे राज्य की पुलिस कर्मियों को न केवल टॉर्चर करती है बारह घंटे तक कैद में रखती है पिटाई करती है बल्कि उनसे वसूली भी करती है। यह कारनामा कर दिखाया है ग्वालियर की जीआरपी पुलिस ने। हालांकि इतने बड़े और गंभीर घटना के बावजूद भी किसी दोषी पुलिसकर्मी पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। आइये पूरा मामला समझिए
कर्नाटक संपर्क क्रांति एक्सप्रेस में यात्री और टीटीई के बीच विवाद हुआ। इसके बाद जीआरपी स्क्वाॅड के दो सिपाहियों से यात्री और उसके परिजनों ने ग्वालियर स्टेशन पर मारपीट की। मामला जब ग्वालियर के जीआरपी थाने पहुंचा तो आरोप है कि आगरा के दोनों सिपाहियों को धमकाया और उन्हे छोड़ने के बदले बीस हजार रुपये की रकम की मांग भी की। जब आला अधिकारियों को भी इस गंभीर घटना की सूचना मिली तो पहले तो वह भी हैरत में पड़ गए।
इस मामले में आगरा जीआरपी की ओर से यात्री प्रदीप के खिलाफ मारपीट का केस दर्ज हुआ है। ग्वालियर जीआरपी थाने के दोनों सिपाहियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए एसपी जीआरपी भोपाल को लिखा गया है। जीआरपी थाना आगरा कैंट में प्रभारी विकास सक्सेना ने बताया कि कर्नाटक संपर्क क्रांति एक्सप्रेस में जनरल टिकट लेकर ग्वालियर निवासी यात्री प्रदीप भदौरिया नई दिल्ली से ट्रेन के स्लीपर कोच में यात्रा कर रहा था।

ट्रेन में टीटीई सुरजन सिंह ने यात्री की टिकट मांगी। उसने जनरल टिकट दिखाई तो टीटीई ने कहा कि आपके ऊपर 350 रुपये का जुर्माना लगेगा। प्रदीप ने 200 रुपये नगद दिए। वहीं उसने आरोप लगाया कि टीटीई ने 150 रुपये पेटीएम पर मांगे, इसका विरोध किया तो उसके साथ मारपीट की गई। मारपीट होने पर टीटीई ने जीआरपी स्क्वाॅड को सूचना देकर बुलाया। इस पर जीआरपी के तीन सिपाही ट्रेन में पहुंचे और यात्री प्रदीप को पकड़ लिया। इसके बाद प्रदीप ने ग्वालियर स्टेशन पर पहले से ही अपने परिजनों को फोन कर बुला लिया। जैसे ही ट्रेन स्टेशन पर रुकी यात्री प्रदीप और उसके परिजनों ने जीआरपी सिपाही अजय और गौरव से मारपीट शुरू कर दी। इसके बाद उन्हें ग्वालियर के जीआरपी थाने में ले गए। आरोप है कि थाने में दोनों सिपाहियों से समझौते के नाम 20 हजार रुपये ले लिए गए।
निश्चित ही यह पूरी घटना मध्यप्रदेश के पुलिस की कार्य प्रणाली पर सवालिया निशान लगाती है। साथ ही यह संशय भी पैदा करती है की न जाने कितने अपराध तो दो राज्यों की पुलिस? के बीच समन्वय न होने की वजह से पकड़ में ही नहीं आते होंगे। यह मध्य प्रदेश की पुलिस द्वारा की गई घोर लापरवाही है। हालांकि इस मामले में उत्तर प्रदेश जीआरपी ने भोपाल जीआरपी एसपी। को दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई के लिए लिखा है लेकिन फिलहाल कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
