डिजिटल डेस्क बेंगलुरु: ऐसा कहा जाता है कि कानून सबके लिए बराबर होता है और यह चरितार्थ करता हुआ एक फैसला बेंगलुरु की विशेष अदालत से निकलकर आ रहा है जहां एक अत्यंत प्रभावशाली युवक को उम्र कैद की सजा दी गई है। उस युवक पर दुष्कर्म का सनसनीखेज मामला पिछले वर्ष दर्ज हुआ था। और यह युवक उस समय काफी सुर्खियों में रहा था। लेकिन बहुत प्रभावशाली परिवार से होने के चलते यह चर्चाएं भी थीं कि मामला रफा दफा हो जाएगा । यह युवक पूर्व सांसद भी है और देश के एक पूर्व प्रधानमंत्री का पौत्र भी लेकिन फिर भी न्यायालय ने अपना काम किया और तमाम सबूतों के आधार पर इसे उम्र कैद की सजा दी।
बेंगलुरू में विशेष अदालत ने शनिवार को पूर्व सांसद और निलंबित जनता दल एस नेता प्रज्वला रेवन्ना को घरेलू सहायिका से दुष्कर्म के मामले में आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।न्यायाधीश संतोष गजानंद भट्ट ने प्रज्वल रेवन्ना पर ₹11 लाख 50हजार का जुर्माना भी लगाया है यह निर्देश दिया है कि इसमें से 11 लाख 25 हजार रुपये पीड़ित महिला को दिए जाएं। प्रज्वल रेवन्दना ने न्यायालय के सामने तमाम अपील कीं बहुत गिड़गिड़ाया वह न्यायालय में फूट फूटकर रोया भी। लेकिन कानून ने अपना काम किया। आपको बता दें कि 34 वर्षीय रेवन्ना एक प्रभावशाली नेता है। पूर्व प्रधानमंत्री एच डी देवगौड़ा का पौत्र है।
पूर्व सांसद प्रज्वल रेवन्ना की सजा शुक्रवार को ही तय हो गई थी। फैसला शनिवार को सुनाया जाना था। जब शनिवार को फैसला सुनाया गया तो प्रज्वल वे वन्ना ने कम सजा की माँग करते हुए यह कहा कि उसने कुछ भी गलत नहीं किया वह। राजनीति में बहुत तेजी से आगे बढ़ रहा था। और कम सजा की अपील करते हुए वर्चुअल रिबन्ना न्यायालय में गिड़गिड़ाया और फूट-फूटकर रोया। प्रज्जुल का कहना था कि मेरे विरोधी कहते हैं कि मैंने कई महिलाओं के साथ दुष्कर्म किया लेकिन कोई भी महिला शिक्षा से शिकायत दर्ज कराने के लिए सामने नहीं आई है वे लोकसभा चुनाव से छह दिन पहले आई अभियोजन पक्ष उन्हें जानबूझकर लाया और शिकायत दर्ज कराई।

यह मामला अप्रैल 2024 में ठीक लोकसभा चुनाव से पहले सुर्खियों में आया था। और उस समय पूरे देश में मामले की चर्चाएं जोरों पर थीं। पूरा मामला प्रज्वल रेवन्ना के फार्म हाउस पर काम करने वाली सहायिका से जुड़ा हुआ है जो हासन जिले के गनीकांडा स्थित प्रज्ज्वल रेवन्ना के पारिवारिक फार्म हाउस पर सहायिका। के रूप में काम करती थी। 2021 में उसके साथ दो बार हासन फार्म और बेंगलुरू स्थित आवास पर दुष्कर्म किया गया। और प्रज्वल ने इस घटना को अपने मोबाइल में भी रिकॉर्ड किया। चुनाव से पहले ही ऐसे तमाम वीडियो लीक हो गए और जब मामला जांच में पहुंचा। तो ऐसे उन्तीस सौ वीडियो पाए जाने की चर्चा चली।
यह पूरा मामला राजनीति से जुड़ा होने के चलते उस समय कई तरह की चर्चाएँ थीं लेकिन अब 14 महीने मैं ही इस मामले में फैसला सुना दिया गया है। इस मामले की जांच करने वाली एसआईटी ने पिछले साल सितंबर में 1632 पेजों का आरोप पत्र पत्र। दायर किया था और एक सौ तेरह गवाह पेश किए थे। हालांकि यह भी बताया जा रहा था कि यह मामला राजनीति से प्रेरित है लेकिन एसआईटी ने जो सबूत और गवाह पेश किए वह मजबूत थे जो वीडियो लीक हुए वह सच्चाई बयान कर रहे थे और आरोप पत्र में मजबूत दावे एसआईटी ने पेश किए। एक प्रभावशाली पूर्व सांसद को उम्र कैद दिए जाने का यह अपने आप में एक ऐतिहासिक फैसला है। और यहां यह अपराधी केवल पूर्व पूर। सांसद ही नहीं पूर्व प्रधानमंत्री देवेगौड़ा का पौत्र भी है। ऐसी स्थिति में यह फैसला भारतीय न्याय व्यवस्था पर लोगों का विश्वास मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
