ग्वालियर मध्य प्रदेश: मध्य प्रदेश साइबर पुलिस जोन ग्वालियर को एक बड़ी कामयाबी हासिल हुई है। नौ साल से फरारी काट रहा एक ऐसा साइबर ठग साइबर पुलिस ने गिरफ्तार किया है जो 52 लाख रुपये की ठगी करके फरार था। आरोपित नप्टू कुमार सिंह को प्रयागराज रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया है। आरोपित वैशाली, बिहार का रहने वाला है और दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में काल सेंटर चला रहा था। पुलिस से बचने के लिए आरोपित साधु बनकर अखाड़ों में छिपा रहता था। साधु के वेश में होने और बार बार अखाड़े बदलने से उसको पकड़ना मुश्किल हो रहा था।
साइबर पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार नंद कुमार सिंह पहले एक बैंक में कर्मचारी था और यही कारण था। वह बैंक की कार्य प्रणाली से भली भांति परिचित था और यही ज्ञान उसने अपने ठगी। के धंधे में उपयोग किया। उसने अलग-अलग राज्यों से फर्जी पहचान पत्र बनाकर अपनी असलियत छिपाई और दिल्ली में कॉल सेंटर संचालित किया। आरोपित अपनी टीम को फर्जी कॉल्स करने और लोगों को बीमा पॉलिसी व रिलायंस टावर लगाने के नाम पर ठगने की ट्रेनिंग देता था। ट्रूकॉलर पर उसी तरह के फर्जी नाम फीड करता था जो ग्राहकों को भरोसा दिला सके और। कॉल रिसीव करने वालों को लगे कि वे किसी कंपनी अधिकारी से बात कर रहे हैं।

एसपी साइबर जोन ग्वालियर की टीम ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपित को दबोचा। पूछताछ में उसने बताया कि कॉल सेंटर के जरिए वह लोगों से ठगी कर रकम अपने नियंत्रण वाले खातों में डलवाता और फिर एटीएम व बैंकों से कैश निकालकर गैंग में बांट देता था। आरोपित ने नेटवर्क बनाकर बिहार, उत्तराखंड और दिल्ली में कई फर्जी दस्तावेज तैयार कराए थे। उसकी टीम में बैंकिंग और अन्य कर्मचारियों को भी शामिल किया गया था। इससे पहले इस गैंग के पांच सदस्यों को पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है। लेकिन गैंग का मास्टर माइंड नंद कुमार सिंह 9 साल से पुलिस पुलिस के हाथ से बचता आ रहा था।
