ग्वालियर मध्य प्रदेश : तीन लाख के पुराने नोट के साथ पकड़े गए पांच लोगों की गैंग में से बुजुर्ग इकबाल खान की हिरासत में हुई मौत के मामले में पुलिस विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। जौरासी पुलिस चौकी प्रभारी एसआई पूनम कटारे और हवलदार शिवरतन पांडे को निलंबित कर दिया है। कार से आरोपी तीन लाख रुपये के पुराने नोट बदलने के लिए ग्वालियर ला रहे थे। कार को मुखबिर की सूचना पर चौरासी चौकी पुलिस ने पकड़ा था। पुराने नोट का संवेदनशील मामला होते हुए भी चौरासी चौकी प्रभारी पूनम कटारे ने वरिष्ठ अधिकारियों को इसकी सूचना नहीं दी थी। पूछताछ के दौरान संदेहास्पद परिस्थितियों में इकबाल खान की मौत के बाद उसका शव बिना पोस्टमार्टम के उसके परिजनों को दे दिया और परिजन शव भांडेर ले भी गये। हालांकि बाद में वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर शव को डबरा ला कर पोस्टमॉर्टम कराया। जहां मजिस्ट्रेट और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी मौजूद रहे।
आपको बता दें कि भांडेर निवासी 63 वर्षीय इक़बाल 3 लाख के पुराने नोटों को बदलने अपने साथी नीरज अग्रवाल वीरेंद्र रायकवार शफीक जितेंद्र कुमार के साथ कार। UP 93 CF 3590 से झांसी से ग्वालियर आया था। पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर कार की चेकिंग की जिसमें 3 लाख रुपए केश पुराने नोट मिले थे। 3 लाख के पुराने नोट मिलने के गंभीर मामले में जौरासी चौकी पुलिस की कार्यशैली ने पुलिस विभाग की किरकिरी की है। हिरासत में पूछताछ के बाद तबियत बिगड़ने पर हुई मौत ने भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस ने अन्य आरोपियों से पूछताछ की है। लेकिन अभी तक पुलिस ने पुराने नोटों के बारे में कुछ भी खुलासा नहीं किया है। इस मामले में अब पुलिस फूँक फूंक कर कदम रख रही है।

यह पूरा मामला पुलिस की कार्रवाई पर कई सवाल खड़े कर रहा है। पहला सवाल तो यही है कि पुलिस चौकी में अभिरक्षा में ऐसा क्या हुआ कि एक बुजुर्ग की हालत बिगड़ गई हालत? बिगड़ने के बाद जब बुजुर्ग को अस्पताल ले जाया गया और उसकी मौत हो गई तो उसे पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए क्यों नहीं भेजा। पुलिस अभिरक्षा में होते हुए भी बिना किसी जानकारी के लिए सब परिजन अपने साथ कैसे ले गए। पुलिस चौकी प्रभारियों ने इतने गंभीर मामले की जानकारी अपने वरिष्ठ अधिकारियों को क्यों नहीं दी? नोटबंदी के इतने सालों बाद भी पुरानी करेन्सी कहाँ से आई? इतने बड़े मुद्दे पर पुलिस ने इस तरह की लापरवाही क्यों की?
इस पूरे मामले में किरकिरी होने के बाद अब पुलिस विभाग लीपापोती में लग गया है। वरिष्ठ अधिकारियों ने चौकी प्रभारी और हवलदार को निलंबित कर दिया है। मामले की मजिस्ट्रियल जांच भी कराई जा रही है। मृतक इकबाल के बेटे राशिद का कहना है कि उसके पिता गाड़ी की एनओसी निकलवाने ग्वालियर जाने की बात कहकर घर से गए थे। अन्य 4 आरोपियों से पुलिस पूछताछ कर रही है। नोट कहां से आए? कहां बदले जा रहे थे इस बारे में बड़ा खुलासा होना अभी बाकी है….
