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समझौता वाले हनुमान का कमाल, न कोर्ट की मुसीबत न तारीख़ पे तारीख़, सालों की जगह घंटों में हो गया न्याय

समझौता वाले हनुमान का कमाल, ग्वालियर पुलिस की पहल से वर्षों पुराने विवादों का हुआ निराकरण, थाना हस्तिनापुर में समझौते वाले हनुमान जी के दरबार में पुलिस ने आपसी विवाद सुलझाकर मुरझाए चेहरों को मुस्कुराते हुए घर भेजा

ग्वालियर मध्य प्रदेश: दो पक्षों में विवाद हो दोनों के बीच आपस में लंबे समय से अदावत हो और तमाम प्रकरण दर्ज किए जाने के बाद भी दोनों पक्षों में से किसी को भी यदि न्याय नहीं मिल रहा हो, इसी बीच यदि ऐसा हो जाए कि थाना परिसर में स्थित हनुमान मंदिर के सामने ही दोनों पक्षों को बैठा लिया जाए और सबसे पहले पुलिस दोनों पक्षों के साथ बैठकर भोजन करें और फिर आपसी चर्चा से ही दोनों पक्षों के बीच सालों से चले आ रहे विवाद का पटापेक्ष हो जाए। तो इससे बेहतर क्या हो सकता है? क्योंकि न तो आपको लंबी और कष्टदायक न्यायालयीन प्रक्रिया से गुजरना पड़ा और ना फिजूलखर्ची से। ऐसा हुआ है हस्तिनापुर थाने पर जहाँ स्थित मंदिर को समझौता वाले हनुमान मंदिर कहा जाता है और इस मंदिर पर दोनों पक्षों बैठ कर शांतिपूर्वक जिस तरह राज्य नामा किया है वह समझौता का एक बड़ा उदाहरण है।

मामला ग्वालियर मध्यप्रदेश के हस्तिनापुर का है जहाँ थाना परिसर में स्थित समझौता वाले हनुमान मंदिर पर हाल ही में पुलिस ने इन विवादित मामलों को थाने में स्थित मन्दिर पर बिठाकर ही सुलझा दिया।

 (1) ग्राम छोंदी के गुर्जर समाज के दो गुटों में कई वर्षों से दुश्मनी थी। एक तरह रामलखन गुर्जर पटवारी का गुट जिसके खिलाफ तीन मुक़दमे हुए और दूसरी तरफ़ शिवराज गुर्जर का गुट जिनके खिलाफ एक अपराध पंजीबद्ध हुआ।साथ ही 14 बार दोनों पक्षों पर दंड प्रक्रिया संहिता व बीएनएसएस के तहत प्रतिबंधात्मक कार्यवाही की गई। दोनों पक्षों को जब समझौता वाले हनुमान जी के दरबार में बैठे तो अपनेआप शांति पकड़ ली और मेल मिलाप करने लगे। दोनों पक्षों ने संकल्प लिया कि अब हम लड़ाई नहीं करेंगे और बच्चों को पढ़ाए लिखायेंगे। उसके बाद दोनों पार्टियों ने खीर टिक्कड़ का भंडारा आयोजित किया जिसमें पुलिस ने बीच में बैठकर दोनों लाखों को खाना खिलाया। 

(2) ⁠एक माह पूर्व थाना हस्तिनापुर के 7 साल पुराने बिलहारा गाँव के देवेंद्र राणा व सुनारपुरा के अनिल राणा जाटों का विवाद था। जिसमें 65 लाख रुपये का लेनदेन था, जिसे समझौते वाले हनुमान जी के दरबार में सुलझाकर 65 लाख रुपये देकर संतुष्टिपूर्वक समझौता किया गया।

(3) ⁠तीन साल पुराने जेसीबी विवाद को टकोली के सरपंच व कल्ली गुर्जर के विवाद को पुलिस ने सुलझाया था। आये दिन पारिवारिक विवादों को पुलिस के द्वारा समझौते वाले हनुमान जी के समक्ष सुलझाया जा रहा है और जनता के द्वारा भी बात मानी जा रही है।

एसडीओपी बेहट श्री संतोष कुमार पटेल* के कुशल मार्गदर्शन एवं नेतृत्व में *थाना प्रभारी हस्तिनापुर उनि0 राजकुमार राजावत* द्वारा थाने में आने वाले में आने वाले पारिवारिक, संपत्ति या ज़मीनी विवाद का निराकरण कराया गया। ग्वालियर पुलिस का एक ऐसा थाना हस्तिनापुर है जहां पुलिस की मदद भगवान करते हैं और पीड़ित परिवारों को न्याय देते हैं। थाना हस्तिनापुर में बरगद के पेड़ के नीचे बैठे हनुमान जी जिन्हें संकट मोचन भी कहा जाता ह,ै अब एक नया नाम आ गया समझौते वाले हनुमान जी थाने के अंदर जाने से पहले हनुमान जी के दर्शन होते हैं। पुलिस के पास पारिवारिक, संपत्ति या ज़मीनी विवाद आते हैं तो पुलिस दोनों पक्षों को समझौते वाले हनुमान जी की चौखट में बैठाती है और दोनों पक्षों से चर्चा करती है। न्याय की बात करने वाले लोग बाबा के दरबार में सच का साथ देते हुए समझौते की ओर चल देते हैं। ऐसे कुछ मामले जो पुराने थे और समझौते वाले बाबा के दरबार में तत्काल सुलझ गए। इन विवादों को निपटाने में थाने के हवलदार वकील सिंह गुर्जर की अहम भूमिका रही है।

जिले के समस्त राजपत्रित अधिकारियों व थाना प्रभारियों को सामुदायिक पुलिसिंग के तहत आमजन से जनसंपर्क बढाने एवं पारिवारिक, संपत्ति या ज़मीनी विवाद की लंबित शिकायतों के निराकरण हेतु निर्देश दिये गये हैं। इसी तारतम्य में अति0 पुलिस अधीक्षक शहर (पूर्व/यातायात/अपराध) श्री कृष्ण लालचंदानी,भापुसे द्वारा अपने अधीनस्थ समस्त सीएसपी, एसडीओपी व थाना प्रभारियों को सामुदायिक पुलिसिंग करने एवं पारिवारिक, संपत्ति या ज़मीनी विवाद की लंबित शिकायतों का निराकरण कराने हेतु निर्देशित किया गया है। और अब शासन की मंशा अनुरूप प्रयास प्रयास के सुखद परिणाम सामने नजर आने लगे हैं। यदि यह योजना आगे भी इसी तरह कारगर साबित होती है तो वह दिन दूर नहीं जब पीड़ितों को त्वरित न्याय बिना लंबी कानूनी प्रक्रिया के ही इसी तरह मिल जायेगा जिस तरह इन मामलों में एसडीओपी संतोष पटेल के कुशल नेतृत्व में हुआ है। 

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