भोपाल मध्य प्रदेश: अभी कुछ ही दिन पहले इंदौर में एक कार्यक्रम के दौरान प्रदेश के मुख्यमंत्रा मोहन यादव ने घोषणा की थी कि लाडली बहनाओ को दी जाने वाली राशि जल्द ही बढ़ाकर तीन हजार रुपये प्रतिमाह की जाएगी। लेकिन मोहन सरकार की महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने ही उनकी इस घोषणा के इतर विधानसभा में बताया की तीन हजार रुपए प्रतिमा दिए जाने का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। मुरैना जिले के जौरा से कांग्रेस विधायक पंकज उपाध्याय ने मुख्यमंत्री डॉ। मोहन यादव द्वारा लाड़ली बहना योजना में महिलाओं को प्रतिमाह। दी जाने वाली 1250 रुपये की राशि बढ़ाकर 3000 रुपए करने की घोषणा और नए पंजीयन को लेकर प्रश्न किया था। इसके लिखित जवाब में सरकार नहीं जो कुछ बताया वह चौंकाने वाला रहा।
लिखित प्रश्न के जवाब में प्रदेश सरकार की महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने बताया कि 10 जून, 2023 को रीवा में योजना की राशि ₹3000 करने की घोषणा की गई थी। जून 2025 में ऐसी कोई घोषणा नहीं की गई है। नए पंजीयन का भी कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है इसलिए पंजीयन भी नहीं किए जा रहे जिनके। नाम काटे जा रहे हैं उनको भी सूचना दी। जा रही है। उन्होंने बताया की योजना की राशि ₹3000 किए जाने का अभी कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। यह जवाब मिलने के बाद कांग्रेस विधायक पंकज उपाध्याय ने कहा कि हमारे आरोप प्रमाणित हो रहे हैं कि भाजपा सरकार बाधा खिलाफी कर रही है।
आपको बता दें कि जून 2025। में इंदौर में एक कार्यक्रम के दौरान प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव ने लाड़ली बहनाओं को दी जाने वाली राशि 1250 से बढ़ाकर तीन हजार रुपए किए जाने की घोषणा की थी। हालांकि इसकी कोई नियत तिथि या समय सीमा उन्होंने नहीं बताई थी। लेकिन जिस तरह से हर कुछ महीने बाद लाडली बहना को दी जाने वाली राशि 1000 से 1250 घोषणाओं के बाद की गई है उससे यही उम्मीद लगाई गई थी यदि मुख्यमंत्री ने इस बार राशि ₹3000 किए जाने की घोषणा की है। इस घोषणा से संबंधित प्रस्ताव भी महिला बाल विकास विभाग ने बना लिया होगा। इस प्रस्ताव पर आगे की कार्यवाही भी शुरू हो गई होगी।

आपको बता दें कि पिछले विधानसभा चुनाव से एक वर्ष पूर्व तत्कालीन मुख्यमंत्राज सिंह चौहान द्वारा लाड़ली बहना योजना की शुरुआत की गई थी और इस। योजना से महिलाओं भाजपा सरकार में विश्वास बढा था उस समय इस योजना में प्रतिमाह एक हजार रुपए दिए जाते थे और उस समय भी यह घोषणा की गई थी कि इस योजना में राशि धीरे धीरे दो सौ पचास रुपए बढ़ाते हुए तीन हजार रुपए तक की जाएगी। अब मुख्यमंत्री द्वारा ₹3000 प्रतिमाह। राशि की जाने की घोषणा लेकिन उन्हीं को सरकार की मंत्री द्वारा किसी भी तरह का प्रस्ताव होने की बात से इनकार करना प्रदेश में एक नई राजनीतिक बहस शुरू कर सकता है।
