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“भागवत, मोदी, शाह हमारे भाई” मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के प्रवक्ता के इस बयान के मायने!

भोपाल मध्य प्रदेश: इस्लामिक चिंतक ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के प्रवक्ता मौलाना खलील उर रहमान रहमान रहमान सज्जाद नौमानी अभी हाल ही में भोपाल आए हुए थे। यहाँ उन्होंने जो बयान दिया उसे सुनकर वहाँ उपस्थित लोगों को भी आश्चर्य हुआ। यहां उन्होंने अपनी तकरीर से सबको चौंका दिया।उन्होंने अपने बयान में देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह। के साथ ही आर एस एस प्रमुख मोहन भागवत की जमकर तारीफ की। मौलाना खलील ने कहा कि मोहन भागवत नरेंद्र मोदी और अमित शाह हमारे भाई हैं। मैं डंके की चोट पर कहता हूं अगर यह कुछ गलत करते हैं तो हम उन्हें रोकेंगे हमारी दुश्मनी। तो उस शैतान से है जो हमें गुमराह कर रहा है आरएसएस भाजपा और इज़राइल इस्लाम। के लिए रुकावट नहीं है। जब से हमने अल्लाह से बेवफाई की है तब से परेशानियां खड़ी हुई हैं।”

मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के प्रवक्ता मौलाना खलील के इस बयान के बाद इस पर चर्चाएं शुरू हो गई हैं। आपको बता दें कि यह बयान उस माहौल में आया है जब बफ बोर्ड को लेकर सरकार बड़ा फैसला लेने जा रही है। ऐसा क्या कारण रहा होगा कि मुस्लिम पर्सनल बोर्ड?के प्रवक्ता को यह बयान देना पड़ा। इस बयान को देने के पीछे उनकी मंशा क्या रही होगी? इस बयान के मायने हम दो तरह से समझ सकते हैं। 

पिछले कुछ समय से देखा जा रहा है के भाजपा। मुस्लिम समुदाय के प्रति धर्म रुख अपनाए हुए है। भाजपा के किसी भी बड़े नेता का मुस्लिम समुदाय के लिए कोई आपत्तिजनक बयान नहीं आ रहा है बल्कि इसके इतर भाजपा के बड़े नेता मुस्लिम समुदाय के कार्यक्रमों में जाते नजर आते हैं। देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कई बार मुस्लिम समुदाय के कार्यक्रम में पहुंचे हैं और अभी हाल ही में जब वह ब्रुनेई की यात्रा पर थे वहां मस्जिद न जाने की उनकी फोटो ने बहुत सुर्खियां बटोरी थीं। संघ प्रमुख मोहन मोहन भागवत ने भी कुछ समय पहले बयान दिया था कि “आज हमारे भारत में जो मुसलमान हैं, उनको कोई नुकसान नहीं है. वह हैं, रहना चाहते हैं, रहें. पूर्वजों के पास वापस आना चाहते हैं, आएं. उनके मन पर है. हिन्दुओं में ये आग्रह है ही नहीं. इस्लाम को कोई खतरा नहीं है. हां, हम बड़े हैं, हम एक समय राजा थे, हम फिर से राजा बनें, यह छोड़ना पड़ेगा। हम सही हैं, बाकी गलत, यह सब छोड़ना पड़ेगा। हम अलग हैं, इसलिए अलग ही रहेंगे। हम सबके साथ मिलकर नहीं रह सकते, यह छोड़ना पड़ेगा। किसी को भी छोड़ना पड़ेगा। ऐसा सोचने वाला कोई हिन्दू है, उसको भी छोड़ा पड़ेगा। कम्युनिस्ट है, उनको भी छोड़ना पड़ेगा। भारत में मुस्लिमों को डरने की जरुरत नहीं है, लेकिन उसके साथ ही मोहन भागवत ने मुस्लिमों से श्रेष्ठता भाव को छोडने की भी अपील की।” यह सब बयान और पिछले कुछ समय से जो धर्म रोक आरएसएस। और भाजपा ने अपनाया हुआ है हो सकता है इसकी वजह से ही मुस्लिम पर्सनल लॉ। बोर्ड के प्रवक्ता ने यह तकरीर दी हो! जिस तरह से भाजपा पिछले कुछ समय से मुस्लिम समुदाय को भी साधने। की कोशिश कर रही है उसके परिणाम स्वरुप भी मुस्लिम समुदाय में भाजपा के पति कुछ झुकाव आया हो यह भी संभव है!

मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के प्रवक्ता मौलाना खलील उर रहमान सज्जाद नोमानी कि यह तकरीर किसी दबाव में भी हो सकती हैं। हो सकता है कि उन्हें इस चीज का आभास हो।इस समय भाजपा पूरी तरह से पावर में हैं। और भाजपा लगातार सख्त निर्णय ले रही है।तीन तलाक पर कानून बनाकर भाजपा ने यह साबित कर दिया था। और अब बफ बफ बोर्ड पर भी भाजपा सरकार एक बड़ा बदलाव करने जा रही है। यह सब होता जा रहा है और मुस्लिम समुदाय में कुछ छोटे मोटे विरोध के अलावा कोई बड़ा आंदोलन करने की हिमाकत कोई नहीं कर रहा है। तो यह भी संभव है के इस तरह के भाजपा सरकार के प्रयासों से मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड भी दबाव न हो और किसी तरह का विरोध न करते हुए मजबूरीवश मौलाना खलील ने आरएसएस प्रमुख, प्रधानमंत्री गृह मंत्री की प्रशंसा कर रहा हो! 

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