Friday, April 17, 2026
34.1 C
Delhi
Friday, April 17, 2026
HomeBig Newsएयरफोर्स का जगुआर क्रैश पायलट की मौत, पांच महीने में तीसरा हादसा 

एयरफोर्स का जगुआर क्रैश पायलट की मौत, पांच महीने में तीसरा हादसा 

भारतीय वायुसेना में हादसे रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं. आज एक जगुआर राजस्थान के चुरू में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। पिछले 5 महीने में जगुआर का यह तीसरा क्रैश है. इससे पहले 7 मार्च को भारतीय वायुसेना का डीप पेनिट्रेशन स्ट्राइक एयरक्राफ्ट जगुआर अंबाला में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था।

डिजिटल डेस्क नई दिल्ली; इंडियन एयर फ़ोर्स का एक और फाइटर प्लेन आज क्रैश हो गया है। आज बुधवार को भारतीय वायुसेना का एक लड़ाकू विमान क्रैश हो गया है। फाइटर जेट के क्रैश होने की ये घटना राजस्थान के चुरू जिले की बताई जा रही है। रक्षा सूत्रों की ओर से मिली जानकारी के मुताबिक, जो विमान क्रैश हुआ वह भारतीय वायु सेना का जगुआर लड़ाकू विमान है। ये विमान चुरू जिले के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया है। राजस्थान के चुरू जिले के रतनगढ़ क्षेत्र में दोपहर करीब 12 बजकर 40 मिनट पर वायुसेना का जगुआर विमान क्रैश हुआ है। अब सामने आई जानकारी के मुताबिक, जिस जगह पर लड़ाकू विमान क्रैश हुआ वहां पर एक शव भी बरामद किया गया है। अब तक ये खुलासा नहीं हुआ है कि ये शव किसका है। पुलिस ने जानकारी दी है कि विमान एक खेत में दुर्घटनाग्रस्त हुआ है।

आज एक जगुआर राजस्थान के चुरू में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। पिछले 5 महीने में जगुआर का यह तीसरा क्रैश है. इससे पहले 7 मार्च को भारतीय वायुसेना का डीप पेनिट्रेशन स्ट्राइक एयरक्राफ्ट जगुआर अंबाला में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। यह एयरक्राफ्ट अंबाला एयर बेस से अपनी रूटीन उड़ान पर था। उड़ान के कुछ देर बाद ही फाइटर पंचकुला के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया था. जगुआर फाइटर तकनीकी खराबी के चलते क्रैश हुआ था। इस हादसे में पायलट सुरक्षित इजेक्ट करने में सफल हो गया था। दूसरा जगुआर क्रैश 2 अप्रैल को गुजरात के जामनगर के पास हुआ. एयरक्राफ्ट अपनी रूटीन फ्लाइट पर थाव यह जगुआर ट्विन सीटर ट्रेनर एयरक्राफ्ट था। इसमें दो पायलट सवार थे. इस क्रैश में एक पायलट तो सुरक्षित था जबकि दूसरे पायलट की मौत हो गई थी।

भारतीय वायुसेना के पास जगुआर डीप पेनिट्रेशन स्ट्राइक फाइटर के 6 स्क्वाड्रन हैं। इस एयरक्राफ्ट के अपग्रेडेशन का काम जारी है। भारतीय वायुसेना में हादसों की वजहें कई हो सकती हैं। भारतीय सेना की ट्रेनिंग सबसे अव्वल दर्जे की होती है। इसमें कोई शक नहीं कि दुनिया के सबसे बेहतरीन पायलटों में भारतीय वायुसेना के पायलट आते हैं. रक्षा मंत्रालय ने संसद में यह बताया था कि 2017 से 2022 तक कुल 34 जांचें की गईं। इन जांचों के आधार पर कई सुधारात्मक उपाय किए गए। मंत्रालय ने यह भी बताया कि क्रैश के मामलों में सुधार हुआ है। दुर्घटनाओं की दर कम हुई है. वायुसेना में हादसों के प्रतिशत को 10 हजार घंटे की फ्लाइंग में दुर्घटना की संख्या से निकाला जाता है। साल 2000 से 2005 में जो एक्सिडेंट रेट 0.93 था, वह साल 2017 से 2022 में घटकर 0.27 पर आ गया। साल 2020 से 2024 के बीच तो यह 0.20 हो गया। यह रिपोर्ट इस बात का संकेत देती है कि वायुसेना दुर्घटनाओं को रोकने के लिए लगातार सुधारों पर काम कर रही है।

Gajendra Ingle
Gajendra Inglehttp://theinglespost.com
The author is founder Editor of this news portal. He has long experience of journalism. He has deep expertise on political and social issues.
RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular