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एमपी में वेतन घोटाला, विकास खंड शिक्षा अधिकारी और सहायक कोषालय अधिकारी का हैरतअंगेज कारनामा

मध्य प्रदेश में आयुक्त कोष एवं लेखा कार्यालय की जांच में 50 हजार शासकीय अधिकारियों-कर्मचारियों का डाटा अपडेट न पाए जाने का खुलासा हुआ है। और अपडेट को न करके तिकड़मबाजों ने वेतन घोटाला किया गया।

शिवपुरी भोपाल मध्य प्रदेश: एमपी गज़ब है ऐसा नहीं कहते क्योंकि यहां लगातार हो रहे कारनामे और घोटाले मध्यप्रदेश को अजब गजब की श्रेणी में हमेशा बनाये रखते है। घोटाले तो पूरे प्रदेश में होते हैं लेकिन जहां पर घोटाले कुछ गजब ही होते हैं। ज्यादातर घोटालों में सरकारी अधिकारी कर्मचारी गड़बड़ करते हैं लेकिन मध्यप्रदेश। में ऐसा घोटाला हुआ है जिसमें एक सरकारी कर्मचारियों ने बाकी कर्मचारियों का डेटा अपडेट न करके उनके वेतन के साथ ही घोटाला कर दिया और यह पहला मामला नहीं है। पहले ऐसा मामला देवास से सामने आया था। और अब बिल्कुल इसी तरह का घोटाला हुआ है शिवपुरी जिले में। 

मध्य प्रदेश में आयुक्त कोष एवं लेखा कार्यालय की जांच में 50 हजार शासकीय अधिकारियों-कर्मचारियों का डाटा अपडेट न पाए जाने का खुलासा हुआ है। और अपडेट को न करके तिकड़मबाजों ने वेतन घोटाला किया गया। इससे पहले देवास जिले में भी इसी तरह का घपला पकड़ा गया था। शिवपुरी जिले में इस तरह के अपडेट को न करके डेढ़ करोड़ रुपये का वेतन घोटाला पकड़ा गया है। यहां तक बड़ा लूप होल यह है कि इस वेतन घोटाले में ट्रेजरी ऑफिसर शामिल हैं जबकि मध्यप्रदेश। में यह दावा किया जाता है कि ट्रेजरी में पूरा काम ऑनलाइन है।वो इसके चलते किसी तरह के गड़बड़ की कोई संभावना ही नहीं है। 

शिवपुरी के खनियाधाना विकासखंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) कार्यालय के लेखापाल सुखनंदन रसगैया और जिला कोषालय कार्यालय में पदस्थ सहायक कोषालय अधिकारी मोहित कुशवाह ने मिलीभगत कर घोटाले को अंजाम दिया। इसमें सुखनंदन रसगैया ने हर माह अपना वेतन बढ़ाकर निकलवाया। इतना ही नहीं जो शिक्षक नहीं थे उन्हें भी शिक्षक बताकर उनके खाते में राशि डाली गई। अपनी पत्नी, बेटे समेत कई सगे संबंधियों को फर्जी तरीके से शिक्षक दर्शाकर उनके बैंक खातों में वेतन का भुगतान किया जाता रहा। इस घोटाले को वर्ष 2018 से अंजाम दिया जा रहा था। इस घोटाले ने साबित कर दिया है कि सिस्टम कितना भी मजबूत हो। लेकिन घोटालेबाज उसमें कोई ना कोई निकालकर कारनामा कर ही देते हैं।

सहायक कोषालय अधिकारी मोहित कुशवाह ने फर्जी लोगों के वेतन पास करने के नाम पर 17.19 लाख रुपये रिश्वत ली, जिसे स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की शिवपुरी शाखा के अपने बैंक खाता में 10 अप्रैल 2023 से अप्रैल 2025 तक अलग-अलग किस्तों में जमा करवाए। घोटाले की भनक लगने पर आयुक्त कोष एवं लेखा भास्कर लक्षकार ने मामले की जांच कराई और जांच में चौंकाने वाली हकीकत सामने आई। इस मामले में सहायक कोषालय अधिकारी मोहित कुशवाह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है और साथ ही बर्खास्त करने की कार्रवाई भी की जा रही है। लेखापाल सुखनंदन रसगैया के विरुद्ध एक मई 2025 को थाना खनियाधाना में एफआईआर दर्ज करा कर निलंबन की कार्रवाई की गई।

आपको बता दें कि मध्यप्रदेश के सभी जिलों के कोषालय में पूरा कार्य ऑनलाइन है और जिसके चलते यह माना जाता है कि कोषालय स्तर पर कोई कर्मचारी वेतन या किसी अन्य लेनदेन की प्रक्रिया में किसी तरह का घोटाला नहीं कर सकता। लेकिन देवास के बाद अब शिवपुरी में जिस तरह से वेतन घोटाला हुआ है फर्जी कर्मचारी दिखाकर एक कोषालय के कर्मचारी और एक शिक्षा विभाग के कर्मचारी ने मिलकर घोटाले को अंजाम दिया है।इससे साफ साबित होता है अभी भी जिले कोषालय।के सिस्टम में कहीं न कहीं कोई लूप होल है। और यदि इसे नहीं सुधारा गया तो आगे किसी बड़े घोटाले की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। 

Gajendra Ingle
Gajendra Inglehttp://theinglespost.com
The author is founder Editor of this news portal. He has long experience of journalism. He has deep expertise on political and social issues.
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