उज्जैन मध्य प्रदेश: पापा विधायक हैं हमारे इसलिए नियम कानून जेब में हैं हमारे शायद इसी अकड़ के साथ यह विधायक पुत्र दिनभर इधर उधर घूमते रौब दिखाते होंगे। मामला है इंदौर विधानसभा क्षेत्र 3 के विधायक गोलू शुक्ला के बेटे रुद्राक्ष का जिनको जबरदस्ती मंदिर में घुसकर वीआईपी ट्रीटमेंट लेने का जबरदस्त शौक है। महाकाल मंदिर का गर्भगृह प्रतिबंधित क्षेत्र होने के बावजूद रुद्राक्ष जबरन गर्भग्रह में घुस गया इस दौरान हालांकि उसके पिता उसके साथ थे। गर्भ गृह के बाहर मंदिर कर्मियों ने रुद्राक्ष। को रोकने की कोशिश की तो विवाद की स्थिति बनी झूमाझटकी भी हुई।
आपको बता दें कि रुद्राक्ष का वीआईपी ट्रीटमेंट के लिए कुछ भी कर गुजरने।नियमों के ताक में रखने का यह पहला मामला नहीं है। दो साल पहले भी मंदिर गर्भ गृह में घुसने को लेकर रुद्राक्ष का वहां उपस्थित सुरक्षाकर्मियों से विवाद हुआ था। कुछ महीने पहले देवास में माता टेकरी मंदिर पर भी रुद्राक्ष और इनके साथियों ने जमकर गुंडागर्दी की थी और रात्रि में ही मंदिर के पट खुलवाकर वीआईपी ट्रीटमेंट लेने के लिए अपना विधायक पुत्र होने का रसूख दिखाया था।
आपको बता दें कि मंदिर के प्रतिबंधित क्षेत्र गर्भ गृह में प्रवेश में नियम तोड़ने के लिए मंदिर प्रबंधन भी पूरी तरह से जिम्मेदार है। क्योंकि मंदिर प्रबंधन अपने हिसाब से चाहे जिसको।गर्भ गृह में घुसने की अनुमति दे देता है। ऐसे आरोप भी लगते हैं के मंदिर प्रबंधन ने गर्भ गृह से पूजा को भी अपना व्यापार बना लिया है। मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश प्रतिबंधित है और केवल राष्ट्रपति प्रधानमंत्री मुख्यमंत्री राज्यपाल अखाडों। के महामंडलेश्वर जे से गिने चुने लोगों को ही प्रवेश की अनुमति देनी का प्रावधान है। लेकिन मंदिर के गर्भ में तमाम लोग जो इस। दायरे में नहीं आते लेकिन मंदिर प्रबंधन से साठ गांठ रखते हैं वह भी मंदिर के गर्भ गृह प्रवेश कर जाते हैं। अगस्त 2024 में भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष बीडी शर्मा अपने समर्थकों के साथ गर्भ गृह में प्रवेश कर चुके हैं। अगस्त 2024 में ही उज्जैन उत्तर के विधायक अनिल जैन अपने समर्थकों के साथ गर्भ गृह में प्रवेश कर चुके हैं। अक्टूबर 2024 में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के बेटे अपने साथियों के साथ गर्भ।गृह में प्रवेश कर चुके हैं। और भी चौंकाने वाली बात यह है की बीस जनवरी 2025 एक फूल बेचने वाला भी गर्भगृह में प्रवेश कर गया था जिस पर मंदिर प्रबंधन ने एफआईआर कराई थी जबकि ऊपर बताए अन्य वीआईपी लोगों पर मंदिर प्रबंधन खामोश रहा और हर कार्रवाई से बचता रहा।

विधायक गोलू शुक्ला बेटा रुद्राक्ष जिस तरह से नियमों को ताक। में रखकर गर्भगृह में घुसा और कुछ कर्मियों के रोकने के बाद भी मंदिर प्रबंधन की लापरवाही के चलते प्रवेश कर ही गया उससे साफ जाहिर है ये रुद्राक्ष के मन में हमेशा यह अकड़ रहती है कि पापा विधायक हैं हमारे और नियम कायदे जेब में हैं हमारे। और जहां तक महाकाल महाकाल मंदिर प्रबंधन की बात करें यकीन मानी है। इनके नियम कायदे भी इनके हिसाब से बदलते रहते हैं। आम व्यक्ति के लिए अलग नियम और खास के लिए अलग।
