लखनऊ उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश पुलिस को नया पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) मिल गया है। योगी सरकार ने 1991 बैंच के आईपीएस अधिकारी राजीव कृष्ण को यूपी पुलिस का नया डीजीपी नियुक्त किया है। अब तक में आईपीएस राजीव कृष्ण डीजी विजिलेंस और उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड के अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। राजीव कृष्ण ने शनिवार को पद ग्रहण लिया है।
सीनियर आईपीएस राजीव कृष्ण उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्ध नगर के रहने वाले हैं। आईपीएस राजीव कृष्ण का नाम भावी डीजीपी के तौर पर सबसे आगे चल रहा था। इन्हें सीएम योगी आदित्यनाथ के विश्वसीनय अधिकारियों में से एक माना जाता है। आईपीएस राजीव कृष्ण को अपराध पर रोकथाम लगाने और हाईटेक पुलिसिंग के लिए जाना जाता है। इन्हें ऑपरेशन पहचान एप के जरिए अपराध और अपराधियों पर अंकुश लगाया। साथ ही ई-मालखानों से लेकर मुकदमों के ऑनलाइन रिकॉर्ड की सोच का श्रेय इन्हीं को दिया जाता है।

अगस्त 2007 को राजीव कृष्ण डीआईजी के पद पर प्रमोट हुए। इसके बाद नवंबर 2010 को आईजी के पद पर प्रमोशन मिला। फिर उन्हें एक जनवरी 2016 को एडीजी और मार्च 2024 में डीजी नियुक्त किया गया। इसके बाद उन्हें पेपर लीक मामलों से निपटने की अहम जिम्मेदारी दी गई। राजीव कृष्णन अपनी हाई टेक पुलिसिंग के लिए जाने जाते हैं और उनकी कार्यशैली कई बार चर्चाओं में रही है। इसलिए ऐसा माना जा रहा है कि उनके मुखिया बनने के बाद यूपी पुलिस की कार्यप्रणाली में सकारात्मक बदलाव आएगा और गति भी मिलेगी।
सीनियर आईपीएस राजीव कृष्ण का जन्म 20 जून 1969 को हुआ था। राजीव कृष्ण ने पहले बैचलर ऑफ इंजीनियरिंग इन इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन की पढ़ाई की। इसके बाद उन्होंने यूपीएससी की तैयारी शुरू की। उन्होंने 1991 में यूपीएससी क्लियर किया और आईपीएस के तौर पर नियुक्ति मिली। 1993 में आईपीएस कंफर्मेशन के बाद उनका सीनियर स्केल में प्रमोशन 10 अक्टूबर 1995 को हुआ।

