भोपाल मध्य प्रदेश: केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय ने प्री। मैट्रिक पोस्ट मैट्रिक मेरिट कमीन्स अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति में भोपाल जिले के 83 शिक्षण संस्थाओं को रेड फ्लेक के लिए चिन्हित किया था। इसमें कई अल्पसंख्यक स्कूल और मदर्स से शामिल थे। प्रदेश सरकार ने इसका भौतिक निरीक्षण कराया जिसमें यह जानकारी निकलकर आई की। इनमें से एक नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल पर पंजीकृत 20 मदर से और 20 अल्पसंख्यक स्कूल ऐसे हैं जिनकी मान्यता तो 8वीं और 10वीं तक ही है लेकिन इन्होंने छात्रवृति की रकम ऐंठने के लिए पोर्टल पर 11वीं और बारवी। के छात्रों का भी पंजीयन करा रखा था। मामला खुलने के बाद ऐसे कुल चालीस संस्थाओं के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया गया है।
आपको बता दें कि छात्रवृत्ति घोटाले के मामले में मध्यप्रदेश पहले से ही कई मामलों में बदनाम रहा है। उच्च शिक्षा में तो छात्रवृत्ति के तमाम घोटाले हमेशा मध्य प्रदेश की किरकिरी करते आए हैं लेकिन स्कूल शिक्षा विभाग ने भी छात्रवृत्ति के नाम पर इस तरह के घोटाले ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या छात्रवृति घोटाले का बड़ा रैकेट मध्यप्रदेश में चल रहा है? क्योंकि छात्रवृति घोटाले के इस मामले में भी जिस तरह से आठवीं और दसवीं तक मान्यता प्राप्त संस्थाओं ने 11वीं 12वीं के छात्रों की छात्रवृत्ति भी हड़प। ली? वह साफ बताता है के सिस्टम के लोग भी इस तरह के घोटालों में शामिल हैं।
इस पूरे मामले में खुलासा हुआ है कि जिन छात्रों का पंजीयन छात्रवृत्ति हड़पने के लिए इन मदरसों और अल्पसंख्यक स्कूलों ने पोर्टल पर कराया था। यह सभी छात्र अन्य स्कूलों में पढ़ रहे थे। इस मामले की जाँच के बाद पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के सहायक संचालक। योगेंद्र राज ने क्राइम ब्रांच थाने में शिकायत शिकायत दर्ज कराई थी। और जांच के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। ऐसा भी बताया जा रहा है कि यदि इस। मामले की गहराई से जांच होती है। तो इसमें संलिप्त इन मदरसों और निजी अल्पसंख्यक स्कूलों के संचालक।ों के साथ सब्बंधित सरकारी विभागों के संलिप्त कर्मचारी और अधिकारियों के नामों का खुलासा भी हो सकता है।
इस पूरे छात्रवृत्ति घोटाले में अल्पसंख्यक छात्रों को केंद्र सरकार से जो छात्रवृत्ति मिलती है उसमें फर्जी छात्रों हो पोर्टल पर पंजीयन करा कर छात्रवृत्ति हड़प ली गई है। ऐसे 20 मदरसों और 20 अल्पसंख्यक निजी स्कूलों ने 11वीं और 12वीं के कुल 972 छात्रों का पंजीयन पोर्टल पर करा रखा था और छात्रों को मिलने वाली छात्रवृत्ति के 57 लाख रुपये हड़प लिए हैं। अल्प संख्यक और पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के सहायक संचालक ने क्राइम ब्रांच को जो। शिकायत दी। उसने ऐसे पूरे छात्रों की जानकारी के साथ ऐसे बीस मदरसों और बीस अल्पसंख्यक स्कूलों के नाम का खुलासा किया है जिसके आधार पर क्राइम ब्रांच ने चालीस आरोपितों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
फिलहाल इस मामले में केवल भोपाल में संचालित मदरसों और निजी अल्पसंख्यक स्कूलों पर ही मामला दर्ज किया गया है। लेकिन यदि इस तरह का कोई छात्रवृत्ति हड़पने वाला रैकेट प्रदेश में काम कर रहा है तो इसके तार अन्य जिलों तक भी फैले हो सकते हैं और अन्य जिलों में भी इस तरह का छात्रवृत्ति घोटाला किया गया हो इस बात की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
