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भ्रष्टाचारी सौरभ शर्मा के जमानत के पीछे राजनीति का खेल, कॉंग्रेस को विरोध में जलाना पड़ा पुतला

मध्य प्रदेश का परिवहन विभाग सालों से अपने अवैध गतिविधियों के लिए सुर्खियों में बना रहता है लेकिन पिछले कुछ समय में जो बड़ा खुलासा हुआ जिसमें एक आरक्षक पर करोड़ों रुपये की संपत्ति मिली।

ग्वालियर मध्य प्रदेश: परिवहन घोटाले के आरोपी सौरभ शर्मा को लोकायुक्त से जमानत मिलने पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर प्रदेश भर में कांग्रेस नेताओं द्वारा प्रदर्शन किया जा रहा है. ग्वालियर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आज मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का पुतला दहन किया। ग्वालियर के फूलबाग चौराहा पर जिला कांग्रेस कमेटी के बैनर तले हुए इस प्रदर्शन को पुलिस भी नहीं रोक पाई। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस में पुतला दहन के दौरान छीना-झपटी भी हुई। जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेंद्र शर्मा के नेतृत्व में ग्वालियर के फूल बाग चौराहे पर यह प्रदर्शन हुआ. इस दौरान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव सुनील शर्मा सहित अन्य कांग्रेस नेता भी यहां मौजूद रहे और आरोप लगाया कि  परिवहन घोटाले के आरोपी सौरभ शर्मा को लोकायुक्त से जमानत मिलना सरकारी संरक्षण का स्पष्ट प्रमाण है। जमानत रोकने के लिए न तो कोई दस्तावेज पेश किए गए और न ही कोई आपत्ति दर्ज की गई ऐसे नहीं साफ प्रतीत होता है कि भाजपा नेता और सरकार आरोपियों को बचाने में लगी है।

अब हम आपको बताते हैं कि कांग्रेस को यह प्रदर्शन क्यों करना पड़ा। मध्य प्रदेश का परिवहन विभाग सालों से अपने अवैध गतिविधियों के लिए सुर्खियों में बना रहता है लेकिन पिछले कुछ समय में जो बड़ा खुलासा हुआ जिसमें एक आरक्षक पर करोड़ों रुपये की संपत्ति मिली। इस पूरे मामले में काली कमाई के प्रतीक बने सौरभ शर्मा और। उसके मददगार साथियों को जेल जाना पड़ा लेकिन अब दो महीने बाद केवल चालान पेश किए न जाने के चलते। इन आरोपियों को जमानत मिल गई जो साफ बता रहा है। कहीं न कहीं जांच एजेंसियों ने कोई न कोई लूप होल छोड़ा है। 

जब से इस मामले का खुलासा हुआ था तभी से सवाल उठ रहे थे कि एक आरक्षक इतना पावरफुल कैसे हो सकता है। कि वह अपने दम पर परिवहन विभाग की चौकियों के प्रभारी भी बना दें मतलब साफ है कि पूरा के पूरा कनेक्शन कहीं न कहीं ऊपरी स्तर के अधिकारियों तक और मंत्रियों तक जुड़ा हुआ था। ता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इस तरह के कई आरोप उस समय लगाए थे। उस समय मध्य प्रदेश सरकार जाँच की बात कर रही थी लेकिन अब जिस तरीके से इस मामले में। कार्यवाही में जांच में चालान पेश करने में। गड़बड की गई है वह साफ बता रहा है। क्या अब इस मामले को सेट करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। 

दो महीने पहले लगातार प्रदेश और मीडिया स्तर के न्यूज चैनल न्यूजपेपर्स में सुर्खियों में बना रहने वाला यह मामला धीरे धीरे धुंधला होता जा रहा है। और कुछ समय बाद हो सकता है की यह मामला पूरी तरह से शांत हो जाए। और इसमें आरोपी बनाए गए सभी लोग निर्दोष बरी हो जाएँ। और इस पूरे भ्रष्टाचार के पीछे जो बड़े मगरमच्छ बैठे थे। वह कभी उजागर न हो। क्योंकि हनी ट्रैप का मामला भी खूब हुचला था और हकीकत में उसमें क्या खुलासे हुए आप सभी जानते हैं। 

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