ग्वालियर मध्य प्रदेश: ग्वालियर में कल दिन भर सोशल मीडिया पर एक वायरल वीडियो की चर्चा रही। इसे वायरल वीडियो में दिखाई दे रहा है कि पुलिस दल गस्त। के लिए एक स्थान पर पहुंचा और वहां दुकान के बाहर बैठे होटल मैनेजर से उनमें से एक पुलिसकर्मी ने जमकर। गाली गलौच की और उसके बाद उसे जमकर चांटे।मारे और लातों से भी पीटा। ग्वालियर में पिछले कुछ समय से पुलिसकर्मियों के दुर्व्यवहार की घटनाएं बढ़ी हैं।अब इस घटना के बाद पुलिस की ओर ज्यादा किरकिरी हो रही है। हालांकि पुलिस ने मामले की जांच कर कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।
मामला ग्वालियर के स्टेशन बजरिया में संचालित होटल का है जहां होटल मैनेजर रात को 1 45 पर होटल के बाहर बैठा था और होटल के अंदर कर्मचारी सफाई कर रहे थे। उसी समय कॉमिंग गस्त की टीम वहां पहुंची और होटल बंद क्यों नहीं किया कहते हुए मैनेजर को चांटे मारने शुरू कर दिए और गंदी गंदी गालियां भी दी। इस वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि एक पुलिसकर्मी पिटाई के साथ साथ गंदी गंदी गालियां दे रहा है। इस वीडियो में गुंडों की तरह व्यवहार करने वाला यह पुलिसकर्मी ग्वालियर की यूनिवर्सिटी थाने में पदस्थ दरोगा प्रदीप पर्याय है। इस मामले में पुलिस का कहना है की वीडियो सामने आया है। उसकी जांच की जाएगी और किन परिस्थितियों में यह घटना हुई उसकी जानकारी लेकर आगे कार्रवाई की जाएगी।

स्टेशन बजरिया पर स्थित मंशा पूर्ण रेस्टोरेंट के मैनेजर प्रेम शर्मा ने बताया कि वह रात को होटल के बाहर बैठे थे होटल का शटर गिरा था। लेकिन कर्मचारी अंदर साफ-सफाई का काम कर रहे थे और उनकी देखरेख के लिए मैं भी बैठा हुआ था। होटल में कोई भी ग्राहक नहीं था। जब पुलिस की गश्त टीम आई तो उन्होंने पूछा यह होटल क्यों खुला है लेकिन उन्होंने मेरा कोई जवाब नहीं सुना और पुलिसकर्मी प्रदीप पार्या ने मुझे गंदी गालियां देना को चांटे मारना शुरू कर दिए। उन्होंने मेरी सत्तर वर्षीय मां के लिए भी गाली दी।
पुलिस कर्मी द्वारा इस तरह की गुंडागर्दी का यह वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है और इस वायरल वीडियो पर आमजन जमकर आक्रोश व्यक्त करते हुए प्रतिक्रिया दे रहे हैं। कई लोगों ने सोशल मीडिया पर लिखा है की गुंडों पर तो? कार्रवाई करती नहीं है पुलिस आम लोगों पर गुंडागर्दी दिखाती है कुछ लोगों ने यह भी लिखा है की हत्या लेने के बावजूद भी मारपीट क्यों? पिछले कुछ दिनों में पुलिस द्वारा दुर्व्यवहार के मामले ग्वालियर के विभिन्न स्थानों में बढ़ते हुए नजर आ रहे हैं। अब सवाल यह उठता है के पुलिसकर्मियों पर ऐसा क्या दबाव है? या उनकी ऐसी क्या मनो स्थिति है जिसके चलते वह अपना आपा खो रहे हैं और वह अपना मानसिक संतुलन इस कदर खो चुके हैं कि इस तरह की घटनाएं हो रही हैं?
