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ग़ज़ब की ग़फ़लत; सरकारी कर्मचारियों को ही सरकार बता रही बेरोजगार

रोजगार पोर्टल का यह गड़बड़ झाला मध्य प्रदेश सरकार की छवि धूमिल कर रहा है क्योंकि जिनको सरकारी नौकरी मिल चुकी है उनको भी यह पोर्टल बेरोजगार के रूप में पंजीयन किए हुए हैं।

भोपाल मध्य प्रदेश: युवा बेरोजगारों रोजगार उपलब्ध कराने के लिए देश सरकार द्वारा रोजगार कार्यालय संचालित हैं जहां इन युवाओं का पंजीयन कराया जाता है। और ई पंजीयन के आधार पर सरकारी विभागों में जब। नौकरी निकलती है तो इन बेरोजगार युवाओं को सूचना मिलती है।उस आधार पर आवेदन करके इनमें से कई युवा नौकरी पा लेते हैं। लेकिन इन युवाओं को सरकारी नौकरी मिलने के बाद भी इन। युवाओं का पंजीयन बेरोजगार युवाओं के रूप में रोजगार कार्यालय में बना रहता है। और यही कारण है कि तमाम युवाओं को रोज़गार मिलने के बाद भी सरकारी आंकड़े इन्हें बेरोजगार दर्शाते हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि ऐसे 80000। युवा हैं जो सरकारी नौकरी नौकरी प्राप्त कर चुके हैं।इसके बावजूद रोजगार कार्यालय में इनका।पंजीयन बेरोजगार युवाओं के रूप में है।

पिछले तीन साल में मध्यप्रदेश में विभिन्न सरकारी विभागों में अस्सी हजार पदों पर भर्ती निकली।इनमें एमपीपीएससी ईएसबी और विभागों द्वारा स्थानीय स्तर पर भर्तियां की गई। इन सभी भर्तियों की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। यदि हम स्थानीय स्तर की नौकरी को छोड़ दें तो अन्य सरकारी विभागों की भर्ती प्रक्रिया में आवेदन करने के लिए मध्य प्रदेश सरकार के रोजगार पोर्टल पर पंजीयन होना चाहिए और यही कारण है कि जैसे ही कोई भर्ती निकलती है। तो रोजगार पोर्टल पर पंजीयन बढ़ जाते हैं। हालाँकि रोजगार कार्यालय द्वारा ऐसा कोई प्रावधान नहीं है कि यह आवेदक रोजगार मिलने के बाद रोजगार कार्यालय में अपना पंजीयन निरस्त कराएं। आवेदक चाहकर भी अपना पंजीयन निरस्त नहीं करा सकते जबकि रोजगार कार्यालय इस तरह के पंजीयन को निरस्त कर सकते हैं। लेकिन इस तरह की कोई प्रक्रिया न अपनाए जाने के चलते सरकारी नौकरी पा। लेने के बावजूद भी इन युवाओं का पंजीयन रोजगार कार्यालय में बेरोजगार युवाओं के रूप में बना रहता है।

आपको बता दें कि मध्यप्रदेश में कुल। 53 रोजगार कार्यालय हैं जिसमें 51 जिला स्तर पर है जबकि जबलपुर में दिव्यांगों के लिए और उज्जैन। में एससी एसटी के लिए गाइडेंस सेन्टर है भोपाल? में इन सभी का मुख्यालय है जबकि जबलपुर। में विस्तार है। रोजगार कार्यालय के पोर्टल पर यह दावा किया जाता है। नौकरी चाहने वाले अपनी प्रोफाइल खुद बना सकते हैं और योग्यता के अनुसार नौकरी ढूंढ सकते हैं। नौकरी देने वाले भी अपनी रिक्तियों की जानकारी पोर्टल पर अपलोड कर सकते हैं। और जरूरत के हिसाब से वहाँ पंजीयन किए हुए। युवाओं में से अपने योग्य युवा।को चुन सकते हैं। इस सुविधा के बावजूद भी रोजगार देने वाली संस्थान इस पोर्टल पर अपनी वेकेंसी अपलोड नहीं कर रहे हैं और बेरोजगार युवाओं को जानकारी नहीं मिल रही है। बेरोजगार युवाओं के लिए इस पोर्टल पर करवाने उसे अपडेट करने उसके नवीनीकरण का विकल्प है। इस स्थिति में नौकरी पा चुके युवा। केवल यह कर सकते हैं कि जब उनकी पंजीयन की तिथि निकल जाये तो वह उसे नवीनीकरण न करवाएं। यदि रोजगार पंजीयन। को तीन साल तक नवीनीकरण नहीं करवाया जाता है।तो वह स्वयं ही निरस्त हो जाता है।

लेकिन जिस तरह से सरकारी नौकरी मिल जाने के बावजूद भी इन बेरोजगार युवाओं का पंजीयन। रोजगार कार्यालय के पोर्टल पर है। यह एक बड़ी खामी है। जो सरकार के लिए बेरोजगार युवाओं का आंकड़ा तो बढा ही रही है, साथ ही अन्य युवाओं को भी हताश कर रही है। इस पोर्टल में यदि यह सुधार कर दिया जाए। कि बेरोजगार युवा स्वयं भी नौकरी पाने के बाद यहां पर अपने पंजीयन को निरस्त कर सकें। या सरकार द्वारा यह अनिवार्य कर दिया जाए? जिस भी विभाग में बेरोजगार युवाओं को नौकरी मिले वहां नियुक्ति के समय पंजीयन निरस्त का नो ड्यूज भी अनिवार्य कर दिया जाए। ऐसे छोटे से बदलाव से जिन युवाओं को रोजगार मिल रहा है उनका पंजीयन। रोजगार पोर्टल से हट जाएगा। और ऐसी स्थिति में पोर्टल पर केवल उन वास्तविक बेरोजगार युवाओं का पंजीयन रहेगा जिन्हें नौकरी की आवश्यकता है। 

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