ग्वालियर मध्य प्रदेश: थाटीपुर थाना पुलिस ने अजीबो गरीब कारनामा कर दिखाया है। अनुसूचित जाति के व्यक्ति पर ही SC/ST एक्ट का मामला दर्ज किया है। जब पुलिस को पता चला कि आरोपी भी अनुसूचित जाति का है तो पुलिस के भी होश उड़ गए। खास बात यह है कि पुलिस ने मामला दर्ज करने से पहले यहां जांच पड़ताल नहीं की आरोपी अनुसूचित जाति का है। या नही वही अधिकारी ने इस मामले में आरोपी का SC/ST का सर्टिफिकेट मंगा कर उन धाराओं को हटाने और दूसरी धाराओं में कार्रवाई करने की बात कही है।
ग्वालियर थाटीपुर थाना क्षेत्र के गौतम नगर निवासी अजय सोनी उर्फ अजय जाटव ने थाने पहुंचकर शिकायत की थी कि करौली महल गांव निवासी दिनेश सिंह सरदार ने एक ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर उसे प्रताड़ित कर जाती सूचक गालियां दी है। जिस पर पुलिस ने बिना देर किए उसकी शिकायत पर दिनेश सिंह के खिलाफ गाली गलौज और SC/ST एक्ट के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी।
जब इस बात का पता दिनेश सिंह को चला कि उसके खिलाफ गाली गलौज के साथ-साथ पुलिस ने SC/ST एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है तो वहां थाने जा पहुँचा और उसने बताया कि वहां खुद अनुसूचित जाति में आता है दिनेश सिंह के नाम से लोग पुकारते है जबकि वहां दिनेश जाटव है और फिर पुलिस उसके खिलाफ इन धाराओं में कैसे मामला दर्ज कर सकती है उसकी इस बात को सुन पुलिस भी हैरत में पड़ गई और यहां बात पुलिस अधिकारियों तक जा पहुंची।

पुलिस अधिकारी ASP कृष्ण लालचंदानी ने बताया कि फरियादी अजय ने आरोपी का नाम दिनेश सिंह बताया था इसलिए पुलिस ने सोचा कि वहां जनरल या ओबीसी में आता होगा। इसलिए उस पर मामला दर्ज कर दिया गया। लेकिन अब इस मामले का पता चलने पर आरोपी दिनेश को नोटिस भेजा गया है और उसे अनुसूचित जाति का सर्टिफिकेट प्रस्तुत करने को कहा गया है। जैसे ही वहां सर्टिफिकेट अपना प्रस्तुत करेगा तभी पुलिस SC/ST एक्ट की धाराओं को हटाकर दूसरी धाराओं में कार्रवाई करेगी। लेकिन सवाल यहां खड़ा होता है कि अगर कोई शिकायतकर्ता SC/ST एक्ट के तहत मामला दर्ज करता है तो पुलिस की जिम्मेदारी होती है कि वहां इस मामले की जांच पड़ताल कर सुनिश्चित करें कि वहां किस जाति से आता है।
