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शादी के लिए 190 साल पुराना मंदिर दे दिया किराये पर, मामले ने पकड़ा तूल तो एसडीएम हो गयी छुट्टी

इंदौर मध्य प्रदेश: इंदौर से एक ऐसा शादी का मामला सामने आ रहा है जहां पर यह ऐतिहासिक एक सौ नब्बे साल पुराना मंदिर एक व्यापारी ने अपने बेटे की शादी के लिए किराए पर ले लिया भव्य पंडाल लगाया गया। और शादी हो भी गई। लेकिन जब इस मामले की हकीकत बाहर निकलकर आई तो पता चला कि यह मंदिर गलत तरीके से मंदिर के पुजारी को रिश्वत लेकर शादी के लिए किराए पर लिया गया था और इस तरह शादी के लिए मंदिर देना पूरी तरह से नियम विरुद्ध है।

इंदौर के राजवाड़ा परिसर से सटे प्रसिद्ध गोपाल मंदिर में अपने बेटे की शादी के लिए राजकुमार अग्रवाल नामक एक व्यक्ति ने मंदिर के मैनेजर एवं पुजारी को एक लाख रुपये देकर 25551 की रसीद कटवा ली। मंदिर प्रबंधन को बताया गया कि दूल्हा-दुल्हन के फेरे कहीं और हुए हैं सिर्फ दर्शन करने के लिए मंदिर ले जाएंगे और छप्पन भोग लगेगा। पैसे के लालच में मंदिर प्रशासन ने राजकुमार अग्रवाल को कार्यक्रम करने की अनुमति दे दी।

इसके बाद मंदिर में बाकायदा डेकोरेशन टीम को बुलाकर पूरे मंदिर का नक्शा ही बदल दिया गया. शादी के दौरान कैटरिंग टीम भी मंदिर में आ गई और घराती और बारातियों के लिए छप्पन भोग लगा दिए गए. इतना ही नहीं शादी समारोह में आए लोगों की सुविधा के लिए मंदिर के बाहर गलियारे का रास्ता भी बंद कर दिया गया। जब यहाँ दर्शन के लिए आने वाले भक्तों ने इस तरह के हालात देखे तो उन्हें यह नागवार गुजरा और उन्होंने इसकी शिकायत कर दी। और जब मुद्दा गरमाया तो इस गड़बड़ झाला की परतें खुलती गई और बड़ी लापरवाही सामने आई।

जब शादी हो रही थी उसी समय इसके फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने लगे और यह वायरल फोटो वीडियो जब प्रशासन तक पहुंचे तो तुरंत जांच शुरू कर दी गयी।इस मामले में इंदौर कलेक्टर आशीष सिंह का साफ कहना है कि मंदिर को शादी के लिए किराए पर दिए जाने की किसी तरह की कोई व्यवस्था या नियम नहीं है। जब मामले ने तूल पकड़ा तो इंदौर संभागायुक्त ने कार्रवाई करते हुए मंदिर प्रबंधक एल कौशल की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दीं। संबंधित एसडीएम को भी प्रभार से हटा दिया है।

आपको बता दें कि यह गोपाल मंदिर अति प्राचीन है और ऐतिहासिक है।एक सौ नब्बे वर्ष पुराने इस प्राचीन गोपाल मंदिर का जीर्णोद्धार स्मार्ट सिटी के फंड से अभी हाल ही में हुआ था। इसमें जनता के टैक्स दिया गया करोड़ों रुपया खर्च किया गया था और इतने सख्त के बावजूद इस मंदिर का जिस तरह से दुरुपयोग किया गया है वह इस मंदिर के प्रबंधकों की कार्यप्रणाली पर बड़ सवाल खड़े करता है। हालाँकि मामले के तूल पकड़ने के बाद कार्रवाई की खानापूर्ति हो गई है। लेकिन जिस तरह से खुलेआम एक मंदिर को शादी के लिए किराए पर दे।दिया गया वह बताता है कि मंदिर प्रबंधक किस तरह तानाशाह रहा होगा। 

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