इंदौर मध्य प्रदेश: मेडिकैप्स यूनिवर्सिटी की बस ने बुधवार को कईं वाहनों और छात्राओं को टक्कर मार दी। हादसा इतना भयंकर था कि 12वीं की छात्रा और साॅफ्टवेयर इंजीनियर की मौत हो गई। छात्राओं सहित एक ऑटो रिक्शा चालक घायल हुआ है। घटना बड़ा गणपति क्षेत्र में अंतिम चौराहा की है। मेडिकैप्स यूनिवर्सिटी की बस(एमपी 04वायजे 5064)छात्र-छात्राओं को लेकर आ रही थी। ओवर स्पीड में आ रही बस ने सबसे पहले विवेक हिंगड की कार(एमपी 09डब्ल्यूएच6111) को टक्कर मारी। इसके बाद स्कूटर सवार एकांश पांड्या को चपेट में ले लिया। चालक ने इसके बाद भी बस नहीं रोकी और कार(एमपी 09डीएन 9998) को टक्कर मारते हुए छात्राओं को टक्कर मार दी। कार गणेशगंज निवासी अमित खाटवा की है जो कुछ देर पूर्व ही सड़क किनारे खड़ी की थी। इसके बाद बस ने साइकिल से जा रही मानसी श्रीवास,सोहानी राठौर और खुशी करोसिया को चपेट में लिया।
मानसी बस के पहियों की बीच में ही फंस गई थी। रहवासियों और राहगिरों ने घायलों को अस्पताल भिजवाया लेकिन डाॅक्टर ने एकांश पांड्या और मानसी श्रीवास को मृत घोषित कर दिया। उनकी सिर में चोट लगने और अधिक खून बहने से मौत हो गई। स्थिति देख बस चालक जीवनसिंह और कंडक्टर फरार हो गया। 16 वर्षीय मानसी अजय श्रीवास(हुकुमचंद कॉलोनी)सहेली सोहानी संजय राठौर(तेली बाखल) और खुशी जितेंद्र करोसिया(इंद्रानगर) के साथ क्लाथ मार्केट कन्या विद्यालय में 12वीं में पढ़ती थी।

तीनों सहेलियां साइकिल से घर रवाना हुई थी। स्कूल से 50 मीटर दूर आई थी कि बस को आते हुए देखा और साइड में खड़ी हो गई। बस उनकी तरफ ही आ गई और तीनों को टक्कर मार दी। सूचना मिलते ही क्लाथ मार्केट मर्चेंट एसोसिएशन के सचिव कैलाश मुंगड़ व प्राचार्य प्रिया चौहान भी आ गई। उसी वक्त बच्चियों के अभिभावक भी आए हुए थे। प्रत्यदर्शी अमित खाटवा के मुताबिक मानसी पहियों के बीच में थी। उसको निकालने के लिए बस पीछे धकेलना पड़ी। वह बोलने की स्थिति में भी नहीं थी। उसको गीतांजलि अस्पताल ले गए। उसके पिता अजय व मां कृष्णा भी पहुंची लेकिन डाॅक्टर ने मृत बता दिया। अजय अकाउंटेंट हैं। उनका एक 7 वर्षीय बेटा है।
सीताराम कॉलोनी(बड़ा गणपति) निवासी 32 वर्षीय एकांश सुशील पंड्या आइटी कंपनी में इंजीनियर थे। चचेरे भाई गौरव के मुताबिक वह घर से दवा लेने निकला था। करीब 100 मीटर दूर आया था और बस ने टक्कर मार दी। एकांश करीब 50 फीट दूर आकर गिरा। उसके सिर में चोट लगी थी। प्रत्यक्षदर्शी भूपेंद्र के मुताबिक समय पर उपचार नहीं मिला। लोगों ने वीडियो बनाया पर समय पर अस्पताल नहीं भेजा। ज्यादा खून बहने से उसकी मौत हो गई। एकांश घर में सबसे बड़ा था। उसका एक भाई आदर्श और बहन आयुषी है।
