रीवा मध्य प्रदेश: सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें एक सीएम राइस स्कूल में एक महिला बच्चों को खाना बांट रही है। लेकिन जब वह दाल और सब्जी की टंकी खोलती है तो उसमें पानी के अलावा कुछ और नजर ही नहीं आ रहा है। पानी इतना ज्यादा है कि महिला को खुद ही ऊपर का पानी निकालकर फेंकना पड़ रहा है। यकीन मानिए पानी इतना ज्यादा है जितना मानसून मैं आपके कॉलोनी में विना भरा हो और पानी इतना कम भी है जिसमें शर्म के मारे सिस्टम के कमीशन खोर डूबकर भी नहीं मर सकते। मामला रीवा जिले के त्योंथर तहसील के चाकघाट सीएम राइस सांदीपनी स्कूल का है।
रीवा मे “मिड डे मील” के नाम पर बच्चो की सेहत से खिलवाड. सीएम राइज स्कूल मे बच्चों को परोसा गया घटिया भोजन. पानी वाली दाल सब्जी और कच्चा चावल.
त्योंथर तहसील स्थित चाकघाट अपने घटिया मध्यान भोजन को लेकर इस समय पूरे प्रदेश में सुर्खियों में बना हुआ है। यहाँ से एक ऐसा वीडियो वायरल हुआ है। जिसने मध्यान्ह भोजन के नाम पर छात्रों को दिए जा रहे घटिया। भोजन की पोल खोल दी है। यहां पर स्थित सीएम राइज स्कूल मे बच्चो को मिड डे मील के नाम पर घटिया भोजन परोसा गया जिसका वीडियो भी सोशल मीडिया मे बड़ी तेजी कें साथ वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो मे साफ तौर से देखा जा सकता है कि जिस बर्तन मे बच्चों को परोसा जाने वाला भोजन है उसमे दाल और सब्जी कम पानी की मात्रा काफी ज्यादा है। वायरल वीडियो देखकर ऐसा प्रतीत होता है की सीएम राइज स्कूल मे मिड मिल के नाम पर भी जमकर धांधली की जा रही जिसमे उन्हें पौष्टिक आहार तो दूर उल्टा मौत के मुंह मे ढकेला जा रहा हैं।
दरअसल सोशल मीडिया मे एक वीडियो बड़ी तेजी के साथ वायरल हुआ। वायरल वीडियो की जब पड़ताल की गई तो वह वीडियो त्योंथर तहसील के चाकघाट स्थित सीएम राइज स्कूल का निकला। वायरल वीडियो मे देखा जा रहा है की बच्चो को परोसे जाने वाले भोजन मे पानी के मात्रा कितनी है। वहां पर खड़े किसी सख्श ने बच्चो को खाना परोसते का वीडियो अपने मोबाइल कैमरे मे कैद कर लिया। दाल और सब्जी का डब्बा डब्बे को खोलते ही उसमे पानी ही दिखाई दिया जबकि चावल अधपका था। खाना परोस रही महिला से दाल और सब्जी का पानी निकलवाकर अलग कराया गया जसके बाद दाल और सब्जी दिखाई दी।

मामले पर जिला शिक्षा अधिकारी रामराज मिश्रा ने भी अपनी प्रतिक्रिया देखते हुए वहीं तो घिसा पिटा राग अलापा है, उन्होने कहा की मध्यान भोजन मे की गई अनियमितता की शिकायत प्राप्त हुई है. जांच करवाकर जो सुधार की व्यवस्था करते हुए जो भी कार्रवाई होंगी की जाएगी।
इसी वायरल वीडियो मे परोसे गए भोजन को सीएम राइज स्कूल के नन्हे छात्रों ने अपनी थाली का खाना गया को खिला दिया जब बच्चो से पूछा गया तो उनका कहना था की दाल और सब्जी मे पानी अधिक है और चावल भी कच्चा है. पूरे मामले पर अब समाजसेवियो ने सरकार प्रशासन और मध्यान भोजन बनाने वाली एजेंसियो को जिम्मेदार ठाहरया है।
समाजसेवी बीके माला का कहना है कि मध्य प्रदेश सरकार के द्वारा शासकीय स्कूलों में जो मध्यान भोजन छात्रों को परोसा जा रहा है उसमें पोषक तत्व और विटामिन से भरपूर भोजन ही मध्यान भोजन के रूप मे छात्रों को परोसा जाना है. लेकिन रीवा जिले मे ऐसा कुछ भी नहीं है. बच्चों को विटामिन और प्रोटीन युक्त भोजन परोसा जाना चाहिऐ वो नहीं दिया जा रहा. ऑपचारिकता के रूप मे अधिक पानी युक्त दाल और सब्जी परोसी जाती है।
समाजसेवी ने बताया कि बच्चों को परोसे जाने वाले मध्यान भोजन का जो मेनू है उसमे अलग अलग प्रकार की दाल, हरी और मौसमी सब्जी, हफ्ते मे एक दिन खीर या पूड़ी हो., स्कूल में बच्चों को विटामिन और प्रोटीन युक्त भोजन मिल सके जिसके चलते मध्यान भोजन की व्यवस्था की गई है वायरल वीडियो मे जो भोजन छात्रों को परोसा गया है यह मानक के विपरीत है इसकी जांच करके कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए।
