भोपाल मध्य प्रदेश: मध्यप्रदेश के जिला दतिया के थाना गोंदन में पदस्थ ए ईसाई प्रमोद पावन ने आत्महत्या कर ली आत्महत्या से पहले उन्होंने एक वीडियो जारी किया जिसमें उन्होंने रेत माफिया और पुलिस के गठबंधन का खुलासा किया यह वीडियो कल। दिन भर सोशल मीडिया पर वायरल होता रहा लेकिन इस वीडियो में जो कुछ प्रमोद पावन ने कहा है वह साह बता रहा है। के मध्य प्रदेश में रेत माफिया किस कदर हावी है और उसे किस कदर सत्ता और मंत्रियों का संरक्षण प्राप्त है कि यदि पुलिस माफिया के साथ सहयोग न करें तो उसे इतना प्रताड़ित किया जाएगा कि उसे मौत को गले लगाना होगा।
एएस आई प्रमोद पावन ने जो वीडियो जारी किया है उसमें अपने सहयोगी पुलिसकर्मियों पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने अपने ही गोंदन थाना प्रभारी अरविंद भदोरिया थरेट थाना प्रभारी अनफ़ासुल हसन और गोंदन थाने में वाहन चालक आरक्षक रूप नारायण यादव पर आरोप लगाए हैं। कि इन्होंने ही रेत माफिया बबलू उर्फ अरविंद यादव के दबाव ने मुझे प्रताड़ित किया और इन सब लोगों ने मिलकर इस पुलिसकर्मी प्रमोद पावन को इतना प्रमाण प्रताड़ित किया कि आखिरकार इन्हें आत्महत्या के लिए मजबूर होना पड़ा। अब सवाल यह उठ रहा है कि ऐसी क्या मजबूरी रही होगी? या प्रमोद पावन ने ऐसा क्या कर दिया होगा कि यह अपने साथी पुलिस और रेत माफिया के निशाने पर आ गए।
अपने वायरल वीडियो में प्रमोद पावन यह कहते नज़र आ रहे हैं कि कुछ दिन पहले उन्होंने चेकिंग के दौरान बिना कागजाद के एक ट्रैक्टर को पकड़ा था। यह टैक्टर रसूखदार रेत माफिया बबलू यादव का था। बस रेत माफिया को एक एएसआई द्वारा अपना ट्रैक्टर पकड़ा जाना नागवार गुजरा और इस रेत माफिया के इशारे पर ही गोंद थाना प्रभारी अरविंद भदोरिया और आरक्षक। रूप नारायण ने ट्रैक्टर को छुड़वा दिया और साथ ही एएसआई को तभी से प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। रेत माफ़िया का ट्रैक्टर पकड़े जाने के बाद एएस आई प्रमोद पावन। माफिया के निशाने पर था और यही वजह रही कि फिर एएसआई को तरह तरह से प्रताड़ित किया जाने लगा। प्रमोद पावन ने अपने वीडियो में जो कुछ खुलासे किए हैं वह शाह बता रहे हैं के मध्य प्रदेश में रेत माफिया और पुलिस की सांठ गांठ चल रही है और जो पुलिसकर्मी सांठगांठ नहीं करेगा उसे इस तरह का खामियाजा भुगतना पड़ेगा।
प्रमोद पावन की आत्महत्या के मामले में दतिया एसपी। की लापरवाही भी सामने आई है। क्योंकि एक आवेदन भी सामने आया है जिसमें प्रमोद पावन थाना प्रभारी अरविन्द भदोरिया रूप नारायण और रेत माफिया पर मानसिक प्रताड़ना के आरोप लगाते हुए कार्यवाही के लिए आवेदन किया था। लेकिन उस आवेदन को एसपी द्वारा गंभीरता से नहीं लिया गया अब एसपी। का कहना है की वह आवेदन स्थापना शाखा तक आया होगा उनके पास तक नहीं पहुंचा। एसपी का यह जवाब शाह बताता है कि अधीनस्थ पुलिसकर्मियों की समस्याओं को लेकर ही पुलिस विभाग गंभीर नहीं है।

मृतक एएस आई का छोटा भाई अनिरुद्ध पावन भी बड़ौनी थाना में प्रधान आरक्षक है। भाई अनिरुद्ध का कहना है कि अगर अधिकारी समय पर सुन? लेते तो आज मेरा भाई जिंदा होता। अब कम से कम जांच ऐसी हो कि।दोषियों को सजा ही मिल जाए। जिस तरह से अनिरुद्ध ने कहा है कि जांच ऐसी हो यह साहब बताता है के पुलिस में पदस्थ अनिरुद्ध को ही पुलिस सिस्टम के द्वारा की जाने वाली जांच पर अभी से ही संशय है। यकीन मानिये कि यदि कोई पुलिसकर्मी रेत माफिया पर सख्त कार्रवाई करे। तो उसे या तो इतना प्रताड़ित। किया जाएगा या कहीं किसी ट्रैक्टर? या डंपर से कुचल दिया जाएगा। और यह भी यकीन मान लीजिए। कि जांच के बाद कोई भी दोषी पकड़ा नहीं जाएगा मध्यप्रदेश। में आज तक रेत माफिया द्वारा किए गए पुलिस पर हमले। फोन के बाद की गई जांच में इसी तरह के शून्य परिणाम सामने आए हैं।
जिस तरह से वायरल वीडियो में एएसआई प्रमोद पावन ने गंभीर बातें उजागर की हैं। वह साफ बताती हैं कि मध्यप्रदेश। में रेत माफिया के साथ मिलकर चलना पुलिसकर्मियों की मजबूरी है। हालाँकि इसके बदले उन्हें कुछ हिस्सेदारी मिलती। वो इस बात से भी इनकार नहीं किया जा सकता। लेकिन उनके पास रेत माफिया को सहयोग करने के अलावा कोई विकल्प नहीं होता क्योंकि जिस तरह से उस समय पूर्व एक जिम्मेदार मंत्री ने गैर। जिम्मेदारों ने जवाब देते हुए रेत माफिया को पेट माफिया बताया था।उनका साफ कहना था कि हमारे भी पेट पलने दो।तुम भी पेट पा लो और जो पेट नहीं पालेगा उसका पेट गोलियों से फाड़ दिया जाएगा। आपको भी आपके आस-पास कई जगह अवैध खनन। दिखेगा अवैध रेत से भरे डंपर अवैध। रेत की फड़ दिखाई देंगी लेकिन यकीन मानिए पुलिस की मजबूरी है कि उन पर कोई कार्रवाई न करें क्योंकि इस तरह के हर एक छोटे बड़े रेत माफिया को कहीं ना कहीं सत्ता में पैठ रखने वाले अपने आकाओं का संरक्षण है। सत्ता और विपक्ष के कई रसूखदार नेता रेत के इस खेल में या कहें मौत के इस खेल में शामिल हैं। इसलिए एएसआई प्रमोद पावन के इस मौत पर कुछ दिनों का दुख व्यक्त कीजिए फिर भूल जाइये और फिर रेत माफिया का यह खेल यूं ही चलने दीजिए।
