डिजिटल डेस्क नई दिल्ली: गाजियाबाद में रहने वाले एक युवक हर्ष वर्धन जैन ने फर्जीवाड़े की एक नई कहानी लिख। दी है वह फर्जी राजदूत बनकर ठगी का। कारोबार कर रहा था। यहां सबसे बड़ी बात यह है कि अपने फर्जीवाड़े के लिए न। केवल वह फर्जी राजदूत बना था बल्कि एक किराए के मकान में फर्जी दूतावास भी चला रहा था। और सबसे बड़ी हैरान करने वाली बात है कि उसने इस फर्जीवाड़े के लिए। ऐसे फर्जी देशों के नाम बना रखे थे जो देश वास्तव में दुनिया में हैं ही नहीं। West Arctica, Saborga, Poulvia, Lodonia यह कुछ ऐसे नाम हैं जिन नाम के देश का।राजदूत वह खुद को बताता था।
इस शातिर युवक हर्षवर्धन ने दूतावास चलाने के लिए कभी नगर में किराए का मकान ले रखा था जिस में “वेस्ट आर्कटिक दूतावास” चला रहा था। वह खुद को West Arctica, Saborga, Poulvia, Lodonia जैसे देशों का कॉन्सुल या एम्बेसडर बताता था। लोगों को झांसा देने के लिए वह प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति और अन्य महत्वपूर्ण लोगों के साथ अपनी फोटोशॉप की हुई तस्वीरें दिखाता था। पुलिस का कहना है कि हर्ष वर्धन का मुख्य काम कंपनियों और लोगों को विदेश में काम दिलाने के नाम पर दलाली करना था। वह शेल कंपनियों के माध्यम से हवाला रैकेट भी चला रहा था। जांच में पता चला है कि हर्ष वर्धन पहले चंद्रास्वामी और अदनान खगोशी (अंतर्राष्ट्रीय हथियार डीलर) के संपर्क में भी था। 2011 में उसके पास से एक अवैध सैटेलाइट फोन भी बरामद हुआ था, जिसके लिए कविनगर थाने में मामला दर्ज किया गया था।

पुलिस ने हर्ष वर्धन के पास से कई चीजें बरामद की हैं। इनमें नीले रंग की डिप्लोमैटिक नंबर प्लेट लगी चार गाड़ियां, माइक्रोनेशन देशों के 12 डिप्लोमैटिक पासपोर्ट, विदेश मंत्रालय की मोहर लगे फर्जी दस्तावेज, दो फर्जी पैनकार्ड, विभिन्न देशों और कंपनियों की 34 मोहरें, 2 फर्जी प्रेस कार्ड, 44,70000 रुपए नकद और कई देशों की विदेशी मुद्रा शामिल हैं। इसके अलावा, कई कंपनियों के दस्तावेज और 18 डिप्लोमैटिक नंबर प्लेट भी बरामद हुई हैं। इस पूरे मामले में सबसे बड़ी हैरान करने वाली बात यह है कि काफी लंबे समय से यह युवक यह कारनामा कर रहा था लेकिन किसी को शक भी नहीं हुआ। पुलिस जांच में जुट गई है कि इस ठग ने अभी तक क्या क्या कारनामे किए हैं।
