ग्वालियर मध्य प्रदेश: संगीत की नगरी ग्वालियर के जी वाय एमसी ग्राउंड पर आज 27 अगस्त से संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा प्रारंभ हुई जो 3 सितंबर को भंडारे प्रसादी के साथ समाप्त होगी। कथा के पूर्व नाका चंद्रवदनी तिराहे से भव्य कलश यात्रा का आयोजन किया गया जहां यात्रा में पीले परिधानों 351 महिलाएं अपने सर पर कलश लेकर चल रही थीं। वहीं कलश यात्रा के पीछे कथा के मुख्य अजमान श्रीमती ज्योति-अनिल शिवहरे अपने सर पर भागवत पोथी लेकर चल रहे थे।
रथ -गाड़ी पर अयोध्या से ग्वालियर पधारे जगतगुरु रामानंदाचार्य स्वामी श्री राम दिनेशाचार्य जी महाराज विराजमान थे। कलश यात्रा शहर के नाका चंद्रवंदनी से प्रारंभ होकर थीम रोड कटोरा ताल, अचलेश्वर मंदिर होते हुए कथा स्थल जी वाय एम सी मैदान पर जा कर समाप्त हुई। कलश यात्रा में बैंड एवं ढोल नगाडों ने कलश यात्रा में चार चांद लगा दिए वहीं कलश यात्रा का जगह-जगह और जेसीबी से फूल वर्षा कर भव्य स्वागत भी किया गया।

कलश यात्रा समापन के पश्चात प्रसिद्ध भागवत आचार्य रामानंदाचार्य स्वामी श्री राम दिनेशाचार्य ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि संत को संस्कृत का ज्ञान होना अनिवार्य नहीं है। उन्होंने कहा की कुछ कथा व्यास अपनी वाणी पर संयम नहीं रख पाते हैं। प्रत्येक भागवत आचार्य को अपनी वाणी पर संयम रखना चाहिए जो की बहुत आवश्यक है। वहीं उन्होंने लिव इन रिलेशनशिप में रह रही महिलाओं- पुरुषों को लेकर कहा कि यह हमारे सनातन समाज के खिलाफ है। संगीतमय श्रीमद् भागवत ज्ञान यज्ञ सप्ताह प्रारंभ के अवसर पर कथा परीक्षित परिवार श्रीमती शकुंतला-स्व. श्री अशोक शिवहरे,
श्रीमती- लक्ष्मी रिंकेश शिवहरे, और श्रीमती ममता- अनूप शिवहरे (एडवोकेट) सहित शहर के अन्य प्रबुद्ध गणमान्य नागरिक और माता बहने उपस्थित थीं।
