ग्वालियर मध्य प्रदेश: आज सुबह ग्वालियर से बीना जाने वाली पैसेंजर ट्रेन को ग्वालियर शिवप्री रेलखंड में पडने वाले दोरार गांव के रहवासियों ने रोक दिया। ग्रामीण आक्रोशित थे और वह किसी भी कीमत पर ट्रेन को निकलने देना नहीं चाहते थे। जब इस घटना की सूचना झांसी कंट्रोल रूम तक पहुंची तब झांसी मंडल के अधिकारियों ने तुरंत अपने अधीनस्थों को घटनास्थल पर भेजा। अधिकारियों ने भी समझा कि ग्रामीणों का ट्रेन रोकने के पीछे का कारण कारण सही था हालांकि उनका यह तरीका गलत था।
ग्वालियर शिवपुरी रेलखण्ड में दौरार गाँव को मुख्य सड़क से जोड़ने के लिए रेलवे ट्रैक के नीचे से अंडर ब्रिज बनाया गया था। इस अंडरब्रिज को ग्रामीणों को सुविधा देने के उद्देश्य से बनाया गया था।ताकि हर अच्छी बुरी परिस्थिति में वह इस अंडर ब्रिज से गुजर कर मुख्य रास्ते से अपने कार्य के लिए जा पाये। लेकिन ग्रामीणों की सुविधा के लिए बनाया गया यह अंडरब्रिज ही उनके लिए एक बड़ी परेशानी का सबब बन गया।
इस समय मानसून पूरे प्रदेश में मेहरबान हैं और इसी मानसून के चलते इस क्षेत्र में भी बारिश हो रही है जिसका विपरीत प्रभाव यह पढ़ रहा है कि अति वर्षा होने की वजह से यह अंडर ब्रिज पानी से अलग भर जाता है। इस अंडर ब्रिज के निर्माण के समय पानी के निकासी की कोई भी व्यवस्था रेलवे के निर्माण एजेंसी ने नहीं छोड़ी है। जिसका खामियाजा अब ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है उनके बच्चे गांव से बाहर निकलकर स्कूल नहीं जा पा रहे हैं और यदि किसी मरीज को भी शहर तक लाना हो तो ग्रामीणों को खासी मशक्कत करनी पड़ रही है। हालांकि ग्रामीण पंप लगाकर इस पानी को निकालने का प्रयास करते हैं।

ग्रामीणों ने आज सुबह जब ट्रेन रोकी तो उन्होंने इस ट्रेन को रोकने के लिए बाकायदा रेलवे ट्रैक पर एक बड़ी लाल झंडी लगा दी थी जिसे देखकर ट्रेन का ड्राइवर दूर से ही ट्रेन को रोक सके। जब ट्रेन रुकी तो ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने ट्रेन में उपस्थित स्टाफ। को भी खरी-खरी सुनाई उसके बाद वहां पहुंचे अन्य। रेलवे के अधिकारियों को भी ग्रामीणों ने दो टूक कहा कि उन्हें इस समस्या से निजात चाहिए। लगभग 1 घंटे तक ट्रेन रुकी रही और इसी बीच ट्रेन में बैठे यात्री परेशान होते रहे। आखिरकार रेलवे अधिकारियों की तुरंत कार्रवाई करके समस्या का।निदान करने के आश्वासन पर ग्रामीणों ने ट्रेन को आगे जाने दिया।
