ग्वालियर मध्य प्रदेश: आदिवासी छात्राओं को हॉस्टल के नाम पर दी जाने वाली सुविधाओं की पोल उस समय खुल गई जब ग्वालियर के शारदा विहार स्थित पीएमए हाॅस्टल की कई छात्राएं जनसुनवाई में पहुंची। इन छात्राओं ने हॉस्टल में व्याप्त अव्यवस्थाओं को लेकर छात्रावास की अधीक्षिका पर गंभीर आरोप लगाए। छात्राओं ने होस्टल अधीक्षिका पर साफ सफाई न होने अच्छा खाना न मिलने के साथ साथ जातिगत भेदभाव तक के आरोप लगाए हैं।
यह 50 सीटर अनुसूचित जनजाति कन्या छात्रावास है, आदिवासी छात्राओं को जिन सुविधाओं का को देने के दावे के साथ यह खोला गया। आज यहां रह रही छात्राएं उन सुविधाओं के लिए तरस रही हैं और बार बार शिकायत के बाद अब यह मजबूत छात्राएं।मंगलवार को कलेक्टर जनसुनवाई में पहुंची। इन छात्राओं ने हॉस्टल की अधीक्षिका राखी शर्मा पर जातिगत भेदभाव के आरोप लगाए हैं। साथ ही इन छात्रों का कहना है कि इन्हें हॉस्टल में वह सब सुविधाएं नहीं मिल रही है जो होनी चाहिए थी और जब वह इन सुविधाओं की बात करती हैं तो हॉस्टल अधीक्षिका उन्हें धुत्कारते हुए कह देती हैं कि तुम्हारे घर में भी यह सब नहीं मिलता होगा जो तुम्हें यहां मिल रहा है। छात्राओं की शिकायत है कि न हॉस्टल में सफाई रहती है और न ही अच्छी गुणवत्ता का खाना दिया जा रहा है।

आपको बता दें कि आदिवासी छात्राओं के लिए बने इस हॉस्टल में 50 छात्राएं रहती हैं जो मध्यप्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आई हैं। जिस तरह से ये छात्राएं मूलभूत सुविधाओं के लिए परेशान है यह साफ दर्शाता है कि हॉस्टल प्रबंधन द्वारा छात्राओं को सुविधाएं देने में लापरवाही बढ़ती जा रही है। जब हॉस्टल स्तर पर छात्राओं के शिकायतों की सुनवाई नहीं हुई तब छात्राओं ने जिला प्रशासन की ओर रुख करते हुए जन सुनवाई में शिकायत की है। अब देखना होगा कि जिला प्रशासन इस गंभीर मामले में क्या कार्रवाई करता है…
