भिंड मध्य प्रदेश डिजिटल डेस्क: भिंड में हाल ही में पकड़े गए हनी ट्रैप और ब्लैकमेल करने वाले गिरोह के चार सदस्यों में से एक महिला के एचआईवी पॉजीटिव होने की पुष्टि हुई है। यह जानकारी जब अवश्य शहर में फैली तो खलबली मच गई। गिरफ्तारी के बाद पुलिस महिला को रूटीन मेडिकल जांच के लिए जिला अस्पताल लेकर पहुंची थी। यहां सामने आया कि महिला तीन साल से एचआईवी संक्रमित है। और इलाज इसी अस्पताल में करवा रही है। इस दौरान वह इस गिरोह में शामिल होकर कई लोगों के शारीरिक संपर्क में भी आई। यह जानकारी मिलते ही क्षेत्र में खलबली मची हुई है।
महिला के एचआईवी पॉजिटिव पाए जाने के बाद पुलिस ने अब उसे एंगल से भी इस मामले की जांच शुरू कर दी है और इस महिला के साथ शारीरिक संबंध बनाने वाले तमाम कोशों की खोजबीन कर उन्हें भी सूचित किया जा रहा है। पुलिस को महिला के मोबाइल फोन में कुछ लोगों के साथ अंतरंग फोटो व वीडियो भी मिले हैं। इसके आधार पर पुलिस ने कुछ लोगों से संपर्क भी किया है। लेकिन इनमें से अधिकतर लोग एचआईवी जांच कराने के लिए तैयार नहीं हो रहे हैं। कुल मिलाकर, इस गिरोह द्वारा हनी ट्रैप का शिकार हुए लोग अब डर के साये में जी रहे हैं।
आपको बता दें कि कुछ समय पहले भिंड में हनी ट्रैप के एक हैरतअंगेज मामले का खुलासा हुआ था। हनीट्रैप गिरोह आर्थिक रूप से संपन्न वृद्ध पुरुषों, किसानों और व्यापारियों को निशाना बनाता था। पहले महिलाओं के माध्यम से उनसे संपर्क स्थापित किया जाता, फिर आपत्तिजनक वीडियो बनाकर उन्हें बहुप्रसारित करने या दुष्कर्म के झूठे मामलों में फंसाने की धमकी देकर लाखों रुपये की वसूली की जाती थी। यह भी सामने आया है कि शिकार बनाए गए लोगों को भरोसा दिलाने के लिए 100 रुपये के स्टांप पेपर पर समझौतेनुमा दस्तावेज तैयार कराए जाते थे, जिनमें संबंधों को आपसी सहमति से बना बताया जाता था। भविष्य में किसी प्रकार की शिकायत नहीं करने का उल्लेख किया जाता था। इन पर गवाहों के हस्ताक्षर भी कराए जाते थे।
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हनीप्रेप के इस मामले में पहली शिकायत ग्राम रछेड़ी निवासी एक पीड़ित ने देहात थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि 23 मई को उन्हें एक महिला मिली, जिसने पैर में दर्द होने की बात कहकर घर छोड़ने का अनुरोध किया। वह उसे उसके घर छोड़ने गए। आरोप है कि महिला ने वहां जबरन चाय पिलाई और शारीरिक संबंध बनाए। इसका वीडियो मोबाइल से रिकॉर्ड कर लिया। इसके बाद दुष्कर्म का झूठा केस दर्ज कराने की धमकी देकर सात लाख रुपये की मांग की। पीड़ित ने तत्काल पांच हजार रुपये दे दिए। बाद में खेत बेचकर बाकी रकम देने का दबाव बनाया जाने लगा। गिरोह में शामिल दूसरी महिला व कुछ लोग उसके गांव पहुंचे और रुपये नहीं देने पर वीडियो इंटरनेट मीडिया पर बहुप्रसारित करने तथा जान से मारने की धमकी दी। पुलिस ने 28 मई को गिरोह में शामिल दो महिलाओं व दो पुरुषों का पकड़ा था।
अब इस पूरे मामले में हनी ट्रेप का शिकार हुए तमाम लोग आर्थिक रूप से तो ठगे ही गए थे, लेकिन इस किलो की महिला की सच्चाई भी पॉजिटिव।रिपोर्ट की खबरें फैलने पर ऐसे तमाम लोग कह चुके हैं।हालांकि पुलिस इन लोगों से संपर्क कर इनकी जांच कराए जाने का प्रयास कर रही है, लेकिन ज्यादातर लोग सामने आना नहीं चाह रहे हैं।
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