WHO alert on hanta virus: इस समय दुनिया में हंता वायरस तेजी से फैल रहा है और इस वायरस का फैलाव तेजी से देखते हुए विश्व स्वास्थ्य संगठन ने अलर्ट भी जारी कर दिया है। यह वायरस अब तक 12 देशों में फैल चुका है। हेग में इस वायरस की शुरुआत हुई और अभी यहां 8 केस मिले हैं, जिनमें से 5 में इसकी पुष्टि हुई है जिनमें से 3 की मौत हो चुकी है। मौत का यह रेशो चौंकाने वाला है। इस मामले में, विश्व स्वास्थ्य संगठन के महानिदेशक टेड्रोस एडनोमो का कहना है कि जिस एमबी होडियंस लग्जरी क्रूज शिप में इस वायरस की पुष्टि हुई, वो अभी अफ्रीकी महाद्वीप के देश कैप वनडे में रुकने के बाद स्पेन के केनेरी द्वीप की ओर बढ़ रहा है। इस शिप पर और भी संदिग्ध मरीज हो सकते हैं।जहाज शनिवार को स्पेन, पहुंचेगा और स्पेन के स्वास्थ्य मंत्रालय ने इस जहाज को वहां रुकने की अनुमति दे दी है।
आपको बता दें कि दो हजार उन्नीस में दुनिया में कोरोना वायरस की शुरुआत हुई थी और दो हजार बीस के आते आते।यह एक भयावह महामारी के रूप में पूरी दुनिया में फैल चुका था, उस समय हालात यह थे कि कई देशों में लॉकडाउन लगा था जो कई दिनों तक जारी रहा और कई देशों में कोरोना वायरस की चपेट में आने वालों की संख्या लाखों में थी और कोरोना वायरस के आतंक ने पूरी दुनिया की व्यवस्था को धराशायी कर दिया था। तमाम देश की सरकारों के कोरोना रोकने के उपाय धरे के धरे रह गए थे, तमाम रोग पाबंदियों और लॉकडाउन के बावजूद कोरोना वायरस हर जगह पहुंच गया। अभी अभी, कई लोग उन पलों को भुला भी नहीं सके हैं कि एक बार फिर एक और वायरस की दहशत कई देशों में पहुंच चुकी है।

यह भी पढ़ें श्री चेतन्या स्कूल का रसूख शिक्षा विभाग पर भारी, जांच में गोलमाल का बड़ा खेल
जिस क्रूज शिप के यात्रियों में हंता वायरस की पुष्टि हुई है, वह अभी समुद्र में यात्रा कर रहा है और इसमें अभी एक सौ दस यात्री और क्रू मेंबर सवार हैं। इस शिप के सभी यात्रियों को बहुत सावधानीपूर्वक आइसोलेट करके उपचारित किया जाए तो यहां पर इस खतरे को रोका जा सकता है। फिलहाल विश्व स्वास्थ्य संगठन ने अमेरिका, कनाडा सहित बारह देशों को अलर्ट किया है जिसके अस्सी यात्री इस जहाज में यात्रा कर रहे थे और चौबीस से पच्चीस अप्रैल को अपने देश लौटे थे। विश्व स्वास्थ्य संगठन का कहना है कि इस वायरस का मुख्य कारण चूहे हैं, चूहों से ही यह वायरस इंसानों में पहुंचता है। और जिन बारह देशों में इस शिप से अस्सी संदिग्ध यात्री उतरे हैं, अब उनकी भी तलाश कर उनकी जांच और उपचार के प्रयास इन देशों में किए जा रहे हैं।
जिस लग्जरी क्रूशिप में हंता वायरस के संक्रमण की पुष्टि हुई है, इसके क्रू में दो भारतीय भी शामिल हैं लेकिन वे अभी भारत आएंगे या स्पेन में ही जांच कर उपचारित होंगे। यह देखना होगा। लेकिन भारत में हंता वायरस का इतिहास रहा है। भारत में सबसे पहले तमिलनाडु के वेल्लोर में 1964 में एक छछुंदर में हंता वायरस मिला था। और सन् दो हजार में इंसानों में भी हंता वायरस की पुष्टि हुई थी। 2008 में तमिलनाडु में हुए एक शोध में 28 मरीजों में इस वायरस के प्रति एंटीबॉडीज मिले थे। ये लोग गोदामों में काम करते थे और चूहों के संपर्क में रहते थे।
यह भी पढ़ें एक तरफ खुदाई दूसरी ओर ट्रैफिक नियमों से जुदाई, ग्वालियर क्यों बना जाम नगर?
छोटी छोटी सावधानी रखकर आप प्रेम को इस वायरस के प्रकोप से बचा सकते हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, यह वायरस चूहों और गिलहरियों में पाया जाता है। इस वायरस के साथ एक अच्छी बात अभी तक यह निकल कर आई है कि यह इंसानों से इंसानों में नहीं फैलता। लेकिन जो वायरस इस लग्जरी क्रूज में फैला है वह इसका दक्षिण अमेरिकी वेरिएंट एंडीज है। शिप से उतरे पांच मरीजों में इस वेरिएंट की पुष्टि हुई है और यह वेरिएंट इंसान से इंसान में फैलने की क्षमता रखता है। यह वायरस भी कोरोना की तरह ही शरीर को नुकसान पहुंचाता है।शुरू के कुछ दिन तेज बुखार, मांसपेशियों में दर्द और थकान के लक्षण दिखते हैं।उसके बाद फेफड़ों पर अटैक होता है, सांस लेने में दिक्कत होती है और फेफड़ों में पानी भर जाता है।
वर्तमान स्थिति में, भारत में अभी एक भी सक्रिय केस देखने को नहीं मिला है। फिर भी, विश्व स्वास्थ्य संगठन के अलर्ट को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता और लापरवाह बरतना बहुत ज़रूरी है। इस पूरे मामले में जब यह तय हो चुका है कि सबसे अधिक संभावना हंता वायरस की चूहों से इंसान में आने की होती है, तो बेहतर है कि चूहों से स्वयं का बचाव करें, चूहों के मल मूत्र को हाथ से न छूएं। घर में साफ सफाई रखें, हर संभव प्रयास करें के चूहे आपके घर में न आएं।।
