डिजिटल डेस्क नई दिल्ली: आजकल कंगना रनाउत हमेशा खूबसूरत रंगबिरंगी साड़ियों में ज्यादातर नजर आती हैं जब से उन्होंने राजनीति के क्षेत्र में कदम रखा है। साड़ियों में उनका लुक लोगों को खासा पसंद आ रहा है। कंगना रानाउत किसी भी पैटर्न की साड़ी को एक नए बार जरूर अपनाती हैं। दिल्ली क्राफ्ट काउंसिल द्वारा आयोजित साडीज ऑफ इंडिया में मध्य प्रदेश के धार जिले में बनने वाली बाघ प्रिंट साड़ी की प्रदर्शनी लगाई गई थी और जब इस काउंटर पर कंगना रनौत पहुंची तो उन्होंने इन साड़ियों के प्रिंट को बहुत पसंद किया।
धार की पहचान बन चुकी बाग प्रिंट कला ने एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर अपना लोहा मनवाया है। नई दिल्ली में आयोजित “साड़ीज़ ऑफ़ इंडिया” प्रदर्शनी में बॉलीवुड अभिनेत्री व सांसद कंगना रनौत और शिल्प जगत की हस्तियों ने यूनेस्को अवॉर्डी मोहम्मद आरिफ खत्री की बाग प्रिंट को जमकर सराहा। दिल्ली क्राफ्ट्स काउंसिल द्वारा आयोजित यह प्रतिष्ठित प्रदर्शनी कला और परंपरा का संगम बनी हुई है। 25 से 27 सितंबर तक चलने वाले इस भव्य आयोजन में देशभर के चुनिंदा शिल्पकार अपनी कला का प्रदर्शन कर रहे हैं। इसी कड़ी में मध्यप्रदेश धार के बाग गाँव से पहुंचे शिल्पकार मोहम्मद आरिफ खत्री भी शामिल हुए, जिन्होंने अपनी पारंपरिक बाग प्रिंट साड़ियों और वस्त्रों के जरिए सबका ध्यान खींचा।
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प्रदर्शनी के दूसरे दिन बॉलीवुड अभिनेत्री व सांसद कंगना रनौत भी यहाँ पहुँचीं। जैसे ही वे बाग प्रिंट की प्राकृतिक रंगों से बनी साड़ियों तक पहुँचीं, तो कला की खूबसूरती देखकर प्रभावित हो गईं। उन्होंने इस तकनीक और इसमें प्रयुक्त प्राकृतिक रंगों की सराहना करते हुए कहा कि यह धरोहर भारतीय संस्कृति की अद्भुत झलक पेश करती है। मोहम्मद आरिफ खत्री ने बताया कि हमने कंगना जी को बाग गाँव आने का निमंत्रण दिया है, ताकि वे देख सकें कि किस तरह हमारी पीढ़ियाँ इस धरोहर को जीवित रखे हुए हैं। बाग गाँव आज भी कला की जीवंत पाठशाला है। कंगना रनौत ने इस निमंत्रण को खुशी-खुशी स्वीकार करते हुए कहा कि वे अवसर मिलने पर बाग ज़रूर जाएँगी और इस परंपरा को नज़दीक से जानेंगी।
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केवल कंगना ही नहीं, बल्कि प्रदर्शनी में मौजूद जानी-मानी क्राफ्ट रिवाइवलिस्ट मंजीरी नेरोला, कामियानी जलन और दिल्ली क्राफ्ट्स काउंसिल की अध्यक्षा पूर्णिमा राय ने भी बाग प्रिंट की साड़ियों की प्रशंसा की। उनका कहना था कि यह कृतियाँ परंपरा और आधुनिकता का सुंदर संगम हैं। नई दिल्ली की इस प्रदर्शनी में मिली तारीफ़ न केवल मोहम्मद आरिफ खत्री और उनके परिवार के लिए गर्व की बात है, बल्कि पूरे धार ज़िले और मध्यप्रदेश के लिए भी सम्मान का क्षण है। बाग प्रिंट की यह अनमोल धरोहर अब एक बार फिर देश-दुनिया में पहचान बना रही है।
