भिंड ग्वालियर मध्य प्रदेश: भिंड जिला मुख्यालय पर कलेक्टर बंगले पर हुए कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव और भिंड विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाह के बीच की तू तू मै मै पूरे देश में सुर्खियों में है। जब भिंड विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाह अपने समर्थकों के साथ कलेक्टर के बंगले पर पहुंचे, पहले विधायक और उनके समर्थक बाहर नारेबाजी करते रहे। फिर विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाहा ने समर्थकों के साथ मिलकर कलेक्टर के बंगले के दरवाजे को जोरदार धक्का देकर खोल दिया। भिंड विधायक खाद की किल्लत के मुद्दे पर कलेक्टर से बात करना चाहते थे। उन्हें ज्ञापन देना चाहते थे लेकिन कलेक्टर बाहर नहीं आए।इस वजह से मामला गर्मा गया।
दरवाजा खुलते ही सामने शॉल ओढ़े संजीव कुमार की फिल्मी स्टाइल में कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव खड़े नजर आए। विधायक के इस रवैए को देखकर कलेक्टर ने विधायक को उंगली दिखा दी। कलेक्टर की उंगली देखकर विधायक इतना आग बबूला हो गए कि उन्होंने कलेक्टर को मारने के लिए मुक्का तान लिया। अब सवाल यह उठता है कि यह तनातनी इतनी क्यों बढ़ गई कलेक्टर? ने उंगली क्यों दिखाई विधायक ने मुक्का? क्यों दिखाया? किसने? किसको क्या आप शब्द कहे और अपशब्द कहने की वजह क्या रही और इससे बड़ा सवाल है ये गलती किसकी और अब सजा किसको मिलने वाली है।

कलेक्टर बंगले पर मौजूद सुरक्षा कर्मियों ने बीच बचाव करने की खाना पूर्ति की। लेकिन उनका बीच बचाव कहीं भी पर्याप्त नजर नहीं आया कलेक्टर और विधायक आमने। सामने थे एक दूसरे को लाल आंखें दिखा रहे थे। इस उंगली और मुक्का के बीच कलेक्टर ने विधायक से कह दिया, ”चोरी नहीं चलने दूंगा.” कलेक्टर के इस चोरी नहीं चलने दूंगा। के जवाब में विधायक और भड़क गए और उन्होंने कलेक्टर।को मुंह पर ही कह दिया तू सबसे बड़ा चोर है। दोनों की तू तू मेमे का मजा लेते हुए विधायक के समर्थक भी जमकर नारेबाजी करने लगे। अब सवाल खड़े हो रहे हैं कि क्या पूरा विरोध प्रायोजित था क्या इस विरोध के पीछे की असल वजह कोई और है।
जिस तरह की शब्दावली एक जिले के कलेक्टर और एक जनता द्वारा चुने गए विधायक की सामने निकल कर आ रही है वह कहीं ना कहीं दोनों पदों के सामन को तार तार कर रही है। कलेक्टर द्वारा उंगली दिखाया जाना उचित नहीं है विधायक द्वारा मुक्का दिखया जाना भी उचित नहीं है। मुक्का बाँधे हुए विधायक जी ने कहा तू मुझे जानता नहीं है कई बार समझा दिया फिर भी नहीं मानता। कलेक्टर बंगले के अंदर जाने लगे तो विधायक पीछे पीछे उसे पकड़ने के जाने लगे। ऐसा प्रतीत हुआ को पीछे जाते हुए बोल रहे थे तू आ जा। इस पूरे मामले के बाद आईएएस असोसिएशन ने भी नाराजगी व्यक्त की है और विधायक की शिकायत मुख्यमंत्री से करने की बात कही है।
भिंड विधायक नरेन्द्र सिंह कुशवाह का कलेक्टर बंगले के गेट पर 3 घंटे तक प्रदर्शन चला प्रदर्शन। लंबा चलने की संभावना थी टेंट लगवा लिया गया था। खाने पीने की व्यवस्था कर दी गई थी। इसी बीच प्रभारी मंत्री प्रहलाद पटेल की विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाह से बात कराई गई 10। मिनट की बातचीत के बाद विधायक धरना खत्म करके चले गए। इस पूरे मामले में कलेक्टर की तरफ से कोई बयान नहीं आया है जबकि विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाह का कहना है कि खाद वितरण की समस्या उन्होंने कलेक्टर। के सामने रखी थी कलेक्टर ने जो। सिस्टम बनाया है। वह ठीक नहीं है खाद की पर्ची। मिल रही हैं खाद नहीं मिल रही। महिला पुरुष घंटों लाइन में लगे हैं रहा सवाल? मुझ पर रेप के आरोप लगाने का। तो मेरा रेत से कोई लेना देना नहीं है कलेक्टर? रेत उत्खनन चिल्ला रहे थे कलेक्टर खुद अभेद। रेत उत्खनन में फंसे हैं दो। साल से जिले में रेत का ठेका नहीं हुआ है इसके बावजूद भी। नया गांव क्षेत्र में बैरियर लगवाकर निजी लोगों द्वारा वसूली कराई जा रही है।

अब सवाल यह उठता है कि दोनों की तनातनी की वजह क्या केवल किसानों की खाद समस्या है या पहले से भी कुछ व्यक्तिगत मुद्दों पर दोनों की टशन है। भिंड पहले से ही रेत के खेल में बदनाम हैं यहां चाहे जन प्रतिनिधि हों चाहे अधिकारी हों वह रेत के खेल में संलिप्त रहते हैं। और जिस तरह से इस विवाद में रेत के ऊपर एक-दूसरे पर आरोप लगाते हुए एक आईईएस कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव और एक जन प्रतिनिधि विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाह नजर आए हैं। वह साह बताता है कि कहीं ना कहीं किसी और मुद्दे पर दोनों का व्यक्तिगत नुकसान हो रहा है यही व्यक्तिगत हित साधने के लिए कहीं ना कहीं दोनों इतने उग्र हुए हैं। वैसे आपको बता दें ही रेत के खेल के ज्यादातर मामले बंद कमरों में आपसी सामंजस्य से सुलझा लिए जाते हैं और शांतिपूर्वक चलते हैं। अब यह मामला यदि उजागर हुआ है तो इसकी विस्तृत जांच भी होनी चाहिए।
