डिजिटल डेस्क खड़गपुर: देश के प्रतिष्ठित आईआईटी संस्थानों में से एक आईआईटी खड़गपुर पिछले कई महीनों से खबरों में छाया हुआ है और जिस तरह की खबरें चल रही हैं उससे आईटी खड़गपुर की अच्छी खासी किरकिरी हो रही है और इस प्रतिष्ठान की खान पर धब्बा लग रहा है। मामला है संस्थान के छात्रों द्वारा लगातार आत्महत्या किए जाने का आत्महत्या किए जाने के मामलों के चलते इस आईआईटी संस्थान के व्यवस्था पर खासे असमंजस में थे और अब उन्होंने इस समस्या से निपटने के लिए एक बड़े बदलाव का फैसला किया है।
आइआइटी-खड़गपुर में 21 छात्रावास हैं जिनमें 16,000 छात्र रहते हैं। आइआइटी-खड़गपुर के निदेशक सुमन चक्रवर्ती ने बताया कि प्रतिष्ठित संस्थान के महासागर, नदी, वायुमंडल और भूमि विज्ञान केंद्र के प्रोफेसर अरुण चक्रवर्ती को विद्यार्थी कल्याण के डीन के रूप में नियुक्त किया गया है। नए डीन कार्यालय तक सीमित रहने के बजाय, छात्रों से समूहों में और निजी तौर पर मिलेंगे। वह उनके मित्र होने के साथ-साथ उनके शिक्षक और मार्गदर्शक भी होंगे।

निदेशक ने बताया कि छात्र मामलों के डीन का पद है, लेकिन छात्र मामले और छात्र कल्याण दो अलग-अलग बात है। छात्र मामलों के डीन का काम प्रशासनिक और शैक्षणिक मुद्दों से ज्यादा जुड़ा होता है, जबकि छात्र कल्याण के डीन का काम छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य पर केंद्रित होगा।
देश में यह पहला मौका है आत्महत्या के मामलों से निपटने के लिए किसी शैक्षणिक संस्थान ने एक नए पद का सृजन किया हो। इस वर्ष जनवरी से अब तक छात्रावासों में रहने वाले चार छात्रों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद यह कदम उठाया गया है। छात्र कल्याणीन छात्रों से लगातार संपर्क में रहेंगे। उनसे बातचीत करेंगे और उनके मानसिक स्वास्थ्य का विश्लेषण करते रहेंगे, जिससे आने वाले समय में आत्महत्या जैसे गंभीर मामले संस्थान में न हो।
