दमोह मध्य प्रदेश: प्रदेश में कई जगह पर स्मार्ट मीटर लगने का काम शुरू हो चुका है। स्मार्ट मीटर लगने का काम जिस। रफ्तार से बढ़ रहा है। उससे कहीं तेज रफ्तार से बढ़ रहा है। इसका विरोध क्योंकि ज्यादातर उपभोक्ता स्मार्ट मीटर लगाए जाने के पक्ष मे नहीं हैं। मध्य प्रदेश के दमोह जिले में भी में स्मार्ट मीटर लगाने को लेकर उपभोक्ताओं में गहरा असंतोष है। रविवार को इसी मुद्दे को लेकर किसान कांग्रेस ने विरोध प्रदर्शन किया और बिजली विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जमकर नाराजगी जताई। प्रदर्शनकारियों ने बिजली विभाग के कार्यपालन यंत्री (ईई) एमएस राय को ज्ञापन सौंपकर स्मार्ट मीटर संबंधी समस्याओं का शीघ्र समाधान करने की मांग की।
किसान कांग्रेस के जिलाध्यक्ष नितिन मिश्रा ने कहा कि विभागीय कर्मचारियों की लापरवाही और जबरदस्ती से उपभोक्ताओं को परेशान किया जा रहा है। बिना उपभोक्ताओं की जानकारी के उनके घर का बिजली लोड बढ़ा दिया जाता है और जबरन पुराने मीटर बदलकर स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि एक आम नागरिक जो 5000 रुपये महीने में घर चला रहा है, वह 2000 रुपये का बिजली बिल कैसे भरे?
मिश्रा ने आरोप लगाया कि नए मीटर लगाने से पहले उपभोक्ताओं से कोई राय नहीं ली गई और जब लोग शिकायत लेकर बिजली दफ्तर पहुंचते हैं तो वहां अधिकारी तक मौजूद नहीं रहते। इससे आम जनता में भारी रोष है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह के भीतर समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो कांग्रेस जन आंदोलन करेगी, जिसकी जिम्मेदारी पूरी तरह बिजली विभाग के अधिकारियों की होगी।
प्रदर्शनकारियों ने यह भी बताया कि जिलेभर में उपभोक्ता स्मार्ट मीटरों का विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि कई मीटर बंद होने के बावजूद बिल आ रहे हैं, जिससे मीटरों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। उपभोक्ताओं का कहना है कि खराबी किसी एक मीटर में हो सकती है, लेकिन जब सभी मीटर एक जैसा बिल दे रहे हैं तो इसमें तकनीकी गड़बड़ी से इनकार नहीं किया जा सकता।
बिजली विभाग के अधिकारी हालांकि मीटरों को लेकर जागरूकता फैलाने की बात कह रहे हैं, लेकिन उपभोक्ता विभाग के जवाबों से संतुष्ट नहीं हैं। इससे पहले भी उपभोक्ताओं द्वारा कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया था, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से अब कांग्रेस ने मोर्चा संभाल लिया है। आपको बता दें कि इससे पहले देवास। में भी स्मार्ट मीटर को लेकर खासा विरोध हो चुका है और अन्य कई ऐसे जिले हैं जहां पर स्मार्ट मीटर लगाए जाने को लेकर जनता में आक्रोश है। लेकिन अभी तक आक्रोश और विरोध ने सामूहिक आंदोलन का रूप नहीं लिया है इसलिए सरकार तक शायद जनता का यह आक्रोश नहीं पहुंच पा रहा है।
