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मुरैना श्री कराह धाम आश्रम पहुँचकर गुरू गादी को किया मुख्यमंत्री ने नमन और कह दी यह बड़ बात

भोपाल/ग्वालियर, मध्य प्रदेश: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को मुरैना के श्री कराह धाम आश्रम पहुँचकर अनन्त श्री गुरुदेव पटिया वाले बाबा के दर्शन के साथ पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख समृद्धि की कामना की। उन्होंने श्री कारह धाम आश्रम की गौशाला में गौ-माता का पूजन भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गौ-माता में 33 कोटि देवी-देवताओं का वास माना गया है। आश्रम की गौ-शाला में 7500 से अधिक गौ-माताएं है। आश्रम में आकर अनुभूति हो रही है कि यहां पूरा ब्रहमांड समाया हुआ है। विधानसभा अध्यक्ष श्री नरेन्द्र सिंह तोमर, किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री श्री एदल सिंह कंषाना, खजुराहो सांसद श्री वी.डी. शर्मा, मुरैना-श्योपुर के सांसद श्री शिवमंगल सिंह तोमर, सबलगढ़ विधायक श्रीमती सरला रावत, पूर्व विधायक श्री रघुराज सिंह कंषाना सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कराह धाम आश्रम में चल रहे श्री सियपिय मिलन समारोह में शामिल होकर संत शिरोमणि श्री हरिगिरी महाराज जी एवं श्री दीनबंधु दास महाराज को सम्मान-पत्र और पुष्पमाला पहनाकर सम्मान किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जो लोग गौ-पालन करेंगे, उन गौवंशों का दूध शासन द्वारा खरीदा जाएगा। उन्होंने कहा कि गौमाता के बिना घर सूना होता है, हर घर में गौ पालन को बढावा देना चाहिए। जो भी व्यक्ति 10 से ज्यादा जो गौ पालन करेगा, उसे सरकार द्वारा अनुदान दिया जाएगा और गौवंशों से प्राप्त दुग्ध को सरकार खरीद कर गौपालकों को अतिरिक्त अनुदान देगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस वर्ष गेंहू उपज को 2600 रूपये क्विंटल खरीदने की घोषणा की जा रही है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि परमात्मा को जिस रूप में देखो उस रूप में दिखाई देते है, वे हमारी परीक्षा भी लेते है, प्रभु लीला सामान्य मनुष्य की समझ के परे है। पटिया वाले बाबा ने अपने तप, साधना, वैराग्यवृत्ति से जो आनंद बरसाया है, उसी का परिणाम श्रद्धालुओं में देखने को मिल रहा है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों की आय बढ़ाने के लिये सिंचाई के क्षेत्र को निरंतर बढ़ा रही है। वर्तमान में 48 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की जा रही है। इसे बढ़ाकर 1 लाख हेक्टेयर करने का लक्ष्य तय किया गया है। देश की प्रथम दो नदी जोड़ो परियोजनाओं में शामिल पीकेसी (पार्वती, कालीसिंध, चंबल) परियोजना से मुरैना, श्योपुर, शिवपुरी और आगे जाकर मालवा, गुना जिलों में सिंचाई के लिये भरपूर पानी उपलब्ध होगा। उन्होंने कहा कि इस महीने के आखिरी तक महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री आ रहे हैं। उमसे चर्चा कर ताप्ती नदी को जोडकर वहां के किसानों को पानी उपलब्ध करवा कर उनकी जिंदगी बदलने का अभूतपूर्व कार्य होने वाला है। इन सभी परियोजनाओं के मंजूर होने से समूचे प्रदेश में सिंचाई के लिये भरपूर पानी उपलब्ध होगा। सरकार का प्रयास है कि कृषि के साथ अन्य संबद्ध विभागों के समन्वय से किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जायें।


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