Friday, April 17, 2026
25.1 C
Delhi
Friday, April 17, 2026
HomeBig Newsकन्नौज रेलवे स्टेशन हादसा, 46 मजदूर दबे, ठेकेदार का भाजपा कनेक्शन और...

कन्नौज रेलवे स्टेशन हादसा, 46 मजदूर दबे, ठेकेदार का भाजपा कनेक्शन और लापरवाही उजागर

लखनऊ, कन्नौज उत्तर प्रदेश: उत्तरप्रदेश के कन्नौज जिले में निर्माणाधीन रेलवे स्टेशन का लिंटर गिरने से दर्जनों मज़दूर दाब गए। इस रेलवे स्टेशन का निर्माण अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत 13 करोड़ रुपए की लागत से हवाई अड्डे की तरह विकसित किया जा रहा था। हादसे के समय लगभग 50 मजदूर काम कर रहे थे। जैसे ही लिंटर भरभरा कर गिरा उसकी चपेट में 46 मजदूर आ गए। 2 घायल मजदूरों की जिला अस्पताल से छुट्टी हुई। 13 मजदूरों का इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है। 10 गंभीर घायलों की मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। मलबे में अभी भी कुछ मजदूर दबे होने की आशंका है। एसडीआरएफ द्वारा रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार जारी है।

घटना के बाद आ रही मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक भोजन अवकाश के बाद मजदूरों ने लेंटर ढलाई का काम शुरू किया। सीमेंट-गिट्टी का मसाला जैसे ही लिफ्ट मशीन से ऊपर पहुंचाया गया था कि तभी अचानक वजन बढ़ने से चट-चट की आवाज के साथ बल्लियां टूटने लगीं, तेज आवाज के साथ धमाका हुआ। तेज धमाके के साथ आसपास धुएं का गुबार उठा। ट्रेन का इंतजार कर रहे यात्रियों में भगदड़ मच गई। चीख-पुकार सुनकर कुछ लोग घटनास्थल की ओर दौड़े तो कुछ लोग रेलवे स्टेशन से बाहर। आनन-फानन से आसपास के लोग इकट्ठा हो गए, राहत बचाव दल मौके पर पहुंचा।

रेलवे स्टेशन के मुख्य भवन का निर्माण पांच मई 2024 को शुरू कराया गया था और पूरा होने की अंतिम तिथि आठ नवंबर 2024 थी, इस कारण जल्दबाजी में काम कराया जा रहा था। मौसम खराब होने के बावजूद लगातार तीन दिनों से लेंटर की ढलाई की जा रही थी। सीमेंट सूख न पाने से उसका पूरा वजन शटरिंग पर ही आ रहा था। इसके बावजूद लेंटर और उसके कालम की शटरिंग में साधारण प्लाई और बल्लियां लगाई गई थीं। शायद यही लेंटर ढहने का कारण बना। यह खबर भी सामने आ रही कि जब घटना हुई तो उसके बाद बचाव कार्य में मदद करने की बजाय ठेकेदार मौके से भाग निकला। 

सूत्रों उनके हवाले से यह जानकारी भी निकलकर आ रही है। कि ठेका तत्कालीन सांसद सुब्रत पाठक के पार्टनरशिप में है और इस ठेके के भ्रष्टाचार में विधायक/मंत्री असीम अरुण और कन्नौज के कुछ भाजपा नेता भी शामिल हैं। अधिक से अधिक कमीशनखोरी के लिए ठेकेदारों पर दबाव बनाकर खराब गुणवत्ता का काम करवाया जा रहा है। असीम अरुण पर ऑन ड्यूटी रहते हाईटेक कैमरे और हाईटेक पुलिस के नाम पर कमीशन खाने का आरोप रहा है। अब सुब्रत पाठक के साथ साझेदारी में इस काम में कमीशन लेने का आरोप लगा है, जिससे काम की गुणवत्ता प्रभावित हुई और ये दुर्घटना घटी। फिलहाल विचार कार्य जारी है और इस घटना की जांच की बात भी की जा रही है। देखना होगा कि जांच में हकीकत का खुलासा होता है कि नहीं। 

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular