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बारिश रोकने पूजा कर रहे जीडीसीए अध्यक्ष प्रशांत मेहता, विकास के लिए बारिश जरूरी या मैच?

ग्वालियर। मध्य प्रदेश: 6 अक्तूबर दो हजार चौबीस। वह दिन जब भारत बांग्लादेश के बीच में टी ट्वेंटी।मैच का आयोजन ग्वालियर के शंकरपुर क्रिकेट स्टेडियम में तय किया गया है। जैसे जैसे मैच की तारीख पास आ रही है मैच के आयोजक जीडीसीए एमपीसीए और बीसीसीआई की चिंताएँ बढ़ती जा रही हैं। जैसा कि हम आपको अपनी पहले की खबर में बता चुके हैं। कि इस मैच को लेकर दो तरह का संशय है। एक दो इस मैच के ऊपर हिंदू संगठनों के विरोध के बादल मंडरा रहे हैं। और दूसरा इंद्र देव की कुछ जस्टिफी इस मैच पर पड़ती दिखाई दे रही है और लगातार बारिश ने शंकरपुर क्रिकेट स्टेडियम को खेलने लायक नहीं छोड़ा है। इस पूरे आयोजन की सबसे बड़ी दारोमदारी पूर्व आईएएस और जीडीसी अध्यक्ष प्रशांत मेहता के कंधों पर है। और वह इस मैच में आने वाली बाधाओं को दूर करने के लिए हर कदम उठा रहे हैं।

6 अक्टूबर को ग्वालियर में होने वाले मैच से पहले ही भारी बारिश के कारण स्टेडियम की हालत खराब है। अब आने वाले समय में। और बारिश का अनुमान है। और इस अनुमान से आयोजक चिंतित है। और बारिश इस मैच में दखल न दें इस प्रार्थना के साथ शंकरपुर स्टेडियम में पूजा पाठ कराया गया है। यह पूजा पाठ जीडीसी अध्यक्ष प्रशांत मेहता स्वयं करा रहे हैं। बारिश को रोकने के लिए कराई जा रही इस। विशेष पूजा के लिए इंदौर से पण्डित को बुलाया गया है। इस पूजा का उद्देश्य यही है के आगामी समय में बारिश रुक जाए। जिससे स्टेडियम को खेलने योग्य बनाने में परेशानी न हो। एमपीसीए के सूत्रों के अनुसार शंकरपुर क्रिकेट स्टेडियम के ग्राउंड में अभी भी नमी है और स्टेडियम को पूरी तरह से कवर से ढका गया है जिससे आने वाली बारिश से उसे बचाया जा सके। स्टेडियम की पार्किंग की हालत बहुत खराब है। वहाँ हर जगह कीचड़ और दलदल बढ चुकी है। अवधि मौसम विभाग अनुमान के मुताबिक आगे बारिश होती है तो इस मैच के आयोजन पर पानी फिर सकता है। इसलिए जीडीसी अध्यक्ष प्रशांत मेहता इस बारिश को रोकने के लिए पूजा पाठ करा रहे हैं। अब यह सवाल भी उठना लगा है के एक मैच के आयोजन के लिए शहर में होने वाली बारिश को रोकना कहाँ तक उचित है। क्योंकि ग्वालियर चंबल कृषि प्रधान क्षेत्र है और यहाँ की अर्थव्यवस्था खेल से ज्यादा कृषि पर निर्भर करती है। 

जैसा कि आप जानते ही हैं इस मैच के आयोजन पर संशय। के दूसरे बादल हिंदू संगठनों के हैं जो लगातार अपना विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं और अब इनका विरोध और मुखर होता जा रहा है। अभी हाल ही में तमाम हिंदू संगठनों ने एकजुट होकर इस मैच के दिन तेज विरोध की चेतावनी दी है। हिन्दू संगठन स्टेडियम तक न पहुँच सकें और मेहमान। टीम के किसी खिलाड़ी या मेहमान? देश के किसी समर्थक को नुकसान न पहुंचाएं।इसकी व्यवस्था भी अब इस मैच के आयोजकों को करना है। हिन्दू संगठनों के विरोध को लेकर बीसीसीआई भी चिंतित है और लगातार हर घटना पर निगरानी बनाए हुए है और एमपीसीए। को निर्देशित भी कर रहा है। ऐसा बताया जा रहा है के इस। संशय के बादल से निपटने का दारोमदार भी प्रशांत मेहता पर ही है और वह पुलिस व प्रशासन से लगातार संपर्क बनाए हुए हैं। और ऐसी जानकारी भी सामने आई है हिंदू संगठनों के विरोध से निपटने के लिए भी उन्होंने रणनीति बनाई हुई है। 

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