डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली: देश भर में केंद्रीय कर्मचारी लंबे समय से आठवें वेतन आयोग का इंतज़ार कर रहे थे और इस बार आजादी के जश्न के साथ उनको यह खुशी भी मिलने वाली है क्योंकि केंद्र सरकार ने आठवें वेतन आयोग को मंजूरी दे दी है।अब इस वेतन आयोग में क्या प्रावधान किए गए हैं। वेतनधारियों को क्या लाभ और नुकसान होने वाला है? पेंशनधारियों को क्या लाभ है?नुकसान होने वाला है। इसको लेकर पेंशनधारियों और वेतनधारियों में काफी उत्सुकता है।
केंद्र सरकार ने 8वें वेतन आयोग को मंजूरी दे दी है। इन सबके बीच महंगाई भत्ते (डीए) और महंगाई राहत (डीआर) को लेकर सरकार ने बड़ा अपडेट दिया है। केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों से संबंधित एक बड़े घटनाक्रम में, वित्त मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि कोविड-19 अवधि के दौरान रोके गए महंगाई भत्ते (डीए) और महंगाई राहत (डीआर) का बकाया जारी नहीं किया जाएगा। गौरतलब है कि जब नया वेतन आयोग लागू होता है, तो मानक प्रक्रिया के अनुसार, डीए घटक को शून्य कर दिया जाता है। वर्तमान में, सातवें वेतन आयोग के तहत डीए मूल वेतन का 55% है।
वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने चिंता का समाधान करते हुए कहा, “2020 में महामारी के प्रतिकूल वित्तीय प्रभाव और सरकार की ओर से उठाए गए कल्याणकारी उपायों के वित्तपोषण का वित्तीय भार वित्त वर्ष 2020-21 से आगे भी रहा। इसलिए, डीए/ डीआर का बकाया देना संभव नहीं माना गया।”
वित्त राज्य मंत्री ने कहा, “केंद्र सरकार के कर्मचारियों/पेंशनभोगियों को 1 जनवरी, 2020, 1 जुलाई, 2020 और 1 जनवरी, 2021 से देय महंगाई भत्ते (डीए)/महंगाई राहत (डीआर) की तीन किस्तों को फ्रीज करने का निर्णय कोविड-19 के संदर्भ में लिया गया, जिससे आर्थिक व्यवधान उत्पन्न हुआ, ताकि सरकारी वित्त पर दबाव कम किया जा सके।”

