ग्वालियर, मध्य प्रदेश: स्वास्थ्य विभाग में लंबे समय से चल रही लचर व्यवस्था सुधरने का नाम नहीं ले रही है। स्वास्थ्य विभाग के तमाम कर्मी कार्य में लापरवाही बरत रहे हैं जिसका खामियाजा आम जनता को होता है। ऐसे ही कर्मचारियों पर ग्वालियर कलेक्टर ने सख्त रुख अपनाया है। कलेक्टर रुचिका चौहान ने जिले की स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा के दौरान अपने दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही बरतने वाले कम्युनिटी हैल्थ ऑफीसर (सीएचओ) के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
कलेक्टर ने 6 सीएचओ को सेवा से बर्खास्त करने तथा 2 सीएचओ को अपने कर्तव्य पर जितने दिन अनुपस्थित रहे हैं, उससे दोगुना दिनों का वेतन काटने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही स्वास्थ्य सुविधाओं का आम जनों को समय पर लाभ मिले, इसके लिये सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को मुस्तैदी के साथ कार्य करने की हिदायत दी है। शशिकला कुमारी घरसोंदी, दीपक सिंह तोमर नौगांव, के पी राणा देवरा, शिवेन्द्र सिंह तोमर गढ़रौली, विकेन्द्र सिंह गिजौर्रा व अनुपमा यादव पार शामिल हैं। इसके साथ ही जिनके वेतन काटने के निर्देश दिए हैं उनमें उपदेश राजौरिया छोटी अकबई एवं कनूप्रिया आहूजा गिरवई शामिल हैं।

कलेक्टर ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट के सभाकक्ष में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में स्वास्थ्य सुविधाओं की समीक्षा की और विभागीय अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में अपर कलेक्टर कुमार सत्यम, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सचिन श्रीवास्तव, सिविल सर्जन डॉ. आर के शर्मा सहित स्वास्थ्य विभाग के सम्पूर्ण जिले के अधिकारीगण उपस्थित थे। कलेक्टर रुचिका चौहान ने समीक्षा के दौरान कहा कि जिले में कई कम्युनिटी हैल्थ ऑफीसर अपने कर्तव्य स्थल पर न जाकर कहीं से भी एप पर अपनी उपस्थिति दर्ज कर रहे हैं। इसके साथ ही बिना अनुमति के अपने कर्तव्य स्थल पर नहीं पहुँच रहे हैं। इसे गंभीरता से लेते हुए उन्होंने संबंधित के विरूद्ध दण्डात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
कलेक्टर ने स्वास्थ्य अमले को स्पष्ट रूप से कहा है कि स्वास्थ्य सेवाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी। किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जायेगी। अब देखना होगा कि आने वाले समय में लापरवाहों में सुधार होता है या स्वास्थ्य विभाग की लचर व्यवस्था जारी रहती है और लापरवाही बदलने पर आगे कलेक्टर की सख्ती नजर आती है या नहीं।
