ग्वालियर मध्य प्रदेश: आजकल युवाओं के बीच में सोशल मीडिया पर ट्रेंड में रहने और ज्यादा से ज्यादा फॉलोस बढ़ाने की होड़ मची हुई है। इस मामले में युवतियां अपने तरह के हथकंडे अपनाती हैं। तो युवक भी अपना ही अलग टशन रखते हैं। युवाओं में इस तरह का शौक जिस कदर।से बढ़ रहा है वह कहीं न कहीं एक चिंता का विषय है। ऐसे कई वीडियो और रील्स पहले भी सामने आ चुके हैं जो कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े करते हैं। युवकों द्वारा डाले गए वीडियो में सबसे ज्यादा गंभीर मामले उन वीडियो और रील्स के हैं जिसमें वह खुले आम फायरिंग करते हुए अपना टशन बताते हुए रौब डालते हुए नजर आते हैं। हालांकि ऐसे वायरल वीडियो और रील्स जब मीडिया में चलते हैं को पुलिस और कानून व्यवस्था पर सवाल उठते हैं। खानापूर्ति की कार्रवाई भी नजर आती है। लेकिन इस तरह के टशन दिखाते हुए कानून को ठेंगा। दिखाने वाले वीडियो और रील्स पर प्रतिबंध का कोई स्थाई समाधार अभी तक नहीं खोजा गया है।
ऐसा ही एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। जिसमें एक ही युवक दो अलग-अलग स्थानो पर खड़ा होकर हवाई फायरिंग करता हुआ नजर आ रहा है और दूसरा युवक फायरिंग करने वाले युवक का वीडियो बना रहा है। यहां वायरल वीडियो शहर के माधौगंज थाना क्षेत्र के 12 बीघा का होना बताया जा रहा है। जब यहां वायरल वीडियो पुलिस अधिकारियों तक पहुंचा तो उन्होंने तत्काल मामले को गंभीरता से लेते हुए एक पुलिस टीम को वायरल वीडियो में दिख रहे युवक की तलाश कर कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। पुलिस का कहना है जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
आरोपी को गिरफ्तार तो कर ही लिया जाएगा। लेकिन सवाल यह उठता है कि इस तरह से टशन दिखाते हुए वीडियो और रील्स पर विराम कब लगेगा क्योंकि आम शांतिपूर्वक जीवन जीने वाले नागरिकों के मन में तो इस तरह के वीडियो रील्स के चलते भय व्याप्त हो ही जाता है। साथ ही शहर में पूर्व में इस तरह की घटनाएं हो चुकी हैं। इसमें हर्ष फायरिंग की वजह से इसमें किसी निर्दोष की मौत हो गई हो। कई बार आसमान से आई गोली की वजह से भी कुछ निर्दोष लोग घायल हो जाते हैं या उनकी भी मौत हो जाती है। इन सब मामलों को देखते हुए इस तरह के फायरिंग का टशन रखने वाले युवाओं के लिए सख्त नियम बनाया जाना आवश्यक है।

इस पूरे मामले में मेटा की पॉलिसी भी कहीं न कहीं जिम्मेदार नजर आती हैं। एक और मेटा एसे तमाम वीडियो और रील्स पर प्रतिबंध लगा देता हैं।जिसमें समाज के लिए कोई सकारात्मक संदेश दिया गया हो।वहीं दूसरी ओर इस तरह के वीडियो खूब वायरल होते हैं। मेटा की पॉलिसी के अनुसार हिंसा फैलाने वाले किसी भी कंटेंट को मेटा सहमति नहीं देता है और उन्हें पॉलिसी के अनुसार इस तरह के कंटेंट डालना उन नियम विरुद्ध है। इस सबके बावजूद इस तरह के हिंसा फैलाने वाले फायरिंग के वीडियो फेसबुक इंस्टाग्राम पर खूब वायरल होते हैं।जो शाह बताता है कि कहीं ना कहीं मैटा भी युवाओं के इस क्रेज के आगे नतमस्तक है और युवाओं को जोड़े रखने के लिए शायद अपनी पॉलिसी से समझौता करता है।