ग्वालियर मध्य प्रदेश: हड़ताल अप्रैल की शुरुआत होते ही हर इंसान की जबान पे जिक्र होता है की गर्मी शुरू हो गई है। गर्मी के हालात क्या रहने वाले हैं। कितना यह गर्मी आपको तपाने वाली है। इस पर लेकर भी चर्चाओं का बाजार गरम रहता है। तो चलिए आप तैयार हो जाइये हीट वेब के गर्मागरम थपेड़े सहने के लिए क्योंकि इस साल। आने वाले समय में गर्मी अपने तमाम रिकॉर्ड तोड़ सकती है और लू। के दिन भी बढ़ने की संभावना मौसम विज्ञान विभाग बता रहा है। तो कैसा कुछ रहेगा आने वाले समय में आपके क्षेत्र में मौसम आइए समझते हैं।
आने वाले 3 महीने में देश के 85% हिस्से में भीषण तपा देने वाली गर्मी पड़ने की संभावना जतायी जा रही है। लू के दिन भी सामान्य अन्य वर्षों के मुकाबले बढकर कुछ क्षेत्रों में तो लगभग दुगने तक हो जाएँगे। भारतीय मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि अप्रैल में और जून के तीन महीनों में सामान्य से अधिक लू चलेगी। आपको बता दें कि सामान्य वर्षों में लू के औसतन दिन 4 से साथ होते हैं लेकिन इस बार यह संख्या 6 से 11 तक पहुंच सकती है। मतलब साफ है, हीट वेब के यानी कि लू के दिन बढ़ जाएंगे। यदि हम बात अप्रैल महीने की करें। तो अप्रैल महीने में। केवल कुछ क्षेत्रों में ही लू। देखने को मिलती है जो सामान्यतः तीन चार दिन ही होती है। लेकिन इस बार अप्रैल में भी कई दिन तक लू चलने की संभावना जताई जा रही है।

आइये बात ग्वालियर की कर लेते हैं। जैसा कि आपने देखा ग्वालियर में पिछले कुछ दिनों में दिन में तापमान बढ़ जाता है। तापमान 40 को टच कर चुका है लेकिन अभी आने वाले कुछ समय में बादल डेरा जमाएंगे। तो बूंदाबांदी के आसार हैं जिससे नागरिकों को राहत मिल सकती है। मौसम विभाग की मानें तो एक अप्रैल से चार अप्रैल तक अलग अलग इलाकों में अलग अलग तरह का मौसम रह सकता है। कहीं आंधी और तेज हवा चल सकती है।तो कहीं बारिश और ओले भी पढ़ सकते हैं। आपको बता दें कि उत्तर से आई सर्द हवा ने इस बार मार्च के आखिरी हफ्ते में मौसम का ट्रेंड बदला है।
यदि हम देश के अन्य राज्यों के आंकड़े की बात करें तो मौसम विभाग द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक केवल मार्च के महीने में गुजरात और उड़ीसा जैसे राज्यों में 3 से 6 दिन तक लू चलने की घटनाएं दर्ज हुई हैं। 4 बार आए पश्चिमी विक्षोभ के चलते समूचे पश्चिमोत्तर में मैदानी इलाकों में तेज हवाएँ भी चली हैं और इसके साथ ही उत्तर से मध्य भारत तक के सभी राज्य अभी फिलहाल लू से अछूते रहे हैं। हालांकि मौसम विभाग का कहना है कि इस बार मानसून को प्रभावित करने वाले अल। नीनो या लानिना जैसे इफेक्ट प्रभावी नहीं रहेंगे और अगले। 3 महीने तक न्यूट्रल परिस्थितियां बने रहने यानी न। ला नीना और ना अलीनों के बनने की संभावना है। और यदि यही हालात बने रहे तो मध्यप्रदेश ही नहीं पूरे देश में सामान्य बारिश होगी।

अप्रैल मई और जून महीने में झारखंड, ओडिशा छत्तीसगढ़ बिहार पश्चिम बंगाल तेलंगाना महाराष्ट्र वह गुजरात में लू के लंबे दौर चल सकते हैं जबकि राजस्थान उत्तर प्रदेश पंजाब हरियाणा मध्यप्रदेश उत्तरी कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में लू के छोटे छोटे कई दौर आ सकते हैं। मौसम विभाग का कहना है कि केरल तमिलनाडु पूर्वोत्तर के राज्यों और हिमालय के उत्तरी राज्यों को छोड़कर। देश के बाकी सभी राज्य में लू के छोटे बड़े कई दौर देखने को मिलेंगे।