ग्वालियर। मध्य प्रदेश: अभी हाल ही में अवैध रूप से गर्भपात करने के मामले में मुरैना जिले के बमोर स्थित सरकारी अस्पताल में पदस्थ डॉक्टर नेहा नागौरी पर एफआईआर दर्ज की गई है। मामला ग्वालियर के ही एक निजी अस्पताल से जुड़ा हुआ है 26 मार्च को स्मार्ट सिटी मैटरनिटी हॉस्पिटल में है। अवैध रूप से गर्भपात कराया गया था। इस दौरान मुरैना में सरकारी अस्पताल में पदस्थ डॉक्टर नेहा नागौरी द्वारा एक महिला के घर को खत्म किया गया था। वहां महिला की सास ने कहा था कि पहले ही दो बेटियाँ हैं इसलिए तीसरे बच्चे का बेटी होने के कारण गर्भपात यहां कराया। यह एक मामला केवल एक मुखबिर की तत्परता से खुला है। लेकिन गर्भपात का कितना बड़ा खेल पूरे शहर में संचालित है,इसके पत्ते यदि खुलेंगे तो आप चौंक जाएंगे।
ग्वालियर के निजी अस्पतालों में गर्भपात का एक रैकेट चल रहा है। और पिछले कुछ समय में तो। यह बहुत तेजी से फैला है। पहले इसका पूरा नेटवर्क झांसी से चलता था। और यहाँ निजी अस्पतालों में डील की जाती थी।और मरीज को झांसी से लाया जाता था। और हालात इतने बत्तर को खुले आम निजी अस्पतालों में गर्भपात की घटनाएँ हो रही थी।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार अस्पताल में दो तरह के गर्भपात के मामले आते हैं । उन शादीशुदा महिलाओं के जिनको कोख में पल रही बेटी रास नहीं आती और वह गर्भपात कराते हैं। लेकिन दूसरे मामले मामले शायद कहीं ज्यादा संख्या में है और ज्यादा भयावह है। ऐसी तमाम कुँआरी लड़की कुछ कर पात्र केंद्र में पहुँच रही है। जिसके बारे में। स्वास्थ्य विभाग सोया बैठा है। अब तक स्वास्थ्य विभाग ने इस संबंध में इस तरह से संचालित गर्भपात केंद्रों पर कोई कार्रवाई नहीं की है।
आपको बता दें की जब इस कार्रवाई के बाद स्वास्थ्य विभाग के ही एक कर्मचारी से इस संबंध में भी बात की गई। क्या आपके पास इस तरह के आंकड़े भी हैं कि शहर में ऐसे कितने गर्भपात केंद्र संचालित है? जहां पर बाहरी लड़कियाँ भी गर्भपात कराने पहुँचती हैं। तो उन्होंने इस तरह की घटना से इन्कार ना करते हुए कहा कि इस बारे में आंकड़े जुटाने या कार्यवाही का विभाग ने कभी सोचा ही नहीं।
आपको बता दें की जिस तरह से शहर में आजकल कपल की संख्या बड़ी है और जिस तरह से तमाम होटलों और अन्य जगहों पर भी इस तरह एक कपल को पकड़ा जा रहा है। वह साफ बता रहा है कि व्हारे लड़के लड़कियों के अवैध संबंध भी काफी बड़ी संख्या में हैं। और यदि स्वास्थ्य विभाग इस तरह से संचालित गर्भपात केंद्र में हुए कुहारी लड़कियों के गर्भपात के आंकड़े जुटाने में कामयाब होता है तो चौंकाने वाला खुलासा हो सकता है।

अवैध गर्भपात केंद्र संचालकों के लिए मोटी कमाई का ज़रिया शायद शादीशुदा महिलाओं की गर्भपात से ज्यादा कुँआरी लड़कियों के गर्भपात के केस होंगे। इस तरह के कपल यह लड़कियां अपनी मजबूरी के चलते कोई भी रकम देने को तैयार होते होंगे। और अवैध गर्भपात केंद्र का संचालक इस मजबूरी का फायदा उठाकर लड़कियों से। मोटी रकम वसूलते होंगे। अब सवाल यह उठता है। कि जिस तरह की कार्रवाई स्मार्ट सिटी मैटरनिटी हॉस्पिटल में की गई है क्या उसे सबक? लेकर स्वास्थ्य विभाग आने वाले समय में इस तरह से संचालित गर्भपात केंद्रों का डेटा खंगालेगा?