भोपाल मध्य प्रदेश: आने वाले समय में ऊर्जा के परंपरागत स्रोत जैसे डीजल पेट्रोल की किल्लत को देखते हुए देश के सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी पहले ही बता चुके हैं कि आने वाला समय इलेक्ट्रिक व्हीकल का होगा। और इसे देखते हुए ही मध्य प्रदेश भी अपनी इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी को ज्यादा सुगम और सरल बनाने जा रहा है। इलेक्ट्रिक व्हीकल के मध्यप्रदेश में प्रमोशन के लिए इलेक्ट्रिक व्हीकल प्रमोशन बोर्ड भी बनाया जाएगा। जिसके दिशा निर्देशों में ही नई पॉलिसी बनाई जाएगी और इस पॉलिसी में तमाम ऐसे प्रावधान किए गए हैं जो ईवी विक्रेताओं और खरीदारों को बहुत बड़ी राहत देंगे।
मध्य प्रदेश इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी 2025 में तमाम प्रावधान किए गए हैं। इसमें नए इलेक्ट्रिक व्हीकल के पंजीयन 100% तक छूट दी। जाएगी यानी कि पंजीयन पूरी तरह निशुल्क रहेगा। दो पहिया हो तीन पहिया हो या कार। उसके लिए पहली वर्ष रोड टैक्स फ्री रहेगा। पंजीयन शुल्क में एक वर्ष के लिए तीन पहिया पर दस हजार औकार पर पच्चीस हजार रुपये तक की छूट का प्रावधान भी रखा जाएगा। आपको बता दें कि देश में इलेक्ट्रिक व्हीकल का बाजार तेजी से बढ़ रहा है लेकिन यदि तुलनात्मक रूप से देखें तो मध्यप्रदेश अभी कई अन्य राज्यों से पीछे है। अब यदि मध्यप्रदेश में यह सुगम पॉलिसी लागू होती है तो ग्राहकों में इलेक्ट्रिक व्हीकल खरीदने के प्रति रुझान बढ़ेगा।

मध्य प्रदेश सरकार अपने स्वयं के वाहनों को भी इलेक्ट्रिक व्हीकल में बदलने के लिए योजना बना रही है। नई इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी के तहत आगामी 5 सालों में लगभग 80% तक सरकारी वाहन इलेक्ट्रिक वाहनों में बदल दिए जाएंगे। इलेक्ट्रिक वाहनों को खरीदी पर प्रोत्साहन। राशि मिलेगी।। मध्य प्रदेश में पंजीकृत जीवीक सभी इलेक्ट्रिक वाहन को ग्रीन नंबर प्लेट जारी की जाएगी। इनमें से। जो वाहन निजी उपयोग के लिए प्रयोग किए जाएंगे उनमें ग्रीन नंबर प्लेट पर सफेद रंग से नंबर लिखे होंगे। और जिन इलेक्ट्रिक व्हीकल का व्यावसायिक उपयोग किया जाएगा उनमें नंबर प्लेट तो ग्रीन होगी। लेकिन नंबर पीले रंग से लिखे जाएंगे।
वर्तमान में इलेक्ट्रिक व्हीकल मालिकों के लिए सबसे बड़ी समस्या उनकी चार्जिंग को लेकर आ रही है। अब नई इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी में चार्जिंग स्टेशनों के लिए भी बेहतर व्यवस्था की जा रही है। चार्जिंग स्टेशन लगाने पर 30% तक अनुदान सरकार देगी। इसमें मध्यम बड़े चार्जिंग स्टेशन में। तीस प्रतिशत अनुदान और बैटरी स्वेपिंग स्टेशन के उपकरणों की लागत पर सब्सिडी भी मिलेगी। प्रदेश के सभी राज्य मार्गों पर हर 20। किलोमीटर की दूरी पर इलेक्ट्रिक व्हीकल चार्जिंग स्टेशन बनाया जाएगा। तमाम पेट्रोल पंप पर भी कम से कम एक इलेक्ट्रिक व्हीकल चार्जिंग प्वाइंट लगाना अनिवार्य किया जाएगा।
