डिजिटल डेस्क मेरठ उत्तर प्रदेश: जिस तरह से आजकल देश के हर। कोने से पत्नियों द्वारा पति को पीड़ा देना हत्या करना या प्रेमिकाओं द्वारा प्रेमी के साथ मिलकर गलत काम करने की घटनाएं आ रही हैं। वह एक सवाल खड़ा कर रही हैं आज के युग में क्या वह प्रेमिकाएं जिंदा है जो अपने प्रेमी के लिए सब कुछ कर जाएं? अपने प्रेमी के लिए अपना जीवन न्योछावर कर दें। और अपने प्रेमी के प्यार में वह सब कुछ कर जाएं जो आज के समय में देखने को नहीं मिल रहा है। तो फिर हम आपको बता देते हैं ऐसी प्रेमिकाएं भी आज के युग में जिंदा हैं जो अपने प्रेमी के लिए सब कुछ कर जाने को तैयार हैं।
कहानी मेरठ की है जहां पर एक प्रेमिका के घरवालों ने उसके प्रेमी की हत्या कर दी थी। प्रेमी को न्याय दिलाने का बीड़ा उठाया इस प्रेमिका ने और अपने प्रेमी के बूढ़ी मां का सहारा भी बनी। सात साल पहले बेटी के प्रेमी संजीव उर्फ सैंकी को जिंदा जलाकर मारने वाले गुलाब सिंह, उसके बेटों पम्मी, जॉनी उर्फ विशाल, सन्नी और एक अन्य राहुल को दोषी करार देकर अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। संजीव का जला हुआ शव गंगानगर थाना क्षेत्र के ललसाना गांव के जंगल में जली गई वैगनआर कार में मिला था। न्यायालय ने दोषी पर अर्थदंड भी लगाया है।

चर्चित संजीव उर्फ सैंकी हत्याकांड में प्रेमिका ने बेटी बनकर संजीव की मां को इंसाफ दिलाया। इस हत्याकांड में प्रेमिका ने प्रेमी की हत्या के बाद अपने परिवार से किनारा कर लिया और दोषियों को उम्रकैद की सजा दिलाने में बड़ी भूमिका निभाई। वहीं, बेटे को छह साल बाद न्यायालय से इंसाफ मिला तो मां ब्रह्मवती फफक पड़ी। वह बोलीं, संजीव की हत्या के बाद वह उसकी प्रेमिका को बेटी बनाकर घर लाई थी। उसने भी बेटी का हक निभाया है।
आज के प्रेमी प्रेमिकाओं के लिए पिछले कुछ समय से जो खबरें आ रही थीं वह उनको हैरान कर रही थी उनको झकझोर कर रख रही थी लेकिन अभी मेरठ की इस प्रेमिका की जो घटना हुई है जिसमें उसने जिस तरीके से अपना पूरा जीवन अपने उस मृत प्रेमी के लिए समर्पित कर दिया। उसकी मां की सेवा सेवा के लिए समर्पित कर दिया वह आज यह उदाहरण पेश कर रहा है क्योंकि आज के चार जगह मुंह मारने वाली छद्म प्रेमिकाओं के बीच में भी आज के युग में ऐसी प्रेमिकाएं हैं जो अपने प्रेमी के लिए सर्वस्व न्यौछावर करने को तैयार हैं।
