ग्वालियर मध्य प्रदेश: ग्वालियर की भारतीय स्टेट बैंक हजीरा शाखा के एक बड़ी आर्थिक अनियमितता का। मामला सामने आया है जहाँ बैंक के जिम्मेदार कर्मचारियों ने ही गड़बड़ झाला कर करोड़ों।की राशि इधर से उधर कर दी। और जब इस मामले का खुलासा हुआ। तो वरिष्ठ अधिकारी भी हैरान रह गए। कोविड के बाद से बैंक कर्मचारियों द्वारा हेरफेर करने और आर्थिक अनियमितताओं के मामले बढ़ते जा रहे हैं। हालाँकि अब इस मामले में आर्थिक अपराध शाखा में मामला दर्ज हो चुका है और आगे की कार्यवाही जारी है।
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के रीजनल मैनेजर क्षेत्रीय व्यवसाय कार्यालय क्रमांक एक अरविंद मिश्रा ने तानसेन नगर स्थित भारतीय स्टेट बैंक शाखा इंडस्ट्रियल एस्टेट हजीरा जो अफगान से नगर में है, तत्कालीन सीनियर एसोसिएट वरुण पाराशर विजेन्द्र सिंह बैंस शरत टंडन और एसबीआई सिक्युरिटीज की कर्मचारी सोनम शेजवार एवं एसबीआई लाइफ के कर्मचारी तेजन अग्रवाल के विरुद्ध जांच में यह पाया था कि उन्होंने आर्थिक अनियमितता करके निवेश के नाम पर करोड़ों का घपला किया है। इसकी शिकायत रीजनल मैनेजर ने आर्थिक अपराध शाखा को लिखित में की थी। इस शिकायत में उन्होंने खुलासा किया था कि कर्मचारियों को ने मिलीभगत कर। गड़बड़ी। की जिसके लिए 2020 से 2024 तक बैंक के खातों में एसबीआई म्यूचुअल फंड। और एसबीआई लाइफ में निवेश के नाम पर 1 करोड 68 लाख का 3 हजार अवैध लेन-देन अन्य बैंक खातों में किया गया।

रीजनल मैनेजर अरविंद मिश्रा की इस शिकायत पर जांच के बाद आर्थिक अपराध शाखा शाखा भोपाल द्वारा प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। मामले को ग्वालियर को हस्तांतरित कर।निर्देशित किया गया है। आपको बता दें कि इस मामले में लिप्त अधिकारियों और कर्मचारियों में से टंडन टंडन अब रिटायर्ड हो चुके हैं और वरुण शर्मा वरुण वर्मा। को। जून दो हजार चौबीस में ही निलंबित कर दिया गया था। स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया की हजीरा शाखा में इस तरह होने वाली। आर्थिक आर्थिक गड़बड़झाला ने अब यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या बैंक में आम नागरिकों का पैसा सुरक्षित है? क्या बैंक अधिकारी इस तरह की आर्थिक अनियमितता करके ग्राहकों के हितों को बट्टा लगा रहे हैं?
