इंदौर मध्य प्रदेश: अपनी साफगोई और बेबाक रवैये के लिए प्रदेश में पहचान रखने वाले भाजपा के कद्दावर नेता और वर्तमान में मध्य प्रदेश सरकार के नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने एक बार फिर राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी हैं। उन्होंने एक ऐसा बयान दिया है। जिसमें उन्होंने अपनी खुद की सरकार के। अधीनस्थ नगरी। निकाय। अधिकारियों और कर्मचारियों को कठघरे में खड़ा किया है। पूरा मामला इंदौर में आयोजित ऑल इंडिया ऑफ़ मेयर्स। की मध्यप्रदेश इकाई के सम्मेलन के दौरान घटा जहां इस कार्यक्रम के दौरान कैलाश विजयवर्गीय ने ऐसा बयान दे दिया जो आज चर्चाओं में बना हुआ है।

आप जानते ही हैं कि प्रदेश के तमाम नगरीय निकाय में तमाम गड़बड़ झाले चल रहे हैं चाहे ग्वालियर की बात करें चाहे भोपाल। की चाहे जबलपुर हो या रीवा सभी जगह पर हालात बद। से बदतर हैं। इस कार्यक्रम में निकायों में गड़बड़ी की ओर इशारा करते हुए कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि हम जांच कराएंगे। तो कई लोग कटघरे में खड़े हो जाएँगे। कैलाश मयूर कर वर्गी के इस बयान के आते ही आम आदमी पार्टी और कांग्रेस को भी मुद्दा मिल गया और दोनों ने कैलाश विजय वर्गीय के इस बयान पर प्रदेश की भाजपा सरकार को घेरने का प्रयास किया। आम आदमी पार्टी की सिंगरौली महापौर मेयर रानी अग्रवाल कहा जब प्रदेश और केंद्र में भाजपा की सरकार है तो सभी नगरीय निकायों की जांच कराने से किसने रोका है। प्रदेश की सभी नगरीय निकायों की जांच होनी चाहिए। जांच होगी तो भ्रष्टाचार जरूर सामने आएगा। कैलाश विजयवर्गीय के इस बयान पर रीवा महापौर अजय मिश्रा ने भी सख्त टिप्पणी की।

कैलाश विजयवर्गीय ने इससे पहले महापौरों को संबोधित करते हुए कहा कि निकायों को आत्मनिर्भर बनना होगा। हम टैक्स नहीं बढ़ाते महँगे। पानी को सस्ता देते हैं, आरक्षण के कारण आपको फिर मौका नहीं मिलेगा क्योंकि डरते हो। टैक्स लगाइए। साहस दिखाइए सरकार डीसैन्टिलाइज करने में संकोच करती है पर मैं नहीं। जब मैं मेयर था। तो मैंने पांच साल में दो बार टैक्स बढ़ाया। इस कार्यक्रम के दौरान कैलाश विजयवर्गीय ने सख्त लहजे में महापौर और नगर निकाय को तो नसीहत दी ही लेकिन साथ में जिस बेबाक तरीके से उन्होंने प्रदेश के निकायों में चल रही गड़बड़ झाला। की ओर इशारा किया है और उसको कटघरे में खडा किया है उससे अब राजनीतिक हल चल तेज हो गई है। उनका बयान साहब बता रहा है कि निकाय में सब। कुछ ठीक नहीं चल रहा है। इसके बाद भी प्रदेश सरकार। पूरे मामलों पर पर्दा डाले हुए है।
