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इतनी दूर से मै बाहर बैठने नहीं खेलने आया हूँ, बाहर बैठने पर रोहित शर्मा का बड़ा बयान आया सामने

अभी हाल ही में भारतीय क्रिकेट टीम ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट मैच सीरीज खेलने गई है और जिस तरीके से टेस्ट मैच सीरीज में भारत की बल्लेबाजी फ्लॉप हो रही है उसको लेकर क्रिकेट के विशेषज्ञ और हर भारतीय क्रिकेट प्रेमी कहीं न कहीं भारतीय बल्लेबाजों की आलोचना कर रहा है और इस आलोचना का सबसे ज्यादा शिकार हो रहे हैं टीम। के कप्तान रोहित शर्मा। क्योंकि रोहित शर्मा जिस मैच में नहीं थे वह पहला मैच जो जसप्रीत बुमराह की कप्तानी में खेला गया था वह भारत जरूर जीता था लेकिन उसके बाद लगातार भारत की बल्लेबाजी निराशाजनक रही है। कई क्रिकेट विशेषज्ञों ने तो रोहित शर्मा को रिटायरमेंट लेने तक की नसीहत दे। डाली थी और तमाम कयास लगाए जा रहे थे।। रोहित शर्मा अब अगला मैच नहीं खेलेंगे और ऐसा ही हुआ। जब पाँचवाँ मेच। यानी शुक्रवार को पर्थ में शुरू हुआ तो एलेवन प्लेयर्स में रोहित शर्मा का नाम नहीं था।

रोहित शर्मा मैच के दौरान पवेलियन में अकेले बैठे दिखाई दिए। उनके आस-पास टीम का कोई भी मेंबर नहीं था। रोहित शर्मा बाहर क्यों बैठे रहे 11? प्लेयर्स में हिस्सा क्यों नहीं हुए? इसको लेकर लोग रोहित शर्मा के बयान का इंतजार कर रहे थे।।रोहित शर्मा ने स्टार स्पोर्ट्स को दिए अपने एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में अपने बाहर बैठने को लेकर बडा बयान दिया है। उन्होंने अपने बाहर बैठने और अपने क्रिकेट करियर को लेकर तमाम ऐसी बातें कही हैं जो आज हर क्रिकेट प्रेमी को जानना जरूरी है। रोहित शर्मा ने उनके बाहर बैठने के प्रश्न पर कहा कि इतनी दूर मैं कोई बाहर बैठने नहीं आया हूँ, मैं क्रिकेट खेलने आया हूँ। इसका मतलब साफ है कि कहीं न कहीं उनके मन में भी क्रिकेट खेलने का पिच पे उतरने का और भारत को जिताने का कुछ न कुछ जज्बा रहा लेकिन इसके बावजूद।फिर वह बाहर क्यों बैठे रहे?इसके बारे में भी रोहित शर्मा ने आगे पूरी बात की।

रोहित शर्मा का साफ कहना था की 2007 से जब से वह भारतीय क्रिकेट टीम का हिस्सा है वह इस जुनून के साथ ही मैदान पर उतरते हैं कि भारत को जिताना है और इस जीत के लिए ही वह हमेशा प्रयास करते हैं और तमाम कोशिशें उनकी हमेशा यही रहती हैं कि कैसे न कैसे भारत। की टीम को जीत दिलाएं। कई बार ऐसा होता है कि फॉर्म में नहीं होते और इस समय भी उनका फॉर्म में न होना। उन्होंने खुद स्वीकार किया है उनका साफ कहना था कि जब मैं स्वयं फॉर्म में नहीं हूँ तो मुझे भी यह देखना होगा कि टीम को किस चीज की जरूरत है और टीम को जिस चीज की ज्यादा जरूरत हो वह चीज टीम को मिले। रोहित शर्मा ने अपने इस बयान से उन सभी अटकलों पर विराम लगा। दिया है जिसमें ऐसा समझा जा रहा था कि। रोहित को कुछ लोगों ने दबाव बनाकर बाहर बिठाया है लेकिन यहां रोहित शर्मा स्वयं यह महसूस कर रहे थे कि टीम को उनसे ज्यादा किसी और खिलाड़ी की जरूरत है और जो टीम के लिए जरूरी है वह करने के लिए उन्होंने खुद टीम से बाहर रहना बेहतर समझा।

आपको बता दें कि रोहित शर्मा 2007 से जब से भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेल रहे हैं। उन्होंने टेस्ट क्रिकेट वनडे क्रिकेट और में तमाम रिकॉर्ड स्थापित किए हैं। उनकी धमाकेदार फॉर्म जब भी रही हैं उन्होंने भारत की जीत के लिए कई ऐतिहासिक पारी खेली है लेकिन हर खिलाड़ी के जीवन में आउट ऑफ़ फॉर्म रहने का दौर आता है उससे भी रोहित कई बार गुजरे हैं। लेकिन जो बयानबाजी और जिस तरीके की चर्चाएं।रोहित शर्मा को लेकर इस समय ऑस्ट्रेलिया दौरे के दौरान हुई।वह पहले कभी नहीं हुई। यहां तक कि लोग रोहित शर्मा के रिटायरमेंट के लिए भी बात करने लगे। क्रिकेट विशेषज्ञ से लेकर पनवाड़ी की दुकान पर खड़े रहने वाला एक बिल्कुल क्रिकेट का जीरो ज्ञान वाला व्यक्ति भी रोहित को बैटिंग के गुर सिखाने की बातें कर रहा था और इसी बीच जब आखिरी मैच में यह देखा गया कि रोहित शर्मा बाहर मायूस बैठकर मैच देख रहे हैं। रोहित शर्मा के प्रशंसक बहुत आहत हुए।

रोहित शर्मा ने जिस तरह से बेबाकी के साथ स्टार स्पोर्ट्स पर अपना बयान दिया है वह साह बताता है कि रोहित शर्मा एक ऐसे खिलाड़ी रहे हैं जो खुद के लिए नहीं बल्कि अपने टीम के लिए खेले हैं।और आज भी जब उनको महसूस हुआ कि उनसे ज्यादा टीम को किसी और की जरूरत है तो उन्होंने खुद बाहर बैठना बेहतर समझा। और जिस तरीके से उन्होंने कहा है कि वे हमेशा भारत की जीत के लिए खेले हैं वह साफ बताता है कि कहीं न कहीं अपनी फॉर्म को लेकर वह चिंतित हैं और अपना फॉर्म बेहतर न होने के चलते ही उन्होंने यह बेहतर समझा कि यदि किसी और के होने से अच्छा प्रदर्शन कर सकती है तो क्यों न वह?बाहर बैठकर किसी और को मौका दें। एक कप्तान के रूप में भी रोहित शर्मा हमेशा नए खिलाड़ियों को मौका देने के लिए जाने जाते हैं और अब जिस तरह का बयान उन्होंने दिया है वह शाह बताता है कि उनके लिए स्वयं से ज्यादा टीम की जीत जरूरी है।

अपने रिटायरमेंट पर चल रही बयानबाजी को लेकर भी रोहित शर्मा ने साफ साफ बात कही है। उन्होंने साफ कहा है कि पाँच महीने बाद क्या होगा?छह महीने बाद क्या होगा इस तरह की बातों पर वह विश्वास नहीं रखते हैं। ऐसा उन्होंने इसलिए कहा।क्योंकि अभी ये चर्चाएं चल रही थी के कुछ महीनों बाद रोहित शर्मा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह देंगे लेकिन जिस तरीके से रोहित शर्मा ने इस सवाल का जवाब दिया है वह साफ बताता है कि कहीं न कहीं रोहित शर्मा यह मानते हैं कि अभी उनके अंदर कुछ न कुछ क्रिकेट बाकी है और वह कुछ समय बाहर रहकर फिर से अपनी फार्म वापस लाएंगे और भारत के लिए कुछ और अच्छी यादगार पारी खेलेंगे। 

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